SBI समेत शीर्ष 4 कंपनियों का मार्केटकैप ₹1.43 लाख करोड़ बढ़ा, SBI को सर्वाधिक फायदा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) समेत देश की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से चार का संयुक्त बाजार पूंजीकरण बीते सप्ताह ₹1.43 लाख करोड़ बढ़ गया। SBI को सर्वाधिक लाभ हुआ, जिसकी मुख्य वजह वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के मजबूत नतीजे रहे। हालाँकि, शेष छह कंपनियों के मार्केटकैप में ₹1.23 लाख करोड़ की संयुक्त गिरावट भी दर्ज की गई।
मुख्य घटनाक्रम: किसे कितना फायदा
SBI का बाजार पूंजीकरण ₹63,922.03 करोड़ की जोरदार बढ़त के साथ ₹10,11,721.84 करोड़ पर पहुँच गया। Q1 FY27 के बेहतरीन नतीजों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया और बैंक की रैंकिंग में और सुधार आया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केटकैप ₹32,816.4 करोड़ बढ़कर ₹18,01,925.19 करोड़ हो गया, जो इसे शीर्ष-10 में सबसे अधिक मूल्यवान कंपनी बनाए रखता है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की वैल्यूएशन ₹31,875.35 करोड़ बढ़कर ₹8,87,770.13 करोड़ पर आ गई।
लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का बाजार पूंजीकरण ₹14,637.76 करोड़ की बढ़त के साथ ₹5,56,482.45 करोड़ हो गया।
गिरावट में रहीं कंपनियाँ
लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) को सबसे बड़ा झटका लगा — इसकी मार्केट वैल्यूएशन ₹40,543.23 करोड़ घटकर ₹4,96,891.82 करोड़ रह गई।
बजाज फाइनेंस का मार्केटकैप ₹37,168.96 करोड़ घटकर ₹6,73,648.55 करोड़ हो गया। HDFC बैंक की वैल्यूएशन में ₹24,183.16 करोड़ की कमी आई और यह ₹11,27,967.47 करोड़ पर आ गई।
ICICI बैंक का मार्केटकैप ₹9,507.67 करोड़ घटकर ₹10,20,370.63 करोड़ रहा, जबकि भारती एयरटेल की वैल्यूएशन ₹7,581.65 करोड़ घटकर ₹12,22,423.98 करोड़ हो गई। हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) का मार्केटकैप ₹4,793.16 करोड़ घटकर ₹4,88,808.97 करोड़ रह गया।
व्यापक बाज़ार का हाल
समीक्षाधीन सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। BSE सेंसेक्स 404.53 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी में 187.05 अंक यानी 0.76 प्रतिशत की बढ़त रही।
आम जनता और निवेशकों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब सरकारी बैंकों के प्रति निवेशकों की धारणा बदल रही है। SBI के तिमाही नतीजों ने PSU बैंकिंग सेक्टर में नई जान फूँकी है। गौरतलब है कि LIC और बजाज फाइनेंस जैसी वित्तीय सेवा कंपनियों पर दबाव यह संकेत देता है कि बाजार इस समय चुनिंदा क्षेत्रों में ही दाँव लगा रहा है।
क्या होगा आगे
तिमाही नतीजों का सीजन जारी रहने के साथ अन्य बड़ी कंपनियों के परिणाम भी आने वाले हैं, जो शीर्ष-10 की रैंकिंग में और बदलाव ला सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक संकेत और घरेलू मैक्रो डेटा अगले सप्ताह बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।