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क्या एलन मस्क की स्टारलिंक ने श्रीलंका में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू की?

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क्या एलन मस्क की स्टारलिंक ने श्रीलंका में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू की?

सारांश

एलन मस्क की स्टारलिंक ने श्रीलंका में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं की शुरुआत की है। क्या भारत में इसकी एंट्री निकट भविष्य में होने जा रही है? जानें इस नई तकनीकी क्रांति के बारे में।

मुख्य बातें

स्टारलिंक ने श्रीलंका में सेवाएं शुरू की हैं।
भारत में एंट्री के लिए लाइसेंस प्राप्त हुआ है।
स्टारलिंक दुनिया का सबसे बड़ा सैटेलाइट समूह संचालित करता है।
कम विलंबता के साथ तेज इंटरनेट सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
एशिया में कई देशों में पहले से ही स्टारलिंक सेवाएं उपलब्ध हैं।

नई दिल्ली, 2 जुलाई (राष्ट्र प्रेस) । एलन मस्क द्वारा संचालित सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक ने बुधवार को श्रीलंका में अपनी आधिकारिक सेवाएं आरंभ की हैं।

इस पहल के साथ, श्रीलंका दक्षिण एशिया का तीसरा राष्ट्र बन गया है, जिसे स्टारलिंक की इंटरनेट सेवा का लाभ मिला है।

अब श्रीलंका, भूटान और बांग्लादेश के बाद भारत का एक और पड़ोसी देश बन गया है, जिसे यह नई सुविधा मिली है।

स्टारलिंक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा की, "स्टारलिंक का उच्च गति और कम विलंबता वाला इंटरनेट अब श्रीलंका में उपलब्ध है।"

स्टारलिंक भारत में अपनी सेवाएं आरंभ करने के करीब पहुँच रहा है।

पिछले महीने, कंपनी को दूरसंचार विभाग से एक महत्वपूर्ण लाइसेंस प्राप्त हुआ, जो कि पहले आवेदन करने के लगभग तीन वर्षों बाद मिला है।

रिपोर्टों के अनुसार, स्टारलिंक अगले दो महीनों में भारत में सेवाएं शुरू कर सकता है।

भारत में परिचालन शुरू करने का अंतिम चरण भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) से औपचारिक स्वीकृति प्राप्त करना है।

एजेंसी ने पहले ही कंपनी को एक ड्राफ्ट लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) जारी किया है।

एक बार जब दोनों पक्ष इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर करेंगे, तो स्टारलिंक को भारतीय बाजार में अपनी सेवाएं शुरू करने के लिए आधिकारिक मंजूरी मिल जाएगी।

स्टारलिंक पृथ्वी की कक्षा में चलने वाले सैटेलाइट के नेटवर्क के माध्यम से इंटरनेट सेवा प्रदान करता है। वर्तमान में, यह दुनिया के सबसे बड़े सैटेलाइट समूह का संचालन करता है, जिसमें 6,750 से अधिक सैटेलाइट कक्षा में हैं।

कंपनी का कहना है कि स्टारलिंक कम विलंबता के साथ तेज इंटरनेट प्रदान करता है, जो सीमित कनेक्टिविटी वाले दूरदराज के क्षेत्रों के लिए भी उपयुक्त है।

एशिया में स्टारलिंक सेवाएं मंगोलिया, जापान, फिलीपींस, मलेशिया, इंडोनेशिया, जॉर्डन, यमन और अजरबैजान जैसे कई देशों में पहले से उपलब्ध हैं। दुनिया भर में, यह 100 से अधिक देशों में उपयोगकर्ताओं को सेवाएं प्रदान करता है, जिसमें आवासीय और रोमिंग दोनों तरह के इंटरनेट योजनाएं शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

एलन मस्क की स्टारलिंक ने श्रीलंका में अपनी सेवाएं शुरू की हैं, जो दिखाता है कि तकनीकी क्षेत्र में प्रगति कितनी तेज़ी से हो रही है। भारत में भी इसकी एंट्री की संभावनाएं हैं, जो हमें वैश्विक प्रतिस्पर्धा की ओर ले जा सकती हैं।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्टारलिंक की सेवाएं कब शुरू हुईं?
स्टारलिंक ने श्रीलंका में अपनी सेवाएं 2 जुलाई 2023 को शुरू कीं।
स्टारलिंक भारत में कब उपलब्ध होगा?
रिपोर्टों के अनुसार, स्टारलिंक अगले दो महीनों में भारत में सेवाएं देना शुरू कर सकता है।
स्टारलिंक का नेटवर्क कैसे काम करता है?
स्टारलिंक पृथ्वी की कक्षा में चलने वाले सैटेलाइट के नेटवर्क के माध्यम से इंटरनेट सेवा प्रदान करता है।
राष्ट्र प्रेस
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