सेंसेक्स 1,045 अंक टूटा, निफ्टी 52 हफ्तों के निचले स्तर 22,179 पर; मेटल-रियल्टी सबसे ज्यादा धराशायी
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को 1,045.46 अंक (1.44%) की भारी गिरावट के साथ 71,593.24 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 371.25 अंक (1.64%) लुढ़ककर 22,231.80 पर आ गया। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 22,179.90 का स्तर छुआ, जो इसका 52 हफ्तों का सबसे निचला बिंदु है — एक वर्ष की सबसे बड़ी एकल-दिवसीय गिरावट का संकेत।
मुख्य घटनाक्रम
बाजार में चौतरफा बिकवाली देखी गई। निफ्टी मेटल सर्वाधिक 3.55% टूटा, उसके बाद निफ्टी रियल्टी 3.16%, निफ्टी एनर्जी 2.82%, निफ्टी कमोडिटीज 2.81% और निफ्टी मीडिया 2.79% नीचे रहे। निफ्टी इंडिया डिफेंस 2.76%, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग 2.61%, निफ्टी ऑयल एंड गैस 2.52%, निफ्टी ऑटो 2.49% और निफ्टी पीएसई 2.40% की गिरावट के साथ बंद हुए।
लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट भी दबाव में रहे। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,500.10 अंक (2.53%) की कमज़ोरी के साथ 57,882.50 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 456.85 अंक (2.34%) की गिरावट के साथ 19,050.10 पर बंद हुए।
टॉप लूजर्स और गेनर्स
सेंसेक्स पैक में आईटीसी, इंडिगो, पावर ग्रिड, बीईएल, एनटीपीसी, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, एलएंडटी, भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स, बजाज फिनसर्व, सन फार्मा, एचडीएफसी बैंक, इटरनल और एचयूएल शीर्ष घाटे में रहे। वहीं, टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक और इन्फोसिस गिरावट के बीच बढ़त बनाने में सफल रहे।
गिरावट की मुख्य वजहें
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार इस तीखी गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारण रहे। पहला, अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत 103 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँचना, जिससे आयात लागत और महँगाई को लेकर चिंताएँ बढ़ीं। दूसरा, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये का 97 के स्तर तक कमज़ोर होना, जिसने विदेशी निवेशकों की धारणा पर दबाव डाला। तीसरा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने बाज़ार की धारणा को और कमज़ोर किया।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और भू-राजनीतिक तनाव ऊर्जा बाज़ारों को प्रभावित कर रहे हैं।
व्यक्तिगत शेयरों में हलचल
व्यापक गिरावट के बीच कुछ कंपनियों के शेयरों में सकारात्मक हलचल भी देखी गई। सेन्को गोल्ड के शेयर दिन के दौरान 11.9% तक चढ़े, हालाँकि बाज़ार का मूड बिगड़ने के साथ यह बढ़त बाद में सिकुड़ गई। पीएनजीएस रेवा डायमंड ज्वेलरी के शेयरों में लगातार चौथे दिन तेज़ी बनी रही, क्योंकि कंपनी ने इस सप्ताह मज़बूत तिमाही नतीजे जारी किए थे। विशेषज्ञों के अनुसार जिन कंपनियों ने दूसरी तिमाही के अच्छे शुरुआती नतीजे पेश किए, उनके शेयरों ने व्यापक बाज़ार की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।
क्या होगा आगे
बाज़ार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक कच्चे तेल की कीमतें नरम नहीं होतीं और FII बिकवाली का दबाव नहीं घटता, बाज़ार पर दबाव बना रह सकता है। निफ्टी का 22,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर अगला अहम सपोर्ट ज़ोन माना जा रहा है। निवेशकों की नज़र आगामी तिमाही नतीजों और वैश्विक संकेतों पर टिकी रहेगी।