अमेरिका ने उत्तर कोरिया को चिकित्सा उपकरण निर्यात पर लाइसेंस नियम कड़े किए, OFAC ने नई सूची जारी की
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी वित्त विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने उत्तर कोरिया को कुछ चिकित्सा उपकरणों के निर्यात पर लाइसेंस संबंधी नियम और सख्त कर दिए हैं। फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित एक आधिकारिक नोटिस के अनुसार, अब इन उपकरणों के निर्यात के लिए 'विशिष्ट प्राधिकरण' (Specific Authorization) अनिवार्य होगा, जो पहले एक सामान्य लाइसेंस के तहत अनुमत था। यह निर्णय गुरुवार, 13 जून 2026 से प्रभावी हो गया है।
क्या बदला है नए नियमों में
अब तक एक सामान्य लाइसेंस के अंतर्गत कुछ कृषि उत्पादों, दवाओं और चिकित्सा उपकरणों का उत्तर कोरिया को निर्यात या पुनः निर्यात संभव था। OFAC द्वारा जारी नई सूची उन उपकरणों को इस सामान्य छूट से बाहर करती है, जिससे निर्यातकों को अब प्रत्येक मामले में अलग से विशिष्ट अनुमति लेनी होगी।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों पर अमेरिका तथा दक्षिण कोरिया के साथ वार्ता लंबे समय से ठप पड़ी है, और प्योंगयांग अपनी सैन्य क्षमताओं को और विस्तार देता जा रहा है।
किन उपकरणों पर लगी नई पाबंदी
OFAC की नई सूची में शामिल प्रमुख उपकरण इस प्रकार हैं:
ऑक्सीजन जनरेटर, प्रति मिनट एक लीटर से अधिक प्रवाह दर वाले पंप, तथा डायग्नोस्टिक मेडिकल इमेजिंग उपकरण — जिनमें गामा इमेजिंग, टैक्टाइल इमेजिंग और थर्मोग्राफी उपकरण शामिल हैं। इसके अलावा, फ्रीज-ड्राइंग और स्प्रे-ड्राइंग मशीनें, डिकंटैमिनेशन शॉवर, लैबोरेटरी शेकर, इन्क्यूबेटर शेकर और कार्बन डाइऑक्साइड इन्क्यूबेटर भी इस सूची में शामिल हैं।
विशेषज्ञों की राय: दोहरे उपयोग की चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि ये नए लाइसेंस प्रतिबंध मुख्य रूप से उन दोहरे उपयोग (Dual-Use) वाली वस्तुओं को लक्षित करते हैं, जिनका इस्तेमाल नागरिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ सैन्य उद्देश्यों के लिए भी किया जा सकता है। गौरतलब है कि इस तरह के उपकरण जैव-रक्षा, रासायनिक हथियार कार्यक्रमों या सैन्य चिकित्सा अवसंरचना में भी उपयोगी हो सकते हैं।
आलोचकों का कहना है कि इस कदम से उत्तर कोरिया की आम जनता तक पहुँचने वाली मानवीय सहायता भी प्रभावित हो सकती है, जबकि अमेरिकी अधिकारियों का तर्क है कि विशिष्ट प्राधिकरण की व्यवस्था वास्तविक मानवीय जरूरतों को पूरा करने का रास्ता खुला रखती है।
जी-7 सम्मेलन और ट्रंप-ली बैठक की संभावना
इस बीच, दक्षिण कोरिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि राष्ट्रपति ली जे म्यूंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फ्रांस के इवेन में होने वाले जी-7 सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय शिखर वार्ता होगी या नहीं, यह कहना अभी 'बहुत जल्दबाजी' होगी। यह सम्मेलन सोमवार से बुधवार के बीच आयोजित होने वाला है।
राष्ट्रपति ली आमंत्रित साझेदार देश के प्रमुख के रूप में जी-7 में भाग लेंगे — यह लगातार दूसरा वर्ष है जब दक्षिण कोरिया को इस प्रतिष्ठित मंच पर बुलाया गया है। अधिकारी ने कहा, "यदि अवसर बनता है तो बातचीत हो सकती है, लेकिन फिलहाल ऐसी बैठक की संभावना पर टिप्पणी करना कठिन है।"
आगे क्या होगा
नए OFAC नियमों के तहत अब उत्तर कोरिया को प्रतिबंधित सूची के उपकरण भेजने के इच्छुक निर्यातकों को प्रत्येक शिपमेंट के लिए अलग से आवेदन करना होगा और अनुमति मिलने का इंतजार करना होगा। यह प्रक्रिया लंबी और अनिश्चित हो सकती है, जिससे व्यावहारिक रूप से इन वस्तुओं का निर्यात काफी हद तक सीमित हो जाएगा। जी-7 सम्मेलन में उत्तर कोरिया का मुद्दा एजेंडे पर रहने की संभावना है।