12 अक्टूबर 2026
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सेंसेक्स 412 अंक उछला, निफ्टी 0.58% चढ़ा; एशियाई बाजारों की मजबूती और सस्ते कच्चे तेल का असर

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सेंसेक्स 412 अंक उछला, निफ्टी 0.58% चढ़ा; एशियाई बाजारों की मजबूती और सस्ते कच्चे तेल का असर

सारांश

एशियाई बाजारों की मजबूती और ब्रेंट क्रूड के $103 से नीचे आने के बाद भारतीय बाजार ने सोमवार को हरे निशान में छलांग लगाई — सेंसेक्स 412 अंक और निफ्टी 0.58% चढ़ा। लेकिन IT और PSU बैंक में बिकवाली और FII की सतर्कता बता रही है कि असली परीक्षा अभी बाकी है।

मुख्य बातें

BSE सेंसेक्स ने 12 अक्टूबर 2026 को दिन का उच्चतम स्तर 72,884.25 छुआ — पिछले बंद से 411.92 अंक यानी 0.56% की बढ़त।
NSE निफ्टी 50 ने 22,651.10 का इंट्राडे हाई दर्ज किया, जो पिछले बंद से 130.65 अंक यानी 0.58% अधिक है।
निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.3% और निफ्टी मिडकैप 100 में 0.40% से अधिक की तेजी — व्यापक बाजार ने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया।
भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 97 पैसे मजबूत होकर 95.76 पर खुला।
ब्रेंट क्रूड $103 प्रति बैरल से नीचे आया; निफ्टी IT और निफ्टी PSU बैंक पर बिकवाली का दबाव बना रहा।
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी के लिए 22,800–23,200 की तेजी संभव, लेकिन 22,295 अहम सपोर्ट।

BSE सेंसेक्स ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को 411.92 अंक यानी 0.56 प्रतिशत की तेजी के साथ दिन का उच्चतम स्तर 72,884.25 छुआ, जबकि NSE निफ्टी 50 ने 130.65 अंक यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,651.10 का शिखर दर्ज किया। एशियाई बाजारों में सकारात्मक रुझान और ब्रेंट क्रूड के $103 प्रति बैरल से नीचे आने के बाद भारतीय बाजार हफ्ते की शुरुआत हरे निशान में खोलने में सफल रहे।

बाजार का शुरुआती कारोबार

सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 72,472.33 से 298.99 अंक यानी 0.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72,771.32 पर खुला। वहीं निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 22,520.45 से 72.75 अंक यानी 0.32 प्रतिशत चढ़कर 22,593.20 पर खुला।

व्यापक बाजार ने प्रमुख बेंचमार्कों से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.3 प्रतिशत और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.40 प्रतिशत से अधिक की तेजी रही, जो यह संकेत देती है कि खरीदारी केवल लार्जकैप तक सीमित नहीं थी।

सेक्टरवार प्रदर्शन

सेक्टरवार नजरिए से देखें तो निफ्टी ऑटो, निफ्टी मेटल्स, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी फार्मा इंडेक्स में बढ़त दर्ज की गई। इसके विपरीत, निफ्टी FMCG, निफ्टी IT और निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स पर बिकवाली का दबाव बना रहा।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर तकनीकी शेयरों के ऊंचे मूल्यांकन को लेकर संशय गहराता जा रहा है। आईटी क्षेत्र में कमजोरी इसी व्यापक भावना का प्रतिबिंब मानी जा रही है।

रुपया और वैश्विक संकेत

भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 97 पैसे मजबूत होकर 95.76 पर खुला, जबकि पिछले सत्र में यह 96.73 पर बंद हुआ था। यह मजबूती कच्चे तेल की घटती कीमतों और डॉलर इंडेक्स में नरमी के कारण आई।

वैश्विक मोर्चे पर, एशियाई बाजारों का रुख मिला-जुला रहा। दक्षिण कोरिया के कोस्पी और कोस्डैक में 3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि अमेरिकी शेयर बाजार पिछले सप्ताह बढ़त के साथ बंद हुआ था, शुक्रवार को तीनों प्रमुख अमेरिकी सूचकांकों में तेजी रही थी। गौरतलब है कि रूस और अन्य पक्षों के बीच ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने संबंधी समझौते के बाद कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर चिंताएं कुछ कम हुई हैं।

विशेषज्ञों की राय

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल घरेलू सकारात्मक कारकों की तुलना में वैश्विक चुनौतियां अधिक प्रभावी हैं। ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतें अभी भी बाजार के लिए जोखिम का स्रोत बनी हुई हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) निकट अवधि में बिकवाली जारी रख सकते हैं, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) उनकी बिकवाली को काफी हद तक संतुलित करते रहेंगे। वित्त वर्ष 2027 में भारत की अर्थव्यवस्था के लिए 7.1 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि के अनुमान और कॉर्पोरेट मुनाफे में सुधार जैसे बुनियादी कारक बाजार को समर्थन दे रहे हैं।

तकनीकी दृष्टिकोण और आगे की राह

तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, शुक्रवार की रिकवरी और चार्ट पर बने पैटर्न से निफ्टी में 22,800 से 23,200 के दायरे तक तेजी की संभावना बनी हुई है। हालांकि यदि निफ्टी 22,575 के ऊपर बंद होने में विफल रहता है, तो मंदड़ियों की पकड़ बनी रह सकती है। दिन के लिए 22,295 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशक बाजार की अनिश्चितता के बावजूद उचित मूल्यांकन वाले ग्रोथ शेयरों में निवेश जारी रख सकते हैं। यदि पश्चिम एशिया में सकारात्मक घटनाक्रम से कच्चे तेल में तेज गिरावट आती है, तो मौजूदा स्तरों से बाजार में मजबूत तेजी देखने को मिल सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी बुनियाद कमजोर है — तेजी मुख्यतः बाहरी कारकों पर टिकी है, न कि घरेलू संरचनात्मक सुधारों पर। FII की लगातार बिकवाली और IT तथा PSU बैंक जैसे अहम सेक्टरों में दबाव बता रहा है कि बाजार अभी भी 'खरीदो' मोड में नहीं, बल्कि 'सतर्क रहो' मोड में है। कच्चे तेल में नरमी का स्वागत है, लेकिन यह रूस-यूक्रेन समझौते जैसे अस्थिर भूराजनीतिक कारकों पर निर्भर है। वित्त वर्ष 2027 में 7.1% GDP वृद्धि का अनुमान उत्साहजनक है, पर जब तक FII का रुख नहीं पलटता और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड नीचे नहीं आती, स्थायी रैली की उम्मीद जल्दबाजी होगी।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आज सेंसेक्स में कितने अंकों की बढ़त हुई?
सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को सेंसेक्स ने 411.92 अंक यानी 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72,884.25 का इंट्राडे उच्च स्तर छुआ। यह तेजी एशियाई बाजारों की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण आई।
निफ्टी का आज का उच्चतम स्तर क्या रहा?
NSE निफ्टी 50 ने आज 22,651.10 का इंट्राडे हाई दर्ज किया, जो पिछले बंद 22,520.45 से 130.65 अंक यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त है। तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार 22,800 से 23,200 के दायरे तक और तेजी संभव है।
किन सेक्टरों में आज बढ़त और किनमें गिरावट रही?
निफ्टी ऑटो, निफ्टी मेटल्स, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी फार्मा में बढ़त दर्ज की गई। वहीं निफ्टी IT, निफ्टी FMCG और निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स पर बिकवाली का दबाव रहा।
आज रुपये में कितनी मजबूती आई?
भारतीय रुपया आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 97 पैसे मजबूत होकर 95.76 पर खुला, जबकि पिछले सत्र में यह 96.73 पर बंद हुआ था। यह मजबूती कच्चे तेल की घटती कीमतों और वैश्विक डॉलर में नरमी से आई।
बाजार की आगे की दिशा क्या होगी?
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार की आगे की चाल मुख्यतः वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और FII की गतिविधियों पर निर्भर करेगी। यदि निफ्टी 22,575 के ऊपर बंद होने में सफल रहा, तो 22,800–23,200 का लक्ष्य संभव है; अन्यथा 22,295 पर सपोर्ट अहम होगा।
राष्ट्र प्रेस
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