फैक्ट चेक: विदेश मंत्री एस. जयशंकर का भ्रामक वीडियो, पीआईबी ने किया खंडन

Click to start listening
फैक्ट चेक: विदेश मंत्री एस. जयशंकर का भ्रामक वीडियो, पीआईबी ने किया खंडन

सारांश

इजरायल और अफगानिस्तान से जुड़े एक फर्जी वीडियो को लेकर पीआईबी ने किया खंडन। जानें इस वीडियो के पीछे की सच्चाई और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के वास्तविक बयान के बारे में।

Key Takeaways

  • पीआईबी ने विदेश मंत्री का एक फर्जी वीडियो खंडित किया है।
  • वीडियो पाकिस्तान के प्रोपेगैंडा का हिस्सा है।
  • डीपफेक वीडियो तकनीक का उपयोग किया गया है।
  • भारत की छवि को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।
  • सत्यता की जांच करना जरूरी है।

नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच होने वाले संघर्ष इस समय विश्व भर में एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय बन गए हैं। कई देश मिडिल ईस्ट में फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के प्रयासों में जुटे हैं। इस बीच, विभिन्न प्रकार के फर्जी वीडियो और खबरें भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही हैं। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने हाल ही में राज्यसभा में मिडिल ईस्ट के तनाव के संदर्भ में भारत द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी साझा की। इस दौरान, विदेश मंत्री का एक डीपफेक वीडियो सामने आया, जिसका पीआईबी ने फैक्ट चेक किया है।

पीआईबी ने इस वीडियो को फर्जी करार देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, "पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा अकाउंट्स विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर का एक डिजिटल रूप से संशोधित वीडियो साझा कर रहे हैं, जिसमें यह झूठा दावा किया गया है कि उन्होंने कहा कि भारत मुस्लिम देशों द्वारा इजरायल को परेशान किए जाने को बर्दाश्त नहीं करेगा और इजरायल ने हाल ही में भारत के कहने पर अफगान तालिबान को 3 बिलियन डॉलर दिए हैं। सावधान! यह एक एआई-जनरेटेड डीपफेक वीडियो है जिसे लोगों को गुमराह करने के लिए साझा किया गया है।"

इस डीपफेक वीडियो में विदेश मंत्री को यह कहते हुए सुना जा सकता है, "जिन देशों को दबाया जाता है, भारत हमेशा उन देशों के साथ खड़ा रहा है। इजरायल को सबसे अधिक दबाया गया है। ईरान और अन्य मुस्लिम देशों ने उसे लगातार परेशान किया है। भारत चुपचाप सभी मुस्लिम देशों को इजरायल को परेशान करते हुए नहीं देखेगा। हम गर्व से इजरायल के साथ खड़े हैं। जो कोई भी इसके उलट सोचता है, उसका पाकिस्तान जाने का स्वागत है, क्योंकि भारत इजरायल के लिए किसी भी तरह की नफरत को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। इजरायल ने हाल ही में भारत के कहने पर अफगान तालिबान को तीन बिलियन डॉलर की मदद दी है। हम उनका यह एहसान कभी नहीं चुका सकते। हमारा अगला लक्ष्य अब पाकिस्तान है।"

वास्तव में, ओरिजिनल वीडियो में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, "विदेश मंत्रालय ने इराक की गैर-जरूरी यात्रा से क्यों परहेज किया है? जो लोग पहले से वहां रह रहे हैं, उनसे दूतावास में रजिस्टर करने, सही प्रक्रिया अपनाने और दूतावास की वेबसाइट और सोशल मीडिया पर नजर रखने की अपील की गई है।"

इससे एक दिन पहले, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें यह दावा किया गया कि भारत ने ईरान के युद्धपोत आईआरआईएस डेना की लोकेशन से जुड़ी जानकारी इजरायल को दी थी।

हालांकि, यह दावा पूरी तरह से झूठ और भ्रम फैलाने वाला है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस झूठी खबर फैलाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से एक फर्जी वीडियो तैयार किया गया। पाकिस्तानी एजेंसी से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स ने इस फर्जी वीडियो को बढ़ावा दिया। इसके माध्यम से लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई है।

वास्तव में, यह भ्रामक और फर्जी सामग्री पाकिस्तान के इंटर सर्विसेस पब्लिक रिलेशन (आईएसपीआर) से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा फैलायी गई। आईएसपीआर का इकोसिस्टम इस झूठ में संलिप्त है। यह जानबूझकर दुर्भावनापूर्ण फैलाने के इरादे से किया गया कृत्य था। यह पूरी कार्रवाई पाकिस्तान के इंटर सर्विसेस पब्लिक रिलेशन से जुड़े दुष्प्रचार पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा है। इन खातों ने डिजिटल रूप से बदले गए वीडियो के माध्यम से भारत के बारे में गलत धारणा बनाने की कोशिश की।

यह वीडियो एआई द्वारा निर्मित और डिजिटल रूप से परिवर्तित है, जिसमें रायसीना वार्ता में सेना प्रमुख के भाषण का फुटेज उपयोग किया गया है। इस फुटेज को जानबूझकर भ्रामक कहानी गढ़ने के लिए संपादित किया गया है। फर्जी वीडियो के जरिए यह दावा किया गया है कि भारत ने जहाज की लोकेशन इजरायल के साथ साझा की। यह बात पूरी तरह से झूठ और निराधार है।

Point of View

वह एक डिजिटली संपादित सामग्री है। इससे देश की छवि को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है। हमें इस प्रकार के भ्रामक समाचारों से सतर्क रहना चाहिए।
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

क्या विदेश मंत्री का वीडियो सच है?
नहीं, यह एक डीपफेक वीडियो है जिसे पीआईबी ने खंडित किया है।
वीडियो में क्या दावा किया गया है?
वीडियो में यह कहा गया है कि भारत ने इजरायल को अफगान तालिबान को 3 बिलियन डॉलर देने के लिए कहा।
पीआईबी ने क्या कहा?
पीआईबी ने इस वीडियो को फर्जी बताते हुए इसे पाकिस्तान के प्रोपेगैंडा का हिस्सा कहा।
डीपफेक वीडियो क्या होता है?
डीपफेक वीडियो एक ऐसी तकनीक है जिसमें वास्तविक वीडियो को डिजिटल रूप से संपादित किया जाता है।
इस वीडियो के पीछे कौन है?
यह वीडियो पाकिस्तान के इंटर सर्विसेस पब्लिक रिलेशन से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा फैलाया गया।
Nation Press