PIB फैक्ट चेक ने खारिज किया फर्जी वीडियो, MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के नाम पर फैलाए जा रहे झूठे दावे
सारांश
मुख्य बातें
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की आधिकारिक पीआईबी फैक्ट चेक इकाई ने 7 मई 2026 को उन भ्रामक दावों को सिरे से खारिज किया, जिनमें विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा था। PIB के अनुसार, यह वीडियो पाकिस्तान समर्थित प्रोपेगेंडा अकाउंट्स द्वारा फैलाया जा रहा है और पूरी तरह फर्जी एवं भ्रामक है।
वायरल वीडियो में क्या दावा किया गया
सोशल मीडिया पर प्रसारित इस फर्जी वीडियो में दावा किया गया कि पाकिस्तान के साथ संघर्ष के दौरान भारत ने चार राफेल लड़ाकू विमान खो दिए। इसके अलावा, वीडियो में यह भी झूठा दावा किया गया कि भारत के पास पाकिस्तान को पानी का बहाव रोकने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचा था। PIB ने स्पष्ट किया कि इन दोनों दावों का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
PIB फैक्ट चेक की आधिकारिक प्रतिक्रिया
PIB ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर पोस्ट करते हुए कहा, ''पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट्स MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल का वीडियो फैला रहे हैं, जिसमें वह कह रहे हैं कि पाकिस्तान के साथ संघर्ष के दौरान भारत ने चार राफेल लड़ाकू विमान खो दिए। इस वीडियो में यह झूठा दावा भी किया गया है कि भारत के पास पाकिस्तान को पानी का बहाव रोकने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा था।'' PIB ने इस वीडियो को पूरी तरह गलत और भ्रामक करार दिया।
ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगाँठ पर फैलाया जा रहा भ्रम
गौरतलब है कि यह प्रोपेगेंडा ऐसे समय फैलाया जा रहा है जब 7 मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के एक वर्ष पूरे हो रहे हैं। विश्लेषकों के अनुसार, इस संवेदनशील अवसर का लाभ उठाकर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। भारत ने इस अवसर पर आतंकवाद के प्रति अपनी 'जीरो टॉलरेंस' नीति को एक बार फिर रेखांकित किया।
विदेश मंत्री जयशंकर का बयान
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा, ''एक साल पहले 'ऑपरेशन सिंदूर' ने पाकिस्तान से होने वाले सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ खुद की रक्षा करने के देश के संकल्प को प्रदर्शित किया था। भारत ने अपने निर्णायक कदमों से आतंकवादी गतिविधियों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित की, इस बात पर जोर दिया कि शांति और सुरक्षा के लिए ऐसे गंभीर खतरे का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आतंकवाद के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' का संदेश देने के लिए मजबूती और दृढ़ता के साथ खड़ा है।''
डिजिटल सतर्कता क्यों ज़रूरी है
यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के दौरान सोशल मीडिया पर गलत सूचनाओं का प्रसार तेज़ हो जाता है। नागरिकों से अपील की जाती है कि वे किसी भी वायरल वीडियो या दावे को साझा करने से पहले PIB फैक्ट चेक जैसे आधिकारिक स्रोतों से सत्यापित करें। आने वाले दिनों में भी ऐसे प्रोपेगेंडा प्रयासों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।