क्या पाकिस्तानी अकाउंट्स राष्ट्रपति मुर्मू का एआई-जनरेटेड वीडियो शेयर कर रहे हैं?

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क्या पाकिस्तानी अकाउंट्स राष्ट्रपति मुर्मू का एआई-जनरेटेड वीडियो शेयर कर रहे हैं?

सारांश

नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। पीआईबी फैक्ट चेक ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एआई-जनरेटेड वीडियो को चिह्नित किया है। यह वीडियो पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा का हिस्सा है, जिसमें झूठे दावे किए गए हैं। जानें पूरी सच्चाई और इससे संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति मुर्मू का एआई-जनरेटेड वीडियो झूठा है।
पीआईबी ने इसे गुमराह करने वाला बताया।
झूठे दावों की रिपोर्टिंग करें।
सत्यापित जानकारी साझा करें।
जल्दी अमीर बनने के जाल से बचें।

नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। पीआईबी फैक्ट चेक ने बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एक एआई-जनरेटेड वीडियो को चिन्हित किया, जिसने पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा की वास्तविकता को उजागर किया है।

कुछ पाकिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट्स ने यह झूठा दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति मुर्मू का उपयोग राफेल लड़ाकू विमानों के प्रचार के लिए कर रहे हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में, पीआईबी फैक्ट चेक ने कहा, "पाकिस्तानी प्रोपेगंदा अकाउंट्स राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के इस एआई-जनरेटेड वीडियो को झूठे दावों के साथ साझा कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी राफेल के प्रचार के लिए उनका उपयोग कर रहे हैं।"

इस एआई जनरेटेड वीडियो में राष्ट्रपति मुर्मू की नकल करते हुए एक आवाज सुनाई दे रही है, जिसमें कहा जा रहा है कि मोदी सरकार उन्हें राफेल से संबंधित प्रचार में शामिल होने के लिए ‘ब्लैकमेल’ कर रही है।

फर्जी वायरल क्लिप में यह दावा किया गया है, "मैं देशवासियों से अनुरोध करती हूं कि मोदी सरकार ने मुझे ब्लैकमेल किया और राफेल में बैठने का आदेश दिया। अगर मुझे कुछ हुआ, तो पीएम मोदी इसके जिम्मेदार होंगे।"

पीआईबी फैक्ट चेक ने इन दावों को पूरी तरह नकारते हुए कहा कि भारत के राष्ट्रपति ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।

उन्होंने आगे चेतावनी दी कि यह वीडियो एआई द्वारा तैयार किया गया है और इसका उद्देश्य जनता को गुमराह करना है।

फैक्ट-चेकिंग इकाई ने प्रामाणिक, बिना एआई द्वारा सम्पादित वीडियो का लिंक भी साझा किया और यूजर्स से अपील की कि वे ऐसी गलत सूचनाओं की तुरंत आधिकारिक चैनलों के जरिए रिपोर्ट करें।

यह एआई द्वारा तैयार की गई गलत सूचनाओं को चिह्नित करने का पीआईबी का पहला मामला नहीं है। सोमवार को, इसने यूजर्स को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के एक और एआई-छेड़छाड़ वाले वीडियो के बारे में भी चेतावनी दी, जिसमें झूठा निवेश कार्यक्रम पेश किया गया था।

एजेंसी ने नागरिकों से ऐसे जल्दी अमीर बनने के जाल से सावधान रहने की सलाह दी और उन्हें वित्तीय निर्णय लेने से पहले किसी भी दावे की पुष्टि करने को कहा। पीआईबी ने चेतावनी दी कि ऐसे जल्दी अमीर बनने के जाल में न फंसें! सतर्क रहेंसूचित रहें। शेयर करने से पहले सत्यापित करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

मेरा दृष्टिकोण यह है कि हमें हमेशा सच्चाई की खोज करनी चाहिए। इस तरह की गलत सूचनाएं समाज में भ्रम पैदा कर सकती हैं। हमें सावधान रहने की जरूरत है और किसी भी दावे की पुष्टि करने से पहले उसे समझना चाहिए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या राष्ट्रपति मुर्मू ने वाकई ऐसा बयान दिया?
नहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।
पीआईबी फैक्ट चेक क्या है?
पीआईबी फैक्ट चेक एक सरकारी संस्था है जो गलत सूचनाओं का सत्यापन करती है।
क्या एआई द्वारा जनरेटेड वीडियो वास्तविक होते हैं?
नहीं, एआई द्वारा जनरेटेड वीडियो हमेशा वास्तविक नहीं होते, और इन्हें सावधानी से देखना चाहिए।
क्या हमें ऐसे वीडियो को शेयर करना चाहिए?
नहीं, ऐसे वीडियो को शेयर करने से पहले सत्यापन करना आवश्यक है।
क्या हमें वित्तीय निर्णय लेते समय सतर्क रहना चाहिए?
हां, वित्तीय निर्णय लेते समय हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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