8 अक्टूबर 2026
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सेंसेक्स 1,045 अंक टूटा, निफ्टी 52 हफ्तों के निचले स्तर 22,179 पर; मेटल-रियल्टी सबसे ज्यादा धराशायी

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सेंसेक्स 1,045 अंक टूटा, निफ्टी 52 हफ्तों के निचले स्तर 22,179 पर; मेटल-रियल्टी सबसे ज्यादा धराशायी

सारांश

सेंसेक्स एक हज़ार अंक से ज़्यादा टूटा, निफ्टी ने एक साल का सबसे निचला स्तर छुआ — कच्चे तेल की 103 डॉलर की मार, 97 पर धराशायी रुपया और FII की बेलगाम बिकवाली ने एक साथ भारतीय बाज़ार को झकझोर दिया।

मुख्य बातें

सेंसेक्स गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को 1,045.46 अंक (1.44%) गिरकर 71,593.24 पर बंद हुआ।
निफ्टी 50 371.25 अंक (1.64%) टूटकर 22,231.80 पर; इंट्राडे में 22,179.90 का 52 हफ्तों का निचला स्तर छुआ।
निफ्टी मेटल ( 3.55% ) और निफ्टी रियल्टी ( 3.16% ) सर्वाधिक पिटने वाले सेक्टर रहे।
गिरावट की मुख्य वजहें: कच्चा तेल 103 डॉलर प्रति बैरल , डॉलर के मुकाबले रुपया 97 और FII की लगातार बिकवाली ।
निफ्टी मिडकैप 100 2.53% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 2.34% नीचे — व्यापक बाज़ार भी दबाव में।
टेक महिंद्रा , एक्सिस बैंक और इन्फोसिस गिरावट के बीच हरे निशान में बंद हुए।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को 1,045.46 अंक (1.44%) की भारी गिरावट के साथ 71,593.24 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 371.25 अंक (1.64%) लुढ़ककर 22,231.80 पर आ गया। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 22,179.90 का स्तर छुआ, जो इसका 52 हफ्तों का सबसे निचला बिंदु है — एक वर्ष की सबसे बड़ी एकल-दिवसीय गिरावट का संकेत।

मुख्य घटनाक्रम

बाजार में चौतरफा बिकवाली देखी गई। निफ्टी मेटल सर्वाधिक 3.55% टूटा, उसके बाद निफ्टी रियल्टी 3.16%, निफ्टी एनर्जी 2.82%, निफ्टी कमोडिटीज 2.81% और निफ्टी मीडिया 2.79% नीचे रहे। निफ्टी इंडिया डिफेंस 2.76%, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग 2.61%, निफ्टी ऑयल एंड गैस 2.52%, निफ्टी ऑटो 2.49% और निफ्टी पीएसई 2.40% की गिरावट के साथ बंद हुए।

लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट भी दबाव में रहे। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,500.10 अंक (2.53%) की कमज़ोरी के साथ 57,882.50 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 456.85 अंक (2.34%) की गिरावट के साथ 19,050.10 पर बंद हुए।

टॉप लूजर्स और गेनर्स

सेंसेक्स पैक में आईटीसी, इंडिगो, पावर ग्रिड, बीईएल, एनटीपीसी, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, एलएंडटी, भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स, बजाज फिनसर्व, सन फार्मा, एचडीएफसी बैंक, इटरनल और एचयूएल शीर्ष घाटे में रहे। वहीं, टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक और इन्फोसिस गिरावट के बीच बढ़त बनाने में सफल रहे।

गिरावट की मुख्य वजहें

बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार इस तीखी गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारण रहे। पहला, अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत 103 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँचना, जिससे आयात लागत और महँगाई को लेकर चिंताएँ बढ़ीं। दूसरा, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये का 97 के स्तर तक कमज़ोर होना, जिसने विदेशी निवेशकों की धारणा पर दबाव डाला। तीसरा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने बाज़ार की धारणा को और कमज़ोर किया।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और भू-राजनीतिक तनाव ऊर्जा बाज़ारों को प्रभावित कर रहे हैं।

व्यक्तिगत शेयरों में हलचल

व्यापक गिरावट के बीच कुछ कंपनियों के शेयरों में सकारात्मक हलचल भी देखी गई। सेन्को गोल्ड के शेयर दिन के दौरान 11.9% तक चढ़े, हालाँकि बाज़ार का मूड बिगड़ने के साथ यह बढ़त बाद में सिकुड़ गई। पीएनजीएस रेवा डायमंड ज्वेलरी के शेयरों में लगातार चौथे दिन तेज़ी बनी रही, क्योंकि कंपनी ने इस सप्ताह मज़बूत तिमाही नतीजे जारी किए थे। विशेषज्ञों के अनुसार जिन कंपनियों ने दूसरी तिमाही के अच्छे शुरुआती नतीजे पेश किए, उनके शेयरों ने व्यापक बाज़ार की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।

क्या होगा आगे

बाज़ार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक कच्चे तेल की कीमतें नरम नहीं होतीं और FII बिकवाली का दबाव नहीं घटता, बाज़ार पर दबाव बना रह सकता है। निफ्टी का 22,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर अगला अहम सपोर्ट ज़ोन माना जा रहा है। निवेशकों की नज़र आगामी तिमाही नतीजों और वैश्विक संकेतों पर टिकी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

कमज़ोर रुपये और FII के लगातार पलायन से कई हफ्तों से बन रहा था। चिंताजनक पहलू यह है कि गिरावट किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं रही — मेटल से लेकर डिफेंस और फार्मा तक, लगभग हर सेगमेंट लाल निशान में बंद हुआ, जो व्यापक निवेशक मनोबल में दरार की ओर इशारा करता है। 103 डॉलर प्रति बैरल का कच्चा तेल भारत के आयात बिल और चालू खाते के घाटे पर सीधा दबाव डालता है, जिसकी परछाईं आने वाले हफ्तों के नीतिगत निर्णयों पर भी पड़ सकती है। जब तक वैश्विक ऊर्जा कीमतें और डॉलर इंडेक्स नरम नहीं पड़ते, बाज़ार को राहत मिलना मुश्किल दिखता है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

8 अक्टूबर 2026 को सेंसेक्स और निफ्टी कितना गिरे?
गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को सेंसेक्स 1,045.46 अंक (1.44%) गिरकर 71,593.24 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 371.25 अंक (1.64%) टूटकर 22,231.80 पर आया। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 22,179.90 का 52 हफ्तों का सबसे निचला स्तर भी छुआ।
आज शेयर बाज़ार में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार तीन प्रमुख कारण रहे: कच्चे तेल की कीमत 103 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँचना, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये का 97 के स्तर तक कमज़ोर होना और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली। इन तीनों कारकों ने मिलकर निवेशकों की धारणा को कमज़ोर किया।
आज किस सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट आई?
निफ्टी मेटल 3.55% की गिरावट के साथ सबसे ज़्यादा टूटा, उसके बाद निफ्टी रियल्टी 3.16% और निफ्टी एनर्जी 2.82% नीचे रहे। लगभग सभी प्रमुख सेक्टर लाल निशान में बंद हुए, जो व्यापक बिकवाली का संकेत है।
निफ्टी का 52 हफ्तों का निचला स्तर क्या है?
8 अक्टूबर 2026 को कारोबार के दौरान निफ्टी 22,179.90 के स्तर तक गिरा, जो पिछले 52 हफ्तों का सबसे निचला बिंदु है। यह स्तर बाज़ार के लिए एक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक समर्थन क्षेत्र माना जा रहा है।
क्या आज बाज़ार में कोई शेयर बढ़त में भी रहे?
हाँ, व्यापक गिरावट के बीच टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक और इन्फोसिस हरे निशान में बंद हुए। सेन्को गोल्ड के शेयर दिन के दौरान 11.9% तक चढ़े और पीएनजीएस रेवा डायमंड ज्वेलरी में लगातार चौथे दिन तेज़ी रही, क्योंकि इन कंपनियों ने मज़बूत तिमाही नतीजे पेश किए थे।
राष्ट्र प्रेस
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