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राजनाथ सिंह का BLA समर्थन वाला दावा फर्जी, PIB फैक्ट चेक ने पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा का भंडाफोड़ किया

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राजनाथ सिंह का BLA समर्थन वाला दावा फर्जी, PIB फैक्ट चेक ने पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा का भंडाफोड़ किया

सारांश

पाकिस्तान समर्थित सोशल मीडिया हैंडल्स ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का BLA समर्थन वाला फर्जी बयान वायरल किया — PIB फैक्ट चेक ने इसे मनगढ़ंत करार दिया। यह उसी दुष्प्रचार अभियान की कड़ी है जिसमें वाइस एडमिरल प्रमोद का AI-निर्मित डीपफेक वीडियो भी फैलाया गया था।

मुख्य बातें

पीआईबी फैक्ट चेक ने 25 मई 2025 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) समर्थन वाले दावे को पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत बताया।
पाकिस्तान से जुड़े प्रोपेगेंडा सोशल मीडिया हैंडल्स ने यह झूठा दावा वायरल किया था।
इससे पहले वाइस एडमिरल ए.एन.
प्रमोद का एक AI-निर्मित डीपफेक वीडियो फैलाया गया था, जिसमें 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान द्वारा भारतीय ठिकानों पर हमले का झूठा दावा था।
फैक्ट चेक यूनिट ने वह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार पाया।
नागरिक संदिग्ध सामग्री की शिकायत व्हाट्सऐप नंबर 8799711259 पर पीआईबी फैक्ट चेक को कर सकते हैं।

सरकार की आधिकारिक फैक्ट चेक एजेंसी पीआईबी फैक्ट चेक ने 25 मई 2025 को स्पष्ट किया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) को भारत का समर्थन देने संबंधी वायरल दावा पूरी तरह मनगढ़ंत और निराधार है। पाकिस्तान से जुड़े प्रोपेगेंडा सोशल मीडिया हैंडल्स द्वारा फैलाया जा रहा यह दुष्प्रचार जाँच में खारिज हो गया।

क्या था वायरल दावा

पाकिस्तान समर्थित सोशल मीडिया अकाउंट्स यह प्रचारित कर रहे थे कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी को भारत का खुला समर्थन देने का बयान दिया है। यह दावा तेज़ी से वायरल हुआ और कई प्लेटफॉर्म पर फैल गया। हालाँकि जाँच में यह दावा पूरी तरह झूठा और भ्रामक पाया गया — रक्षा मंत्री ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया।

पीआईबी फैक्ट चेक की कार्रवाई

पीआईबी फैक्ट चेक ने सोमवार को इस संबंध में सार्वजनिक जानकारी जारी करते हुए दावे को फर्जी और मनगढ़ंत करार दिया। एजेंसी ने नागरिकों को सलाह दी कि भारत सरकार के खिलाफ झूठे नैरेटिव फैलाने वाले अकाउंट्स से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध पोस्ट को बिना सत्यापन के साझा न करें।

डीपफेक वीडियो का पुराना मामला भी जुड़ा

गौरतलब है कि इससे कुछ दिन पहले पाकिस्तान से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल्स ने भारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद का एक कथित तौर पर संपादित वीडियो साझा किया था। इस वीडियो में झूठा दावा किया गया था कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान ने भारतीय विमानों और वायुसेना ठिकानों को निशाना बनाया था।

फैक्ट चेक यूनिट की जाँच में यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से तैयार किया गया डीपफेक पाया गया। वाइस एडमिरल प्रमोद के चेहरे और आवाज के साथ छेड़छाड़ कर जाली वीडियो बनाया गया था, जिसका उद्देश्य जनता को गुमराह करना था।

सरकार की अपील और शिकायत प्रक्रिया

केंद्र सरकार रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गलत सूचनाओं पर लगातार निगरानी रख रही है। नागरिक किसी भी संदिग्ध सामग्री की शिकायत सीधे पीआईबी फैक्ट चेक को व्हाट्सऐप नंबर 8799711259 पर भेज सकते हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे दुष्प्रचार अभियानों का तत्काल खंडन किया जाएगा।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

साइबर सुरक्षा और मीडिया विशेषज्ञों के अनुसार, भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान इस तरह के सूचना युद्ध के प्रयास तेज़ हो जाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध संवेदनशील दौर से गुज़र रहे हैं। विशेषज्ञ नागरिकों से आग्रह करते हैं कि सरकारी अधिकारियों से जुड़े किसी भी बयान या वीडियो को केवल आधिकारिक सरकारी स्रोतों से ही सत्यापित करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

पैटर्न स्पष्ट है: आधिकारिक चेहरों और आवाज़ों का दुरुपयोग कर भारतीय जनमत को भ्रमित करना। पीआईबी फैक्ट चेक की त्वरित प्रतिक्रिया सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि खंडन उतनी तेज़ी से वायरल क्यों नहीं होता जितनी तेज़ी से झूठ फैलता है। सरकार को केवल खंडन की नहीं, बल्कि डिजिटल साक्षरता और प्लेटफॉर्म जवाबदेही की दीर्घकालिक नीति की ज़रूरत है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजनाथ सिंह के BLA समर्थन वाला वायरल दावा क्या था?
पाकिस्तान से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल्स यह प्रचारित कर रहे थे कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी को भारत का समर्थन देने का बयान दिया है। पीआईबी फैक्ट चेक ने इसे पूरी तरह मनगढ़ंत करार दिया — राजनाथ सिंह ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया।
पीआईबी फैक्ट चेक क्या है और इसने क्या कहा?
पीआईबी फैक्ट चेक भारत सरकार की आधिकारिक तथ्य-जाँच एजेंसी है जो सरकार से जुड़ी गलत सूचनाओं का खंडन करती है। एजेंसी ने 25 मई 2025 को स्पष्ट किया कि वायरल दावा भ्रामक है और नागरिकों से बिना सत्यापन के ऐसी पोस्ट साझा न करने की अपील की।
वाइस एडमिरल प्रमोद का डीपफेक वीडियो क्या था?
पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स ने भारतीय नौसेना के वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद का एक AI-निर्मित डीपफेक वीडियो फैलाया, जिसमें झूठा दावा था कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान ने भारतीय विमानों और वायुसेना ठिकानों को निशाना बनाया। फैक्ट चेक यूनिट ने इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार जाली वीडियो पाया।
फर्जी सरकारी खबरों की शिकायत कहाँ करें?
केंद्र सरकार से जुड़ी किसी भी संदिग्ध या भ्रामक सामग्री की शिकायत पीआईबी फैक्ट चेक को व्हाट्सऐप नंबर 8799711259 पर की जा सकती है। एजेंसी ऐसी शिकायतों की जाँच कर तत्काल खंडन जारी करती है।
इस तरह के दुष्प्रचार से कैसे बचें?
किसी भी सरकारी अधिकारी के बयान या वीडियो को केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइट या सत्यापित सरकारी सोशल मीडिया हैंडल से ही सत्यापित करें। संदिग्ध पोस्ट को बिना जाँचे साझा न करें और पीआईबी फैक्ट चेक को तुरंत सूचित करें।
राष्ट्र प्रेस
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