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क्या भारत 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपए के रक्षा उत्पादन लक्ष्य को हासिल कर पाएगा?

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क्या भारत 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपए के रक्षा उत्पादन लक्ष्य को हासिल कर पाएगा?

सारांश

भारत रक्षा उत्पादन में तेजी से प्रगति कर रहा है। क्या आप जानना चाहेंगे कि यह लक्ष्य कैसे हासिल होगा और इसके पीछे क्या नीतियाँ हैं?

मुख्य बातें

भारत ने 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपए का रक्षा उत्पादन लक्ष्य रखा है।
वित्त वर्ष 2024-25 में 1.54 लाख करोड़ रुपए का रक्षा उत्पादन दर्ज किया गया।
भारत का रक्षा बजट 6.81 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
डिफेंस सेक्टर में निजी क्षेत्र का योगदान 21 प्रतिशत है।
भारत 100 से अधिक देशों को रक्षा उपकरणों का निर्यात करता है।

नई दिल्ली, 8 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत अपने घरेलू रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है। देश ने चालू वित्त वर्ष में रक्षा उत्पादन को 1.75 लाख करोड़ रुपए और 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे भारत की स्थिति ग्लोबल डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में मजबूत होगी। देश ने 'आत्मनिर्भर भारत' की शक्ति का प्रदर्शन करते हुए वित्त वर्ष 2024-25 में 1.54 लाख करोड़ रुपए का रक्षा उत्पादन दर्ज किया है, जो कि अब तक का सर्वाधिक रक्षा उत्पादन है।

केंद्र सरकार के अनुसार, देश का स्वदेशी रक्षा उत्पादन वित्त वर्ष 2014-15 के 46,429 करोड़ रुपए की तुलना में 174 प्रतिशत की शानदार वृद्धि के साथ वित्त वर्ष 2023-24 में रिकॉर्ड 1,27,434 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।

पिछले कुछ वर्षों में रक्षा बजट में भी वृद्धि देखी गई है। देश का रक्षा बजट 2013-14 के 2.53 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर चालू वित्त वर्ष में अनुमानित 6.81 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।

आधिकारिक बयान के अनुसार, देश के कुल रक्षा उत्पादन में डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (डीपीएसयूज) और अन्य सरकारी उपक्रमों की 77 प्रतिशत हिस्सेदारी है। जबकि शेष 23 प्रतिशत का योगदान निजी क्षेत्र का है। वित्त वर्ष 2023-24 में निजी क्षेत्र का यह योगदान 21 प्रतिशत दर्ज किया गया था, जो कि वित्त वर्ष 2024-25 में 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

निर्यात के क्षेत्र में भी भारत शानदार प्रगति कर रहा है। रक्षा उपकरणों के निर्यात की बात करें तो सरकारी आंकड़े बताते हैं कि भारत वर्तमान में अमेरिका, फ्रांस और आर्मेनिया सहित 100 से अधिक देशों को रक्षा उपकरणों का निर्यात करता है। देश का रक्षा निर्यात वित्त वर्ष 2013-14 में मात्र 686 करोड़ था, जो कि वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 23,622 करोड़ रुपए हो गया है।

भारत की उत्पादन क्षमता का प्रमाण इस तथ्य से मिलता है कि वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान देश ने लगभग 80 देशों को गोला-बारूद, हथियार, सब-सिस्टम, कंप्लीट सिस्टम और महत्वपूर्ण घटकों सहित उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला निर्यात की है। यह ग्लोबल डिफेंस सप्लाई चेन में भारत के एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में उभरने को दर्शाता है।

डिफेंस सेक्टर की यह उपलब्धि पीएम मोदी की रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाली सशक्त नीतियों का परिणाम है। देश के रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयास देश के मिलिट्री इंडस्ट्रियल बेस को लगातार सशक्त बना रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। यह समय है जब हमें अपने देश की क्षमता पर गर्व महसूस करना चाहिए।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत का रक्षा उत्पादन लक्ष्य क्या है?
भारत ने 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपए का रक्षा उत्पादन लक्ष्य रखा है।
भारत का वर्तमान रक्षा बजट कितना है?
भारत का रक्षा बजट चालू वित्त वर्ष में अनुमानित 6.81 लाख करोड़ रुपए है।
भारत किस तरह के रक्षा उपकरणों का निर्यात करता है?
भारत अमेरिका, फ्रांस और आर्मेनिया सहित 100 से अधिक देशों को रक्षा उपकरणों का निर्यात करता है।
डिफेंस सेक्टर में निजी क्षेत्र का योगदान कितना है?
डिफेंस सेक्टर में निजी क्षेत्र का योगदान वित्त वर्ष 2023-24 में 21 प्रतिशत था।
भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता का प्रमाण क्या है?
भारत ने वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 80 देशों को रक्षा उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला निर्यात की है।
राष्ट्र प्रेस
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