रोजगार मेला: राम मोहन नायडू ने विशाखापत्तनम में 200 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे, देशभर में 51,000 से अधिक युवाओं को नौकरी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने शनिवार, 19 सितंबर 2026 को विशाखापत्तनम में आयोजित रोजगार मेले के तहत 200 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे और कहा कि नौकरी पाना एक उपलब्धि ज़रूर है, किंतु जनसेवा ही असली जिम्मेदारी है। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में चल रही रोजगार मेला श्रृंखला का हिस्सा था, जिसके इस चरण में 51,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियाँ प्रदान की गईं।
नायडू का एक्स पर संदेश
नायडू ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “इस मौके पर जब देश भर में 51,000 से ज्यादा युवा नई नौकरी शुरू कर रहे हैं तो मैं उन सभी को दिल से बधाई देता हूं। यह नौकरी आपके जीवन में नया आत्मविश्वास लाए। समाज की सेवा करने का एक नया मौका दे। इस मंच के जरिए मैं आपसे अपील करता हूं कि आप लगातार सीखते रहें, अपनी स्किल्स को बेहतर बनाएं और लोगों को और बेहतर सेवाएं देने के लिए आगे बढ़ें।”
उन्होंने आगे कहा, “देश भर में सरकारी सेवा में शामिल होने वाले सभी 51,000 से ज्यादा युवाओं को बहुत-बहुत बधाई। यह नई नौकरी समाज और देश की सेवा पूरी लगन से करने का एक नया मौका बने। एक नई नौकरी। एक नई जिम्मेदारी। राष्ट्र-निर्माण का एक नया अध्याय।”
रोजगार मेले का 20वाँ संस्करण: पुरी की भागीदारी
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अमृतसर साहिब में रोजगार मेले के 20वें संस्करण में भाग लिया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “जैसे-जैसे हम अमृत काल से विकसित भारत की ओर बढ़ रहे हैं, हमारे युवा सिर्फ इस सफर को देख नहीं रहे हैं, वे अपने विचारों, उम्मीदों और संकल्प से इसे आगे बढ़ा रहे हैं और भविष्य को आकार दे रहे हैं।”
पुरी ने युवा नवनियुक्त कर्मचारियों को याद दिलाया कि आज जब टेक्नोलॉजी शासन को बदल रही है, एआई कार्यस्थलों को नई दिशा दे रहा है और डिजिटल प्लेटफॉर्म नागरिकों को सरकार के निकट ला रहे हैं, तब भी ईमानदारी और सहानुभूति का कोई विकल्प नहीं है।
सरकार का संदेश: 'नागरिक देवो भव:'
पुरी ने प्रधानमंत्री मोदी के सेवा-मंत्र 'नागरिक देवो भव:' का उल्लेख करते हुए कहा कि फाइल से अधिक महत्त्व हमेशा इंसान का होना चाहिए। उनके अनुसार, नवनियुक्त कर्मचारियों को इसी मंत्र के साथ अपने करियर की शुरुआत करनी चाहिए।
यह ऐसे समय में आया है जब सरकार डिजिटल गवर्नेंस को तेज करने की कोशिश कर रही है और सार्वजनिक सेवाओं में मानवीय संवेदनशीलता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।
रोजगार और भविष्य की संभावनाएँ
पुरी ने रेखांकित किया कि भारत का उभरता स्टार्टअप इकोसिस्टम, मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल सेवाएँ, इलेक्ट्रॉनिक्स, नई प्रौद्योगिकी और ऊर्जा क्षेत्र युवाओं के लिए नए अवसर सृजित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मुक्त व्यापार समझौते (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) देश के प्रतिभाशाली युवाओं के लिए नए बाजार, भागीदारी और करियर के द्वार खोल रहे हैं।
इसके अलावा, उन्होंने 'समुद्र मंथन मिशन' और 'गोवर्धन' योजना का जिक्र किया, जो क्रमशः समुद्री ऊर्जा क्षमता के दोहन और कचरे को स्वच्छ ऊर्जा व रोजगार में बदलने पर केंद्रित हैं। आगामी समय में इन क्षेत्रों में भी रोजगार के नए अवसर उभरने की उम्मीद है।