सोना ₹2,154 और चांदी ₹3,328 टूटी, MCX पर 1.4% की गिरावट; पश्चिम एशिया तनाव से बाज़ार दबाव में
सारांश
मुख्य बातें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) पर बुधवार, 10 जून को कीमती धातुओं में तीखी बिकवाली देखी गई — अगस्त डिलीवरी सोना 1.41 प्रतिशत यानी ₹2,154 की गिरावट के साथ ₹1,50,289 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि जुलाई डिलीवरी चांदी 1.40 प्रतिशत यानी ₹3,328 लुढ़ककर ₹2,35,200 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नज़र आई। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बाज़ारों में व्याप्त अनिश्चितता को इस गिरावट की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
दिन का उतार-चढ़ाव
सत्र की शुरुआत में MCX अगस्त वायदा सोना ₹1,49,926 प्रति 10 ग्राम पर खुला और दिन के निचले स्तर ₹1,49,500 प्रति 10 ग्राम तक फिसला — जो खुलने के मुकाबले करीब 2 प्रतिशत की गिरावट है। इसी तरह MCX सिल्वर जुलाई वायदा ₹2,34,009 प्रति किलोग्राम पर खुला और दिन के निम्नतम स्तर ₹2,33,400 प्रति किलोग्राम तक लुढ़का।
हाजिर बाज़ार का हाल
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, बीते मंगलवार को 999 प्यूरिटी वाला सोना ₹1,52,519 प्रति 10 ग्राम पर था, जबकि 999 प्यूरिटी वाली चांदी ₹2,45,938 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। बुधवार की गिरावट को देखते हुए यह अंतर और गहरा हुआ है।
ऑल टाइम हाई से कितनी दूर
गौरतलब है कि MCX पर चांदी अपने ऑल टाइम हाई ₹4,57,328 प्रति किलोग्राम से ₹2.21 लाख से अधिक नीचे आ चुकी है। वहीं सोना अपने ऑल टाइम हाई ₹2,04,375 प्रति 10 ग्राम से ₹53,700 से अधिक फिसल चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर डॉलर की मज़बूती और प्रमुख केंद्रीय बैंकों की नीतिगत अनिश्चितता धातु बाज़ारों पर दबाव बनाए हुए है।
विशेषज्ञों का तकनीकी नज़रिया
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, MCX गोल्ड के लिए ₹1,52,000 प्रति 10 ग्राम का स्तर फिलहाल तत्काल प्रतिरोध (इमीडिएट रेजिस्टेंस) है। यदि सोना इस स्तर के ऊपर मज़बूती से टिकता है, तो कीमतें ₹1,54,000–₹1,55,000 के दायरे तक पहुँच सकती हैं। दूसरी ओर, यदि कीमत ₹1,49,500–₹1,49,000 से नीचे फिसलती है, तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और सोना ₹1,48,000 के सपोर्ट ज़ोन की ओर जा सकता है।
चांदी के लिए ऊपरी स्तर पर ₹2,38,000–₹2,40,000 प्रति किलोग्राम का दायरा तत्काल प्रतिरोध के रूप में काम कर रहा है। इस रेंज के ऊपर मज़बूती से निकलने पर कीमतें ₹2,45,000 और फिर ₹2,48,000 तक पहुँच सकती हैं। हालांकि, ₹2,32,000 के सपोर्ट स्तर से नीचे जाने पर ₹2,28,000–₹2,25,000 तक की गिरावट संभव है।
आगे क्या
पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक स्थिति और अमेरिकी फेडरल रिज़र्व के आगामी संकेत आने वाले सत्रों में सोने-चांदी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और तकनीकी स्तरों पर नज़र बनाए हुए हैं।