11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

रक्षा मंत्री ने प्रस्तुत किया डिफेंस फोर्सेज विजन 2047: भारतीय सेना का भविष्य का खाका

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
रक्षा मंत्री ने प्रस्तुत किया डिफेंस फोर्सेज विजन 2047: भारतीय सेना का भविष्य का खाका

सारांश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 2047 तक भारतीय सेना को मजबूत और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के लिए एक नया दृष्टि दस्तावेज जारी किया। यह योजना सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयारी को दर्शाती है।

मुख्य बातें

डिफेंस फोर्सेज विजन 2047 का उद्देश्य भारतीय सेना को आधुनिक बनाना है।
रणनीतिक सुधार और क्षमता वृद्धि पर जोर दिया गया है।
थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बीच सहयोग बढ़ाना महत्वपूर्ण है।
आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए घरेलू उत्पादन पर ध्यान दिया जाएगा।
दस्तावेज में लक्ष्यों के अनुसार चरणबद्ध विकास की योजना है।

नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण सैन्य दृष्टि दस्तावेज जारी किया। यह दस्तावेज ‘डिफेंस फोर्सेज विजन 2047: भविष्य के लिए तैयार भारतीय सेना का रोडमैप’ के नाम से जाना जाता है।

यह एक विस्तृत योजना दस्तावेज है जिसे हेडक्वार्टर इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ द्वारा तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य है कि 2047 तक भारतीय सेना को आधुनिक, एकीकृत और तकनीकी रूप से अत्यधिक उन्नत बनाया जाए। सरकार का मानना है कि ऐसा करके विकसित भारत के स्वप्न को साकार किया जा सकेगा।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस दस्तावेज में कहा गया है कि बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय परिस्थितियों, नई तकनीक और सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर सेना में रणनीतिक सुधार, क्षमता वृद्धि और संस्थानिक बदलाव करना आवश्यक है।

दस्तावेज में निर्दिष्ट किया गया है कि भारतीय सेना को भविष्य में एकीकृत, बहु-डोमेन और अत्यधिक चपल बल में परिवर्तित किया जाएगा। इसका मतलब है कि भारतीय सेना भविष्य के किसी भी खतरे का प्रभावी ढंग से सामना कर सकेगी, शत्रुओं को रोक सकेगी और देश के बढ़ते रणनीतिक हितों की सुरक्षा कर सकेगी।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस योजना का एक महत्वपूर्ण घटक है थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बीच तालमेल और सहयोग को बढ़ाना। यह सैन्य योजना बनाने, अभियानों को लागू करने और नई क्षमताओं को विकसित करने में सहायक होगा। सभी सेनाएं मिलकर तेज़, सटीक और प्रभावी तरीके से अपने मिशन और लक्ष्यों को पूरा कर पाएंगी।

भविष्य के युद्धों को ध्यान में रखते हुए, इस सैन्य दस्तावेज में नवाचार, उन्नत तकनीक और आधुनिक प्रशिक्षण को विशेष महत्व दिया गया है। इसका तात्पर्य है कि सेना नई तकनीकों को अपनाएगी और बदलती परिस्थितियों के अनुसार त्वरित रूप से समायोजित हो सकेगी। विजन-2047 दस्तावेज में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर भी जोर दिया गया है। इसमें देश में निर्मित तकनीकों और उपकरणों का उपयोग बढ़ाना और घरेलू रक्षा उत्पादन को सशक्त बनाना शामिल है।

इससे न केवल सेना मजबूत होगी, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और उद्योग को भी लाभ होगा। यह सभी चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। दस्तावेज में लघु अवधि, मध्य अवधि और दीर्घ अवधि के लिए लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इन लक्ष्यों के आधार पर सैन्य क्षमताओं का विकास, संस्थागत सुधार और रणनीतिक सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा। भविष्य की जटिल सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, दस्तावेज में समग्र राष्ट्रीय दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया है।

इसका तात्पर्य है कि सेना की ताकत को कूटनीति, तकनीकी और आर्थिक ताकत के साथ जोड़कर देश की सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा। इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी, वायुसेना प्रमुख ए पी सिंह, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस विजन दस्तावेज का उद्देश्य स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक भारतीय सेना को वैश्विक स्तर पर सम्मानित, तकनीकी रूप से उन्नत और युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार करना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह देश की सुरक्षा नीति में एक नया दृष्टिकोण भी प्रस्तुत करता है। रणनीतिक सुधार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाली यह योजना राष्ट्रीय हित में है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डिफेंस फोर्सेज विजन 2047 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य 2047 तक भारतीय सेना को आधुनिक, एकीकृत और तकनीकी रूप से उन्नत बनाना है।
इस दस्तावेज में कौन सी प्रमुख बातें शामिल हैं?
दस्तावेज में सेना में रणनीतिक सुधार, क्षमता वृद्धि, और नवाचार पर जोर दिया गया है।
भारतीय सेना को भविष्य में कैसे तैयार किया जाएगा?
भारतीय सेना को एकीकृत, बहु-डोमेन और अत्यधिक चपल बल के रूप में तैयार किया जाएगा।
क्या यह योजना आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती है?
हाँ, इस योजना में देश में निर्मित तकनीकों और उपकरणों का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
इस दस्तावेज का प्रमुख लक्ष्य क्या है?
इसका लक्ष्य स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक भारतीय सेना को वैश्विक स्तर पर सम्मानित बनाना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले