श्रीलंका ने मध्य पूर्व संकट के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 25 प्रतिशत की वृद्धि की

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श्रीलंका ने मध्य पूर्व संकट के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 25 प्रतिशत की वृद्धि की

सारांश

मध्य पूर्व संकट के चलते श्रीलंका में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 25%25 की वृद्धि हुई है। यह हाल ही में की गई दूसरी वृद्धि है। जानें इसके पीछे का कारण और इसके प्रभाव।

Key Takeaways

  • श्रीलंका ने पेट्रोल-डीजल की कीमतें 25%25 बढ़ाई।
  • मध्य पूर्व संकट का असर ईंधन कीमतों पर।
  • श्रीलंका पूरी तरह से आयात पर निर्भर है।
  • भारत श्रीलंका को ईंधन आपूर्ति में मदद कर रहा है।
  • आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे व्यवसायों और परिवारों पर असर।

नई दिल्ली, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य पूर्व संकट के चलते, श्रीलंका ने रविवार को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 25 प्रतिशत तक की वृद्धि की है। यह पिछले दो हफ्तों में दूसरी बार है, जब इस द्वीप राष्ट्र ने ईंधन की कीमतों में इजाफा किया है।

श्रीलंका ने सामान्य पेट्रोल की कीमत को 317 रुपए प्रति लीटर से बढ़ाकर 398 रुपए प्रति लीटर कर दिया है, वहीं डीजल, जो सार्वजनिक परिवहन में व्यापक रूप से उपयोग होता है, की कीमत 79 रुपए बढ़ाकर 382 रुपए प्रति लीटर कर दी गई है।

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे कीमतों में भारी वृद्धि हो रही है।

पिछले एक हफ्ते में कच्चे तेल की कीमत में 8 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है, जबकि पिछले एक महीने में यह 57 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुकी है।

कीमतों में वृद्धि के साथ, श्रीलंका ईंधन की खपत को कम करने के लिए पेट्रोल-डीजल की राशनिंग भी कर रहा है।

यह देश अपनी ईंधन आवश्यकताओं के लिए पूरी तरह से आयात पर निर्भर है और बिजली उत्पादन की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विदेशों से कोयला खरीदता है।

श्रीलंका मुख्य रूप से सिंगापुर, मलेशिया और दक्षिण कोरिया से प्रोसेस्ड पेट्रोलियम उत्पाद प्राप्त करता है, जबकि ईरान से रिफाइनरी के लिए कच्चा तेल आयात किया जाता है।

लगातार हो रही मूल्य वृद्धि से परिवहन लागत और समग्र मुद्रास्फीति पर दबाव बढ़ने की संभावना है, जो पहले से ही आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे व्यवसायों और परिवारों को प्रभावित कर सकता है।

इसके अतिरिक्त, भारत के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में पुष्टि की है कि वह श्रीलंका, बांग्लादेश और मालदीव जैसे पड़ोसी देशों से डीजल की आपूर्ति के अनुरोधों की समीक्षा कर रहा है।

इस महीने की शुरुआत में नई दिल्ली में एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “भारत प्रोसेस्ड पेट्रोलियम उत्पादों का विशेष रूप से अपने पड़ोसी देशों को एक प्रमुख निर्यातक है।”

उन्होंने आगे बताया कि ईंधन आपूर्ति के अनुरोधों का मूल्यांकन भारत की घरेलू आवश्यकताओं और शोधन क्षमता को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है।

Point of View

NationPress
22/03/2026

Frequently Asked Questions

श्रीलंका में पेट्रोल-डीजल की कीमतें कितनी बढ़ गई हैं?
श्रीलंका में पेट्रोल की कीमत 398 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 382 रुपए प्रति लीटर हो गई है।
क्यों बढ़ी हैं ईंधन की कीमतें?
मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
क्या श्रीलंका ईंधन का आयात करता है?
हाँ, श्रीलंका अपनी सभी ईंधन आवश्यकताओं के लिए पूरी तरह से आयात पर निर्भर है।
भारत का श्रीलंका के लिए क्या योगदान है?
भारत श्रीलंका को प्रोसेस्ड पेट्रोलियम उत्पादों का प्रमुख निर्यातक है।
इस वृद्धि का आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?
इससे परिवहन लागत और समग्र मुद्रास्फीति पर दबाव बढ़ेगा, जो आम जनता को प्रभावित करेगा।
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