सेंसेक्स 412 अंक उछला, निफ्टी 0.58% चढ़ा; एशियाई बाजारों की मजबूती और सस्ते कच्चे तेल का असर
सारांश
मुख्य बातें
BSE सेंसेक्स ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को 411.92 अंक यानी 0.56 प्रतिशत की तेजी के साथ दिन का उच्चतम स्तर 72,884.25 छुआ, जबकि NSE निफ्टी 50 ने 130.65 अंक यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,651.10 का शिखर दर्ज किया। एशियाई बाजारों में सकारात्मक रुझान और ब्रेंट क्रूड के $103 प्रति बैरल से नीचे आने के बाद भारतीय बाजार हफ्ते की शुरुआत हरे निशान में खोलने में सफल रहे।
बाजार का शुरुआती कारोबार
सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 72,472.33 से 298.99 अंक यानी 0.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72,771.32 पर खुला। वहीं निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 22,520.45 से 72.75 अंक यानी 0.32 प्रतिशत चढ़कर 22,593.20 पर खुला।
व्यापक बाजार ने प्रमुख बेंचमार्कों से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.3 प्रतिशत और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.40 प्रतिशत से अधिक की तेजी रही, जो यह संकेत देती है कि खरीदारी केवल लार्जकैप तक सीमित नहीं थी।
सेक्टरवार प्रदर्शन
सेक्टरवार नजरिए से देखें तो निफ्टी ऑटो, निफ्टी मेटल्स, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी फार्मा इंडेक्स में बढ़त दर्ज की गई। इसके विपरीत, निफ्टी FMCG, निफ्टी IT और निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स पर बिकवाली का दबाव बना रहा।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर तकनीकी शेयरों के ऊंचे मूल्यांकन को लेकर संशय गहराता जा रहा है। आईटी क्षेत्र में कमजोरी इसी व्यापक भावना का प्रतिबिंब मानी जा रही है।
रुपया और वैश्विक संकेत
भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 97 पैसे मजबूत होकर 95.76 पर खुला, जबकि पिछले सत्र में यह 96.73 पर बंद हुआ था। यह मजबूती कच्चे तेल की घटती कीमतों और डॉलर इंडेक्स में नरमी के कारण आई।
वैश्विक मोर्चे पर, एशियाई बाजारों का रुख मिला-जुला रहा। दक्षिण कोरिया के कोस्पी और कोस्डैक में 3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि अमेरिकी शेयर बाजार पिछले सप्ताह बढ़त के साथ बंद हुआ था, शुक्रवार को तीनों प्रमुख अमेरिकी सूचकांकों में तेजी रही थी। गौरतलब है कि रूस और अन्य पक्षों के बीच ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने संबंधी समझौते के बाद कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर चिंताएं कुछ कम हुई हैं।
विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल घरेलू सकारात्मक कारकों की तुलना में वैश्विक चुनौतियां अधिक प्रभावी हैं। ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतें अभी भी बाजार के लिए जोखिम का स्रोत बनी हुई हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) निकट अवधि में बिकवाली जारी रख सकते हैं, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) उनकी बिकवाली को काफी हद तक संतुलित करते रहेंगे। वित्त वर्ष 2027 में भारत की अर्थव्यवस्था के लिए 7.1 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि के अनुमान और कॉर्पोरेट मुनाफे में सुधार जैसे बुनियादी कारक बाजार को समर्थन दे रहे हैं।
तकनीकी दृष्टिकोण और आगे की राह
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, शुक्रवार की रिकवरी और चार्ट पर बने पैटर्न से निफ्टी में 22,800 से 23,200 के दायरे तक तेजी की संभावना बनी हुई है। हालांकि यदि निफ्टी 22,575 के ऊपर बंद होने में विफल रहता है, तो मंदड़ियों की पकड़ बनी रह सकती है। दिन के लिए 22,295 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशक बाजार की अनिश्चितता के बावजूद उचित मूल्यांकन वाले ग्रोथ शेयरों में निवेश जारी रख सकते हैं। यदि पश्चिम एशिया में सकारात्मक घटनाक्रम से कच्चे तेल में तेज गिरावट आती है, तो मौजूदा स्तरों से बाजार में मजबूत तेजी देखने को मिल सकती है।