महिलाओं के आवेदनों में 43 प्रतिशत की वृद्धि, वर्कफोर्स में भागीदारी 34 प्रतिशत: एक नई रिपोर्ट

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महिलाओं के आवेदनों में 43 प्रतिशत की वृद्धि, वर्कफोर्स में भागीदारी 34 प्रतिशत: एक नई रिपोर्ट

सारांश

भारत में महिलाओं के लिए नेतृत्व और प्रबंधन से जुड़ी नौकरियों के लिए आवेदनों में 43 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह रिपोर्ट बताती है कि महिलाएं अब उच्चतम प्रबंधन पदों की ओर अग्रसर हैं और उनके लिए अवसर बढ़ रहे हैं।

Key Takeaways

  • महिलाओं के लिए आवेदनों में 43 प्रतिशत की वृद्धि
  • स्ट्रेटेजिक और टॉप मैनेजमेंट पदों पर बढ़ती रुचि
  • फुल-टाइम नौकरियों में 33 प्रतिशत की वृद्धि
  • टियर-2 शहरों में आवेदन में 27 प्रतिशत का इजाफा
  • तकनीकी क्षेत्रों में महिलाओं की रुचि में वृद्धि

नई दिल्ली, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत में महिलाओं द्वारा नेतृत्व और प्रबंधन से संबंधित नौकरियों के लिए किए जाने वाले आवेदनों में पिछले एक साल में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। एक रिपोर्ट के अनुसार, स्ट्रेटेजिक और शीर्ष प्रबंधन (टॉप मैनेजमेंट) पदों पर महिलाओं के आवेदन में सालाना आधार पर 43 प्रतिशत की वृद्धि आई है।

रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि अपना डॉट सीओ द्वारा किए गए विश्लेषण में, जोखिम प्रबंधन और अनुपालन से संबंधित पदों के लिए महिलाओं के आवेदनों में 51 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

रिपोर्ट के अनुसार, अब महिलाएं सिर्फ शुरुआती स्तर की नौकरियों तक सीमित नहीं रहना चाहतीं; वे संगठन के उच्च पदों और रणनीतिक भूमिकाओं में भी अवसरों की तलाश कर रही हैं।

आंकड़ों से यह पता चलता है कि महिलाओं में स्थिर नौकरी की मांग बढ़ रही है। फुल-टाइम नौकरियों के लिए किए गए आवेदन सालाना आधार पर 33 प्रतिशत बढ़े हैं, जबकि पार्ट-टाइम नौकरियों के लिए आवेदन में 21 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।

इसके साथ ही, नए उम्मीदवारों के आवेदन में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो अनुभवी पेशेवरों की 11 प्रतिशत की वृद्धि से अधिक है।

रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाओं के लिए विशेष रूप से जारी की गई टॉप मैनेजमेंट और रणनीतिक पदों की नौकरियों में 52 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, जोखिम प्रबंधन और अनुपालन से जुड़े पदों पर महिलाओं की भर्ती में 57 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इसके अलावा, प्रोजेक्ट और प्रोग्राम मैनेजमेंट से संबंधित पदों के लिए महिलाओं के आवेदन लगभग दोगुने हो गए हैं।

राष्ट्रीय श्रम आंकड़ों में भी इसी प्रकार का रुझान देखने को मिलता है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के ताजा त्रैमासिक श्रम बल सर्वेक्षण के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2025 के बीच महिला श्रम भागीदारी दर 33.7 प्रतिशत हो गई, जो पिछले तिमाही में 33.4 प्रतिशत थी। इस दौरान महिला श्रमिक जनसंख्या अनुपात 32 प्रतिशत पर पहुँच गया, जबकि कुल बेरोजगारी दर 5.2 प्रतिशत रह गई।

तकनीकी क्षेत्रों में भी महिलाओं की रुचि तेजी से बढ़ रही है। डेटा साइंस और एनालिटिक्स से जुड़े पदों के लिए आवेदन में 86 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि रिसर्च और डेवलपमेंट में 88 प्रतिशत और क्वालिटी एश्योरेंस में 90 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है। प्रोडक्ट मैनेजमेंट से संबंधित नौकरियों के लिए आवेदन 62 प्रतिशत बढ़े हैं।

अपना के जॉब्स मार्केटप्लेस के सीईओ कार्तिक नारायण ने कहा कि सीनियर मैनेजमेंट, अनुपालन और स्किल-आधारित पदों के लिए बढ़ते आवेदन यह दर्शाते हैं कि भारत के श्रम बाजार में महिलाओं की भूमिका अब केवल अवसर पाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे नेतृत्व की जिम्मेदारियों को भी स्वीकार करना चाहती हैं।

भौगोलिक स्तर पर, टियर-2 शहरों में महिलाओं के नौकरी आवेदन में 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि टियर-1 शहरों में यह वृद्धि 10 प्रतिशत रही।

रिपोर्ट के अनुसार, टियर-1 शहरों में सबसे अधिक सालाना वृद्धि नोएडा में लगभग 14 प्रतिशत रही। वहीं, टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंदौर में करीब 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसके विपरीत, टियर-2 और टियर-3 शहरों में सूरत में लगभग 3 प्रतिशत और टियर-1 शहरों में मुंबई में करीब 7 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।

Point of View

बल्कि यह दर्शाता है कि हमारे समाज में महिलाओं की भूमिका अब अधिक महत्वपूर्ण हो रही है।
NationPress
07/03/2026

Frequently Asked Questions

भारत में महिलाओं के लिए नौकरी के आवेदनों में कितना इजाफा हुआ है?
महिलाओं के लिए नौकरी के आवेदनों में पिछले एक साल में 43 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
महिलाओं की श्रम भागीदारी दर क्या है?
महिलाओं की श्रम भागीदारी दर अब 34 प्रतिशत के करीब है।
क्या महिलाएं केवल शुरुआती स्तर की नौकरियों के लिए आवेदन कर रही हैं?
नहीं, महिलाएं अब उच्च प्रबंधन और रणनीतिक पदों के लिए भी आवेदन कर रही हैं।
कौन से क्षेत्रों में महिलाओं की रुचि बढ़ रही है?
महिलाएं अब तकनीकी क्षेत्रों जैसे डेटा साइंस, रिसर्च और डेवलपमेंट में भी रुचि ले रही हैं।
टियर-1 और टियर-2 शहरों में महिलाओं के नौकरी आवेदन में क्या अंतर है?
टियर-2 शहरों में 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि टियर-1 शहरों में यह वृद्धि 10 प्रतिशत रही है।
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