30 जून 2026
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भारतीय स्टेट बैंक के 71 साल: ₹61 लाख करोड़ की संपत्ति, 50 करोड़ ग्राहक और वित्तीय समावेशन की अगुआई

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भारतीय स्टेट बैंक के 71 साल: ₹61 लाख करोड़ की संपत्ति, 50 करोड़ ग्राहक और वित्तीय समावेशन की अगुआई

सारांश

71 साल पहले एक राष्ट्रीयकृत बैंक के रूप में जन्मा SBI आज ₹61 लाख करोड़ की संपत्ति और 50 करोड़ ग्राहकों के साथ भारत की आर्थिक रीढ़ बन चुका है। जन धन से योनो तक का सफर बताता है कि यह सिर्फ बैंक नहीं, भारत की विकास यात्रा का दर्पण है।

मुख्य बातें

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने 1 जुलाई 2026 को अपनी स्थापना के 71 वर्ष पूरे किए।
बैंक का एसेट बेस ₹61 लाख करोड़ से अधिक; 50 करोड़ से ज़्यादा ग्राहक।
देशभर में 23,270 शाखाएँ और 63,580 से अधिक एटीएम व एडीडब्ल्यूएम का नेटवर्क।
SBI की जड़ें 1806 में स्थापित बैंक ऑफ कलकत्ता से जुड़ी हैं; 1 जुलाई 1955 को राष्ट्रीयकरण हुआ।
जन धन योजना , DBT और अटल पेंशन योजना के क्रियान्वयन में SBI की केंद्रीय भूमिका।
YONO प्लेटफॉर्म के ज़रिए बैंकिंग, निवेश और बीमा सेवाएँ एकीकृत डिजिटल मंच पर उपलब्ध।

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने 1 जुलाई 2026 को अपनी स्थापना के 71 वर्ष पूरे किए। 23,270 शाखाओं, 63,580 से अधिक एटीएम व एडीडब्ल्यूएम और 50 करोड़ से अधिक ग्राहकों के साथ, SBI आज भारत का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है, जिसका एसेट बेस ₹61 लाख करोड़ को पार कर चुका है। सात दशकों की यह यात्रा केवल एक वित्तीय संस्थान की सफलता नहीं, बल्कि स्वतंत्र भारत की आर्थिक प्रगति का जीवंत दस्तावेज़ है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

SBI की जड़ें ब्रिटिश काल में वर्ष 1806 में स्थापित बैंक ऑफ कलकत्ता से जुड़ी हैं। कालांतर में यह संस्थान इम्पीरियल बैंक ऑफ इंडिया के रूप में विकसित हुआ। स्वतंत्र भारत में 1 जुलाई 1955 को इसका राष्ट्रीयकरण कर भारतीय स्टेट बैंक की औपचारिक स्थापना की गई। उस समय सरकार का मूल उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं को गाँव-गाँव तक पहुँचाना और आम नागरिक को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना था। आज, सात दशक बाद, यह लक्ष्य काफी हद तक साकार होता दिखाई देता है।

वित्तीय समावेशन में अग्रणी भूमिका

देश के आर्थिक विकास में SBI का योगदान केवल परंपरागत बैंकिंग तक सीमित नहीं रहा। कृषि, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME), इंफ्रास्ट्रक्चर, आवास, शिक्षा और कॉरपोरेट क्षेत्र को वित्तपोषण उपलब्ध कराने में बैंक की भूमिका निर्णायक रही है। जन धन योजना, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), अटल पेंशन योजना और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन में SBI अग्रणी रहा है। गौरतलब है कि बैंक ने करोड़ों ऐसे नागरिकों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा, जो पहले इससे पूरी तरह वंचित थे।

डिजिटल परिवर्तन और योनो प्लेटफॉर्म

डिजिटल बैंकिंग के युग में SBI ने खुद को तेज़ी से रूपांतरित किया है। बैंक के योनो (YONO) प्लेटफॉर्म ने बैंकिंग, निवेश, बीमा, शॉपिंग और वित्तीय सेवाओं को एक ही डिजिटल मंच पर उपलब्ध कराकर ग्राहक अनुभव को नई दिशा दी है। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल भुगतान जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाकर बैंक भविष्य की बैंकिंग के लिए भी सक्रिय रूप से तैयारी कर रहा है।

चुनौतियाँ और प्रतिस्पर्धा

हालाँकि, SBI के समक्ष चुनौतियाँ भी कम नहीं हैं। निजी बैंकों और फिनटेक कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा, साइबर सुरक्षा के खतरे, डिजिटल धोखाधड़ी की रोकथाम और लगातार बदलती ग्राहक अपेक्षाएँ बैंक के लिए नई परीक्षाएँ हैं। इसके बावजूद, मज़बूत पूँजी आधार, व्यापक शाखा नेटवर्क और दशकों से अर्जित ग्राहक विश्वास के बल पर SBI भारतीय बैंकिंग प्रणाली का सबसे भरोसेमंद स्तंभ बना हुआ है।

आगे की राह

आने वाले वर्षों में डिजिटल नवाचार, हरित वित्त और वैश्विक विस्तार के क्षेत्रों में SBI की भूमिका और अधिक विस्तृत होने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। परंपरा और तकनीक के संतुलित समन्वय के साथ, SBI की अगली पारी भारत की विकास गाथा में और भी महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ने की ओर अग्रसर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह विशालता अब उसकी ताकत है या बोझ। निजी बैंकों और फिनटेक कंपनियों ने ग्राहक अनुभव में जो तेज़ी दिखाई है, उसके सामने SBI का विशाल ढाँचा कभी-कभी सुस्त पड़ता दिखता है। YONO एक सही कदम है, लेकिन डिजिटल धोखाधड़ी और साइबर सुरक्षा की बढ़ती घटनाओं के बीच 50 करोड़ ग्राहकों की सुरक्षा एक गंभीर परीक्षा है जिसे अक्सर उत्सव की सुर्खियों में दबा दिया जाता है। वित्तीय समावेशन के आँकड़े प्रभावशाली हैं, पर यह भी देखना ज़रूरी है कि जुड़े खातों में वास्तविक लेन-देन कितना हो रहा है।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की स्थापना कब हुई थी?
SBI की स्थापना 1 जुलाई 1955 को हुई थी, जब इम्पीरियल बैंक ऑफ इंडिया का राष्ट्रीयकरण किया गया। इसकी ऐतिहासिक जड़ें 1806 में स्थापित बैंक ऑफ कलकत्ता से जुड़ी हैं।
SBI का वर्तमान एसेट बेस कितना है?
आंकड़ों के अनुसार, SBI का एसेट बेस ₹61 लाख करोड़ से अधिक हो चुका है। बैंक के पास 50 करोड़ से अधिक ग्राहक, 23,270 शाखाएँ और 63,580 से अधिक एटीएम व एडीडब्ल्यूएम हैं।
SBI ने वित्तीय समावेशन में क्या भूमिका निभाई है?
SBI ने जन धन योजना, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) और अटल पेंशन योजना जैसी सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में केंद्रीय भूमिका निभाई है। बैंक ने करोड़ों ऐसे नागरिकों को औपचारिक बैंकिंग से जोड़ा जो पहले इससे वंचित थे।
SBI का YONO प्लेटफॉर्म क्या है?
YONO (You Only Need One) SBI का एकीकृत डिजिटल मंच है, जो बैंकिंग, निवेश, बीमा और शॉपिंग जैसी सेवाएँ एक ही ऐप पर उपलब्ध कराता है। यह SBI की डिजिटल परिवर्तन रणनीति का प्रमुख स्तंभ है।
SBI के सामने अभी कौन-सी प्रमुख चुनौतियाँ हैं?
SBI को निजी बैंकों और फिनटेक कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा, साइबर सुरक्षा खतरों और डिजिटल धोखाधड़ी की रोकथाम जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बदलती ग्राहक अपेक्षाएँ भी बैंक के लिए एक नई परीक्षा बनी हुई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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