28 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

SBI ने जुटाए $50 करोड़ डॉलर, 88 बेसिस प्वाइंट्स के रिकॉर्ड-न्यून स्प्रेड पर बॉन्ड जारी — चेयरमैन सेट्टी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
SBI ने जुटाए $50 करोड़ डॉलर, 88 बेसिस प्वाइंट्स के रिकॉर्ड-न्यून स्प्रेड पर बॉन्ड जारी — चेयरमैन सेट्टी

सारांश

वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद SBI ने $50 करोड़ डॉलर के बॉन्ड मात्र 88 बेसिस प्वाइंट्स के स्प्रेड पर जारी किए — जो भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के लिए आरबीआई स्वैप विंडो के बाद सबसे कम है। ऑर्डर बुक $2.46 अरब तक पहुँची, यानी इश्यू आकार का पाँच गुना — वैश्विक निवेशकों के भारत पर भरोसे का स्पष्ट संकेत।

मुख्य बातें

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने लंदन शाखा के माध्यम से 50 करोड़ डॉलर के रेगुलेशन-एस बॉन्ड अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सफलतापूर्वक जारी किए।
बॉन्ड्स पर 5.25% कूपन दर; अमेरिकी 5-वर्षीय ट्रेजरी के ऊपर मात्र 88 बेसिस प्वाइंट्स का स्प्रेड — भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के लिए आरबीआई स्वैप विंडो के बाद सबसे कम।
शुरुआती 120 बेसिस प्वाइंट्स के मूल्य-संकेत से 32 बेसिस प्वाइंट्स की कमी आई, जिससे उधारी लागत में उल्लेखनीय बचत हुई।
कुल 145 निवेशकों से माँग; ऑर्डर बुक $2.46 अरब — इश्यू आकार का लगभग पाँच गुना ।
रेटिंग: S&P BBB , Fitch BBB- , CareEdge Global BBB+/स्टेबल ; SGX, India INX और NSE IX पर सूचीकरण होगा।

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपनी लंदन शाखा के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाज़ार में 50 करोड़ डॉलर (500 मिलियन डॉलर) के रेगुलेशन-एस बॉन्ड सफलतापूर्वक जारी किए हैं — और यह निर्गम भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं द्वारा जारी बॉन्ड्स में आरबीआई के स्वैप विंडो की घोषणा के बाद से सबसे कम स्प्रेड पर मूल्यांकित हुआ है। 13 अगस्त 2026 को बैंक के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी ने इस उपलब्धि को भारत की आर्थिक विकास गाथा और SBI की क्रेडिट प्रोफाइल पर वैश्विक निवेशकों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण बताया।

बॉन्ड निर्गम की मुख्य शर्तें

इन बॉन्ड्स पर 5.25 प्रतिशत की कूपन दर निर्धारित की गई है। मूल्य निर्धारण अमेरिकी 5-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड के ऊपर मात्र 88 बेसिस प्वाइंट्स के स्प्रेड पर किया गया। शुरुआत में बैंक ने निवेशकों को 120 बेसिस प्वाइंट्स का मूल्य-संकेत दिया था, लेकिन भारी माँग के चलते अंतिम स्प्रेड को 32 बेसिस प्वाइंट्स घटाकर 88 पर लाया गया — जिससे बैंक की उधारी लागत में उल्लेखनीय बचत हुई।

निवेशकों की ज़बरदस्त प्रतिक्रिया

इस निर्गम को वैश्विक स्तर पर असाधारण प्रतिसाद मिला। कुल 145 निवेशकों से माँग प्राप्त हुई और ऑर्डर बुक बढ़कर 2.46 अरब डॉलर तक पहुँच गई — जो इश्यू आकार का लगभग पाँच गुना थी। यह अभिदान स्तर वैश्विक अनिश्चितताओं के मौजूदा दौर में किसी भारतीय सरकारी बैंक के लिए उल्लेखनीय माना जा रहा है।

चेयरमैन सेट्टी ने कहा, 'वर्तमान वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच इस निर्गम का सफल मूल्य निर्धारण SBI के बॉन्ड्स के प्रति मज़बूत निवेशक रुचि और अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाज़ारों में बैंक के व्यापक निवेशक आधार को दर्शाता है।' उन्होंने यह भी बताया कि दुनिया भर के प्रमुख फिक्स्ड-इनकम निवेशकों के समर्थन से पूंजी जुटाने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और प्रतिस्पर्धी लागत पर पूरी हो सकी।

रेटिंग और सूचीकरण

इन बॉन्ड्स को वैश्विक रेटिंग एजेंसियों से निवेश-योग्य श्रेणी की रेटिंग प्राप्त हुई है। S&P ने BBB, Fitch ने BBB- और CareEdge Global ने BBB+/स्टेबल की रेटिंग दी है। इन बॉन्ड्स को सिंगापुर एक्सचेंज (SGX), इंडिया इंटरनेशनल एक्सचेंज (India INX) और NSE इंटरनेशनल एक्सचेंज (NSE IX) पर सूचीबद्ध किया जाएगा।

व्यापक संदर्भ और महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनावों के बीच उभरते बाज़ारों से पूंजी प्रवाह पर दबाव बना हुआ है। गौरतलब है कि SBI का यह निर्गम न केवल बैंक की साख को रेखांकित करता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि वैश्विक निवेशक भारत की दीर्घकालिक आर्थिक संभावनाओं को लेकर आश्वस्त हैं। सेट्टी के अनुसार, इस आक्रामक मूल्य निर्धारण से भारतीय संस्थाओं की उधारी लागत को नियंत्रित रखने में निवेशकों का भरोसा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

आगे चलकर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या अन्य भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भी इसी तरह के अनुकूल स्प्रेड पर अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से पूंजी जुटा पाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह भी ध्यान देने योग्य है कि अनुकूल स्प्रेड का लाभ तभी पूरी तरह मिलता है जब जुटाई गई पूंजी उत्पादक ऋण में तब्दील हो और बैंक की NPA स्थिति नियंत्रण में रहे। SBI के लिए असली कसौटी यह होगी कि इस सस्ती विदेशी पूंजी का उपयोग घरेलू ऋण विस्तार में किस दक्षता से होता है। निवेशकों का यह भरोसा बनाए रखना तभी संभव होगा जब बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता और पारदर्शिता का स्तर बना रहे।
RashtraPress
28 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

SBI ने अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कितने डॉलर के बॉन्ड जारी किए हैं?
SBI ने अपनी लंदन शाखा के माध्यम से 50 करोड़ डॉलर (500 मिलियन डॉलर) के रेगुलेशन-एस बॉन्ड जारी किए हैं। इन पर 5.25% की कूपन दर है और इन्हें अमेरिकी 5-वर्षीय ट्रेजरी के ऊपर 88 बेसिस प्वाइंट्स के स्प्रेड पर मूल्यांकित किया गया।
SBI के बॉन्ड का स्प्रेड इतना कम क्यों है?
बॉन्ड निर्गम को 145 वैश्विक निवेशकों से भारी माँग मिली और ऑर्डर बुक $2.46 अरब तक पहुँची — इश्यू आकार का पाँच गुना। इस अत्यधिक अभिदान के कारण बैंक शुरुआती 120 बेसिस प्वाइंट्स के संकेत से 32 अंक घटाकर 88 बेसिस प्वाइंट्स पर मूल्य निर्धारण करने में सफल रहा।
SBI के इन बॉन्ड्स को किन एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध किया जाएगा?
इन बॉन्ड्स को सिंगापुर एक्सचेंज (SGX), इंडिया इंटरनेशनल एक्सचेंज (India INX) और NSE इंटरनेशनल एक्सचेंज (NSE IX) पर सूचीबद्ध किया जाएगा। इन्हें S&P से BBB, Fitch से BBB- और CareEdge Global से BBB+/स्टेबल की निवेश-योग्य रेटिंग मिली है।
SBI चेयरमैन सेट्टी ने इस बॉन्ड निर्गम के बारे में क्या कहा?
चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच इस निर्गम का सफल मूल्य निर्धारण SBI के प्रति मज़बूत निवेशक रुचि और बैंक के व्यापक अंतरराष्ट्रीय निवेशक आधार को दर्शाता है। उन्होंने इसे भारत की आर्थिक विकास कहानी और SBI की क्रेडिट गुणवत्ता पर वैश्विक भरोसे का प्रमाण बताया।
यह निर्गम भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के बॉन्ड्स के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
88 बेसिस प्वाइंट्स का यह स्प्रेड आरबीआई की स्वैप विंडो घोषणा के बाद भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं द्वारा जारी बॉन्ड्स में सबसे कम माना जा रहा है। यह भारतीय सरकारी बैंकों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय साख को रेखांकित करता है और भविष्य में अन्य सार्वजनिक संस्थाओं के लिए भी सस्ती विदेशी पूंजी जुटाने का रास्ता खोल सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले