1 अगस्त 2026
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उत्तर कोरिया का जापान के सुरक्षा दस्तावेज़ बदलावों पर हमला, बताया 'विश्व शांति के लिए खुली चुनौती'

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उत्तर कोरिया का जापान के सुरक्षा दस्तावेज़ बदलावों पर हमला, बताया 'विश्व शांति के लिए खुली चुनौती'

सारांश

उत्तर कोरिया ने जापान के सुरक्षा दस्तावेज़ों में प्रस्तावित बदलावों को 'चालाक साज़िश' और 'विश्व शांति के लिए खुली चुनौती' करार दिया है। जापान अब मिसाइल और युद्धपोत जैसे घातक हथियार निर्यात करने में सक्षम होगा — यह द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद जापान की सबसे बड़ी रक्षा नीति में बदलाव है।

मुख्य बातें

उत्तर कोरिया ने 4 मई 2026 को जापान के सुरक्षा दस्तावेज़ बदलावों को 'विश्व शांति के लिए खुली चुनौती' बताया।
जापान तीन प्रमुख दस्तावेज़ — नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटेजी , नेशनल डिफेंस स्ट्रैटेजी और डिफेंस बिल्डअप प्रोग्राम — को 2026 के अंत तक अपडेट करेगा।
नए नियमों के तहत जापान अब मिसाइल और युद्धपोत जैसे घातक हथियार निर्यात कर सकेगा।
प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने मार्च 2026 तक रक्षा बजट को जीडीपी के 2% तक पहुँचाने का वादा किया था।
उत्तर कोरिया के सरकारी अखबार रोडोंग सिनमुन ने इसे जापान की 'चालाक साज़िश' और पुनः आक्रामकता की मंशा बताया।

उत्तर कोरिया ने सोमवार, 4 मई 2026 को जापान की सुरक्षा नीति में प्रस्तावित बड़े बदलावों की कड़ी आलोचना की और इन्हें 'दुनिया की शांति और इंसानियत के लिए खुली चुनौती' करार दिया। प्योंगयांग की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब जापान अपने तीन प्रमुख सुरक्षा दस्तावेज़ों को अपडेट करने की प्रक्रिया में है।

जापान के सुरक्षा दस्तावेज़ों में क्या बदलाव हो रहे हैं

जापान इस वर्ष अपने तीन अहम सुरक्षा दस्तावेज़ों — नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटेजी, नेशनल डिफेंस स्ट्रैटेजी और डिफेंस बिल्डअप प्रोग्राम — को अपडेट करने की दिशा में काम कर रहा है। योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम चीन की बढ़ती सैन्य ताकत और क्षेत्र में गहराते सुरक्षा खतरों के जवाब में उठाया जा रहा है। जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने अक्टूबर 2025 में घोषणा की थी कि वह देश की सैन्य क्षमता को तेज़ी से बढ़ाना चाहती हैं और मार्च 2026 तक रक्षा बजट को जीडीपी के 2 प्रतिशत तक पहुँचाने का वादा किया था।

उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया

उत्तर कोरिया के सरकारी अखबार रोडोंग सिनमुन में प्रकाशित एक लेख में इन बदलावों को जापान की 'चालाक साज़िश' बताया गया। लेख में आरोप लगाया गया कि इसके ज़रिए जापान 'दुनिया में बढ़ते तनाव के बीच फिर से हमला करने की अपनी पुरानी मंशा' को पूरा करना चाहता है। उत्तर कोरिया का कहना है कि रक्षा बजट में वृद्धि, हथियार निर्यात पर प्रतिबंध हटाना और सेना की ताकत बढ़ाना — ये सभी कदम 'जापान के हथियार उद्योग को फिर से खड़ा करने और उसकी युद्ध क्षमता बढ़ाने' के लिए हैं।

हथियार निर्यात नीति में बड़ा बदलाव

पिछले महीने जापान सरकार ने रक्षा उपकरण और तकनीक के हस्तांतरण से जुड़े नियमों में संशोधन किया। इससे अब जापान घातक हथियारों सहित कई श्रेणियों के हथियार विदेशों में बेच सकेगा। इस फैसले के विरुद्ध जापान में बड़े पैमाने पर जन-विरोध भी देखा गया।

गौरतलब है कि पहले जापान केवल पाँच प्रकार के गैर-लड़ाकू उपकरण — बचाव, परिवहन, चेतावनी, निगरानी और माइन-निष्कासन — ही निर्यात कर सकता था। नए नियमों के तहत उपकरणों को 'हथियार' और 'गैर-हथियार' दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है। रडार सिस्टम जैसे गैर-हथियार उपकरणों का निर्यात पहले की तरह जारी रहेगा, जबकि अब जापान उन देशों को मिसाइल और युद्धपोत जैसे हथियार भी बेच सकेगा जिनके साथ उसका रक्षा सूचना सुरक्षा समझौता है।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं। जापान का यह नीतिगत बदलाव न केवल उत्तर कोरिया, बल्कि चीन के लिए भी चिंता का विषय बन सकता है। प्रधानमंत्री ताकाइची ने 2026 के अंत तक तीनों प्रमुख सुरक्षा दस्तावेज़ों को अपडेट करने का लक्ष्य रखा है, जिससे आने वाले महीनों में क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर कोरिया ने जापान के सुरक्षा बदलावों की आलोचना क्यों की?
उत्तर कोरिया ने जापान के सुरक्षा दस्तावेज़ों में प्रस्तावित बदलावों को 'दुनिया की शांति और इंसानियत के लिए खुली चुनौती' बताया है। सरकारी अखबार रोडोंग सिनमुन के अनुसार, जापान इन बदलावों के ज़रिए अपनी 'पुरानी आक्रामक मंशा' को फिर से पूरा करना चाहता है।
जापान के तीन सुरक्षा दस्तावेज़ कौन से हैं जिन्हें अपडेट किया जा रहा है?
जापान नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटेजी, नेशनल डिफेंस स्ट्रैटेजी और डिफेंस बिल्डअप प्रोग्राम — इन तीन प्रमुख दस्तावेज़ों को 2026 के अंत तक अपडेट करने की योजना बना रहा है। यह कदम चीन की बढ़ती सैन्य शक्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा खतरों के जवाब में उठाया जा रहा है।
जापान के नए हथियार निर्यात नियमों में क्या बदलाव हुआ है?
नए नियमों के तहत जापान अब उन देशों को मिसाइल और युद्धपोत जैसे घातक हथियार बेच सकेगा जिनके साथ उसका रक्षा सूचना सुरक्षा समझौता है। पहले जापान केवल बचाव, परिवहन, चेतावनी, निगरानी और माइन-निष्कासन जैसे पाँच गैर-लड़ाकू उपकरण ही निर्यात कर सकता था।
जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने रक्षा बजट के बारे में क्या कहा था?
अक्टूबर 2025 में प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने मार्च 2026 तक रक्षा बजट को जीडीपी के 2 प्रतिशत तक पहुँचाने और 2026 के अंत तक तीनों सुरक्षा दस्तावेज़ों को अपडेट करने का वादा किया था। उन्होंने देश की सैन्य क्षमता को तेज़ी से बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई थी।
जापान के हथियार निर्यात नीति में बदलाव पर क्या विरोध हुआ?
जापान में इस फैसले के खिलाफ बड़े पैमाने पर जन-विरोध प्रदर्शन हुए। आलोचकों का कहना है कि यह जापान के शांतिवादी संविधान की भावना के विरुद्ध है और क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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