फैक्ट चेक: पाकिस्तानी अकाउंट ने एआई की सहायता से भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख का बयान बदला

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फैक्ट चेक: पाकिस्तानी अकाउंट ने एआई की सहायता से भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख का बयान बदला

सारांश

पाकिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल मनोज पांडे के बयान को फर्जी तरीके से प्रस्तुत किया गया है। जानें कैसे फैक्ट चेक ने इस झूठे प्रोपेगैंडा का पर्दाफाश किया।

मुख्य बातें

फर्जी वीडियो का पहचान करना महत्वपूर्ण है।
सत्यापन के लिए हमेशा विश्वसनीय स्रोत का सहारा लें।
पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा का उद्देश्य भारतीय सेना को कमजोर करना है।
एआई का दुरुपयोग गंभीर चिंता का विषय है।
सुरक्षा खतरों के प्रति सजग रहना आवश्यक है।

नई दिल्ली, १६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के बीच पाकिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा भारत के खिलाफ फर्जी जानकारी फैलाने का प्रयास जारी है। भारत के प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो और विदेश मंत्रालय के फैक्ट चेक अकाउंट्स लगातार पाकिस्तान के इस झूठे प्रोपेगैंडा का खुलासा कर रहे हैं।

हाल ही में पीआईबी ने जानकारी दी कि पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट्स एक फर्जी वीडियो फैलाने में लगे हैं। इस वीडियो में पूर्व आर्मी चीफ, जनरल मनोज पांडे (रिटायर्ड), को भारतीय सेना के बारे में गलत बयान देते हुए दिखाया गया है।

पीआईबी फैक्ट चेक ने एआई-जनरेटेड फेक वीडियो और असली वीडियो का विश्लेषण करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "सावधान! यह एक डीपफेक वीडियो है। पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज पांडे (रिटायर्ड) ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट्स इस प्रकार के परिवर्तित वीडियो को एक समन्वित डिसइन्फॉर्मेशन कैंपेन के तहत फैला रहे हैं, ताकि जनता को भ्रमित किया जा सके और भारतीय सेना पर भरोसा कम किया जा सके। जानकारी साझा करने से पहले हमेशा आधिकारिक स्रोत से सत्यापन करें।"

हालांकि, एआई की मदद से संपादित किए गए वीडियो में पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज पांडे (रिटायर्ड) को इजरायल के समर्थन के नुकसान के बारे में बोलते हुए दिखाया गया है। उनमें कहा गया है कि इसका सबसे बड़ा नुकसान यह है कि हमारी भारतीय सेना को हमेशा एक नैतिक बल बनने की प्रशिक्षण दी गई थी।

फर्जी वीडियो में आगे कहा जाता है, "मेरी बात याद रखें, यह हालात पूरी तरह से बगावत की दिशा में बढ़ रहे हैं। हमने देखा है कि असम में क्या हो रहा है। हमारी आर्मी को इजरायली प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिनका पहला निर्देश यह होता है कि सभी मुस्लिम, सिख, रेंगमा और कुकी इंसान नहीं हैं। पहले उन्हें मानवता से दूर करना सिखाया जाता है और फिर उन पर अत्याचार किया जाता है। यह ठीक नहीं है। अगर यह जारी रहा, तो इससे आंतरिक बगावत हो जाएगी।"

वास्तव में, पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज पांडे (रिटायर्ड) ने कहा था, "हमें न केवल वर्तमान सुरक्षा खतरों को समझना चाहिए, बल्कि भविष्य की चुनौतियों का भी अनुमान लगाना चाहिए। जब आप भविष्य का अनुमान लगाते हैं, तो आपको उसी के अनुसार तैयारी करनी चाहिए। आपकी क्षमताएं ऐसी होनी चाहिए जो आपको भविष्य की लड़ाइयों में सफल बनाएं। इसलिए सेना को भविष्य के लिए तैयार रहना चाहिए। सामान्यतः सेनाओं पर पूर्व की लड़ाइयों की तैयारी का आरोप लगाया जाता है। आपको उसी के अनुसार तैयारी करनी होगी, लेकिन यह पर्याप्त नहीं होगा। हमें यह याद रखना होगा कि हम नई पीढ़ी की क्षमताएं प्राप्त कर रहे हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह महत्वपूर्ण है कि हम फर्जी समाचारों के खिलाफ खड़े हों। पाकिस्तान की ओर से फैलाए जा रहे इस प्रोपेगैंडा का उद्देश्य भारतीय सेना की छवि को धूमिल करना है। हमें हमेशा सत्य और आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करना चाहिए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या जनरल मनोज पांडे का वीडियो सच है?
नहीं, यह एक फर्जी वीडियो है जिसे एआई की सहायता से बनाया गया है।
पाकिस्तान के प्रोपेगैंडे का उद्देश्य क्या है?
इनका उद्देश्य भारतीय सेना की छवि को धूमिल करना और जनता को गुमराह करना है।
वीडियो के सत्यापन के लिए क्या करना चाहिए?
जानकारी साझा करने से पहले हमेशा आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोत से सत्यापन करें।
क्या हमें एआई जनरेटेड सामग्री पर भरोसा करना चाहिए?
नहीं, एआई जनरेटेड सामग्री को हमेशा संदेह के साथ देखना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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