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MCX पर सोना-चांदी धड़ाम: सिल्वर 2.80% गिरकर ₹2,44,750, फेड ने दरें 3.75% पर रोकीं

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MCX पर सोना-चांदी धड़ाम: सिल्वर 2.80% गिरकर ₹2,44,750, फेड ने दरें 3.75% पर रोकीं

सारांश

फेड की दरें स्थिर रहने और अमेरिका-ईरान शांति समझौते से सुरक्षित निवेश की माँग घटी — MCX पर चांदी 2.80% और सोना 1.55% से अधिक टूटा। उच्च ब्याज दरों का संकेत कीमती धातुओं पर और दबाव बना सकता है।

मुख्य बातें

MCX सिल्वर जुलाई फ्यूचर्स 18 जून को 2.80% गिरकर ₹2,44,750 प्रति किलोग्राम पर आया; दिन का निम्नतम स्तर ₹2,44,495 रहा।
MCX अगस्त गोल्ड फ्यूचर्स 1.55% टूटकर ₹1,51,501 प्रति 10 ग्राम पर; दिन का निचला स्तर ₹1,51,348 ।
फेडरल रिजर्व ने 17 जून को लगातार चौथी बार बेंचमार्क दर 3.5–3.75% पर बरकरार रखी; अक्टूबर तक और सख्ती के संकेत।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने वर्साय पैलेस में अंतरिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए।
भू-राजनीतिक तनाव घटने से सोने-चांदी की 'सुरक्षित पनाह' माँग कमज़ोर; होर्मुज जलडमरूमध्य पर सामान्य स्थिति की समयसीमा अनिश्चित।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 18 जून को गुरुवार के कारोबारी सत्र में सोने और चांदी की कीमतों में तीखी गिरावट दर्ज की गई, जब अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने लगातार चौथी बैठक में बेंचमार्क ब्याज दर को अपरिवर्तित रखा और साथ ही अमेरिका व ईरान के बीच अंतरिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने से सुरक्षित निवेश की माँग कमज़ोर पड़ी। MCX सिल्वर जुलाई फ्यूचर्स ₹2,48,000 के शुरुआती भाव से लुढ़ककर दिन के निम्नतम स्तर ₹2,44,495 प्रति किलोग्राम तक पहुँच गया — पिछले बंद ₹2,51,807 की तुलना में 2.5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट।

MCX पर सोने-चांदी का हाल

सुबह करीब 11:43 बजे IST तक जुलाई डिलीवरी वाली चांदी ₹7,057 यानी 2.80 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹2,44,750 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। वहीं, MCX अगस्त गोल्ड फ्यूचर्स उसी समय तक ₹2,378 यानी 1.55 प्रतिशत टूटकर ₹1,51,501 प्रति 10 ग्राम पर था। दिन के कारोबार में सोना अपने पिछले बंद ₹1,53,879 से 1.64 प्रतिशत गिरकर ₹1,51,348 प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर तक पहुँचा।

फेडरल रिजर्व का फैसला और बाज़ार पर असर

फेडरल रिजर्व ने बुधवार, 17 जून को सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय में बेंचमार्क ब्याज दर को 3.5–3.75 प्रतिशत पर स्थिर रखा — यह लगातार चौथी बैठक है जब दर में कोई बदलाव नहीं हुआ। केंद्रीय बैंक ने अक्टूबर तक मौद्रिक नीति को और सख्त करने के संकेत भी दिए। विशेषज्ञों के अनुसार, उच्च ब्याज दरें कीमती धातुओं के लिए प्रतिकूल होती हैं क्योंकि सोने-चांदी पर कोई ब्याज आय नहीं मिलती, जिससे निवेशक ब्याज देने वाली संपत्तियों की ओर रुख करते हैं।

अमेरिका-ईरान शांति समझौते की भूमिका

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फ्रांस में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान वर्साय पैलेस में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ भोजन के दौरान इस अंतरिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए। ईरान की ओर से राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने समझौते पर दस्तखत किए। गौरतलब है कि वैश्विक बाज़ार में भू-राजनीतिक तनाव घटने पर सोने जैसी 'सुरक्षित पनाह' की माँग आमतौर पर कमज़ोर पड़ती है।

ऊर्जा बाज़ार और अनिश्चितता

इस समझौते से वैश्विक ऊर्जा संकट में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, जिसने मुद्रास्फीति की चिंताओं और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की अटकलों को हवा दी थी। हालाँकि, यह अनिश्चितता अभी बनी हुई है कि ईंधन की कीमतें कितनी जल्दी घट सकती हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य से आवागमन कब युद्ध-पूर्व स्तर पर लौट पाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला पहले से दबाव में है।

आगे क्या

बाज़ार विश्लेषकों की नज़र अब फेडरल रिजर्व के अगले संकेतों और ईरान-अमेरिका समझौते के क्रियान्वयन पर टिकी है। यदि अक्टूबर में दरें वास्तव में बढ़ाई जाती हैं, तो कीमती धातुओं पर और दबाव बन सकता है। घरेलू निवेशकों के लिए MCX पर अल्पकालिक अस्थिरता बने रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अक्टूबर में बढ़ोतरी संभव' वाला रुख कीमती धातुओं के लिए दोहरा झटका है — न तो तत्काल राहत, न निकट भविष्य में नरमी की उम्मीद। अमेरिका-ईरान समझौता भू-राजनीतिक जोखिम घटाता है, जो सोने की माँग का एक बड़ा आधार था। विरोधाभास यह है कि समझौते से ऊर्जा कीमतें घटने की उम्मीद मुद्रास्फीति को नियंत्रित कर सकती है — जो दीर्घकाल में फेड को नरम बना सकती है और धातुओं को सहारा दे सकती है। घरेलू निवेशकों को रुपये की चाल और अगले फेड संकेतों पर नज़र रखनी होगी।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

18 जून को MCX पर सोने-चांदी में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?
फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें 3.5–3.75% पर स्थिर रखने और अक्टूबर तक और सख्ती के संकेत देने से कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा। साथ ही अमेरिका-ईरान शांति समझौते से भू-राजनीतिक जोखिम घटने पर सोने-चांदी की 'सुरक्षित पनाह' माँग कमज़ोर पड़ी।
MCX पर चांदी और सोने का आज का भाव क्या रहा?
18 जून को सुबह करीब 11:43 बजे MCX सिल्वर जुलाई फ्यूचर्स ₹2,44,750 प्रति किलोग्राम (गिरावट: 2.80%) और MCX अगस्त गोल्ड फ्यूचर्स ₹1,51,501 प्रति 10 ग्राम (गिरावट: 1.55%) पर कारोबार कर रहे थे।
फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों पर क्या फैसला किया?
फेडरल रिजर्व ने 17 जून को सर्वसम्मति से बेंचमार्क ब्याज दर 3.5–3.75% पर बरकरार रखी — यह लगातार चौथी बैठक है जब दर अपरिवर्तित रही। केंद्रीय बैंक ने अक्टूबर तक मौद्रिक नीति को और सख्त करने के संकेत दिए।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते का सोने-चांदी पर क्या असर पड़ा?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन द्वारा वर्साय पैलेस में हस्ताक्षरित इस समझौते से वैश्विक तनाव घटा, जिससे सोने-चांदी की सुरक्षित-निवेश माँग कमज़ोर हुई। हालाँकि होर्मुज जलडमरूमध्य पर सामान्य स्थिति की समयसीमा अभी अनिश्चित है।
उच्च ब्याज दरें कीमती धातुओं को क्यों प्रभावित करती हैं?
सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं पर कोई ब्याज या लाभांश नहीं मिलता। जब ब्याज दरें ऊँची होती हैं, तो निवेशक बॉन्ड या फिक्स्ड-इनकम संपत्तियों को प्राथमिकता देते हैं, जिससे धातुओं की माँग और कीमतें घटती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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