TCS चेयरमैन एन चंद्रशेखरन: एआई खतरा नहीं, अगले 3 साल में एजेंट्स होंगे कर्मचारियों के बराबर
सारांश
मुख्य बातें
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने 9 जून 2026 को कंपनी की 31वीं सालाना आम बैठक (AGM) में स्पष्ट किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टेक्नोलॉजी सर्विसेज इंडस्ट्री के लिए खतरा नहीं, बल्कि विकास का एक बड़ा अवसर है। उन्होंने बताया कि TCS की एआई से होने वाली आय पिछली चार तिमाहियों से लगातार बढ़ रही है और इस दौरान चक्रवृद्धि तिमाही वृद्धि दर (CQGR) 22 प्रतिशत रही है।
एआई से आय और कारोबारी मजबूती
चंद्रशेखरन के अनुसार, पिछली तिमाही में सालाना आधार पर TCS की एआई से आय करीब 2.5 अरब डॉलर रही। उन्होंने निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि हाल के दौर में पूरे आईटी सेक्टर पर बने दबाव के बावजूद कंपनी के फंडामेंटल मजबूत बने हुए हैं — जिनमें स्थिर मार्जिन, बढ़ती रेवेन्यू और मजबूत डील पाइपलाइन शामिल हैं।
चंद्रशेखरन ने यह भी कहा कि TCS अपने इतिहास का 'सबसे अहम काम' कर रही है, क्योंकि एआई वैश्विक टेक्नोलॉजी सर्विस इंडस्ट्री को मूलभूत रूप से बदल रहा है।
अगले तीन साल में एआई एजेंट्स का बड़ा विस्तार
AGM में चंद्रशेखरन ने एक बड़ा अनुमान साझा किया — अगले तीन वर्षों में TCS में एआई एजेंट्स की संख्या कर्मचारियों के बराबर हो सकती है। यह कंपनी के कामकाज के तरीके में एक ऐतिहासिक बदलाव होगा। गौरतलब है कि TCS में फिलहाल 6 लाख से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, जो इस अनुमान की विशालता को रेखांकित करता है।
उन्होंने यह भी बताया कि एआई को अपनाने के कारण तीन-चौथाई कंपनियों का मानना है कि अगले दो वर्षों में टेक्नोलॉजी पर खर्च बढ़ सकता है — जो TCS जैसी सर्विस कंपनियों के लिए सीधा कारोबारी अवसर है।
एआई का विस्तार — डिजिटल से भौतिक दुनिया तक
चंद्रशेखरन ने समझाया कि एआई अभी मुख्यतः सॉफ्टवेयर और कंप्यूटर की दुनिया तक सीमित है, लेकिन जल्द ही यह स्टोर, फैक्ट्रियों, वेयरहाउस, एनर्जी नेटवर्क, वाहनों और सप्लाई चेन में भी अपनी पैठ बनाएगा। उनके अनुसार, इसके लिए ऐसे विशेषज्ञों की जरूरत होगी जो आईटी, एआई और फिजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर को एक साथ जोड़ना जानते हों — जो एक नई तरह की स्किल डिमांड पैदा करेगा।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत की आईटी इंडस्ट्री वैश्विक मंदी की आशंकाओं और अमेरिकी बाजार में अनिश्चितता के बीच नई राह तलाश रही है।
नौकरियों पर खतरे की आशंका — चंद्रशेखरन का जवाब
आईटी सर्विस इंडस्ट्री में एआई के कारण नौकरियाँ जाने की बढ़ती चिंताओं पर चंद्रशेखरन ने माना कि यह एक वाजिब सवाल है — 'अगर एआई अधिकतर काम कर सकता है, तो उन सेवाओं के लिए बने सेक्टर का क्या होगा?' हालाँकि उन्होंने कहा कि यह डर एक गलतफहमी पर आधारित है कि एआई एंटरप्राइज सिस्टम के साथ कैसे काम करेगा। उनके अनुसार, एआई मानव विशेषज्ञता को प्रतिस्थापित नहीं करेगा, बल्कि उसे नई दिशा देगा।
आगे चलकर TCS की रणनीति इस बात पर टिकी है कि एआई-संचालित बदलाव में वह ग्राहकों के लिए 'ट्रांसफॉर्मेशन पार्टनर' की भूमिका निभाए — न कि महज एक सर्विस वेंडर की।