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अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते पश्चिम एशिया के लिए 10,000 से अधिक उड़ानें रद्द

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अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते पश्चिम एशिया के लिए 10,000 से अधिक उड़ानें रद्द

सारांश

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष के चलते 10,000 से अधिक उड़ानें रद्द की गई हैं। जानिए इसके पीछे के कारण और भारतीय विमानन कंपनियों की स्थिति के बारे में।

मुख्य बातें

अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध से उड़ान सेवाओं पर बुरा प्रभाव पड़ा है।
10,000 से अधिक उड़ानें रद्द की गई हैं।
सरकार ने किराए में वृद्धि न होने का आश्वासन दिया है।
डीजीसीए ने पायलटों के नियमों में ढील दी है।
भारतीय विमानन कंपनियां कार्गो सेवाएं जारी रख रही हैं।

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से पश्चिम एशिया के लिए 10,000 से अधिक उड़ानें रद्द की गई हैं। यह जानकारी मंगलवार को नागर विमानन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने साझा की।

नागर विमानन मंत्रालय में संयुक्त सचिव असंगबा चुबा आआ ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि युद्ध शुरू होने से पूर्व भारतीय विमानन कंपनियां पश्चिम एशिया के लिए लगभग 300-350 उड़ानें प्रतिदिन संचालित कर रही थीं, लेकिन अब यह संख्या घटकर 80-90 रह गई है।

अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले किए थे, जिसके बाद ईरान ने प्रतिशोधी हमले किए। इसके परिणामस्वरूप पूरे मध्य पूर्व में तनाव व्याप्त है।

वरिष्ठ अधिकारी ने आगे कहा कि क्षेत्र में चुनौतियों के बावजूद भारतीय विमानन कंपनियां निरंतर कार्यरत हैं और कार्गो ट्रांसपोर्ट भी जारी है। एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद, सरकार ने घरेलू बाजार में विमान किराए में वृद्धि न होने की गारंटी दी है।

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नागर विमानन निदेशालय (डीजीसीए) ने पायलटों के लिए कुछ नियमों में छूट प्रदान की है और सरकार सभी संबंधित पक्षों से निरंतर संवाद कर रही है।

ईरान युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लंबे मार्ग अपनाने पड़ रहे हैं, इसीलिए डीजीसीए ने अस्थायी रूप से एयरलाइंस को लंबी दूरी की उड़ानों के पायलटों के उड़ान ड्यूटी समय बढ़ाने की अनुमति दी है।

सरकार ने कहा कि पायलटों के उड़ान ड्यूटी समय सीमा (एफडीटीएल) के नियम में ढील इसलिए दी गई है क्योंकि मध्य पूर्व के देशों द्वारा हवाई क्षेत्र बंद किए जाने के कारण लंबी उड़ान घंटों की आवश्यकता से एयरलाइंस को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।

थकान को रोकने के लिए, जो उड़ान सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती है, पायलटों के उड़ान समय पर सीमा लगाने के लिए डीजीसीए ने पिछले वर्ष नए उड़ान ड्यूटी नियम लागू किए थे। नए नियमों के अनुसार, पायलटों को 48 घंटे का निरंतर आराम अनिवार्य है, जो कि पहले के नियमों में निर्धारित 36 घंटे से अधिक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वैश्विक स्तर पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। सुरक्षा, उड़ान सेवाओं का संचालन और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए, सरकार की इन चुनौतियों से निपटने की क्षमता महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कितनी उड़ानें रद्द हुई हैं?
अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते 10,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द की गई हैं।
क्या सरकार ने विमान किराए में वृद्धि की है?
सरकार ने घरेलू बाजार में विमान किराए में वृद्धि नहीं होने की गारंटी दी है।
पायलटों के लिए क्या नियमों में बदलाव हुए हैं?
डीजीसीए ने पायलटों के उड़ान ड्यूटी समय में छूट दी है।
क्यों रद्द की गई उड़ानें?
ईरान युद्ध के कारण पूरे क्षेत्र में तनाव और हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण उड़ानें रद्द हुईं।
क्या विमानन कंपनियां अभी भी कार्यरत हैं?
हां, भारतीय विमानन कंपनियां लगातार काम कर रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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