महिलाओं के लिए शीर्ष प्रबंधन पदों पर आवेदन में 43 प्रतिशत की वृद्धि: एक नई रिपोर्ट
सारांश
Key Takeaways
- महिलाओं के आवेदन में 43 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
- रिसर्च और डेवलपमेंट में 88 प्रतिशत की बढ़ोतरी।
- फुल-टाइम नौकरियों के लिए आवेदन में 33 प्रतिशत की वृद्धि।
- टियर-2 शहरों में आवेदन में 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी।
- महिलाओं की श्रम भागीदारी दर 33.7 प्रतिशत तक बढ़ गई।
नई दिल्ली, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत में महिलाओं द्वारा प्रबंधन और नेतृत्व से संबंधित नौकरियों के लिए आवेदन में पिछले वर्ष के दौरान एक उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, टॉप प्रबंधन पदों के लिए महिलाओं के आवेदनों में सालाना आधार पर 43 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
इस रिपोर्ट में बताया गया है कि अपना डॉट सीओ द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार, जोखिम प्रबंधन और कंप्लायंस से संबंधित भूमिकाओं के लिए महिलाओं के आवेदन में 51 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, महिलाएं अब केवल प्रारंभिक स्तर की नौकरियों तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि वे संगठन के उच्च पदों और रणनीतिक भूमिकाओं में भी अवसर तलाश रही हैं।
आंकड़ों से यह भी स्पष्ट होता है कि महिलाओं में स्थायी रोजगार की मांग बढ़ रही है। फुल-टाइम नौकरियों के लिए किए गए आवेदनों में सालाना आधार पर 33 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि पार्ट-टाइम नौकरियों के लिए 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है।
साथ ही, नए उम्मीदवारों के लिए आवेदन में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो कि अनुभवी पेशेवरों के 11 प्रतिशत की वृद्धि से अधिक है।
रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं के लिए विशेष रूप से जारी की गई टॉप प्रबंधन और रणनीतिक पदों की नौकरियों में 52 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं, जोखिम प्रबंधन और कंप्लायंस से जुड़े पदों पर महिलाओं की भर्ती में 57 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इसके अलावा, प्रोजेक्ट और प्रोग्राम प्रबंधन से संबंधित पदों के लिए महिलाओं के आवेदन लगभग दोगुने हो गए हैं।
राष्ट्रीय श्रम आंकड़ों में भी इसी प्रकार का रुझान देखा गया है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के हालिया श्रम बल सर्वेक्षण के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2025 के बीच महिला श्रम भागीदारी दर 33.7 प्रतिशत तक बढ़ गई है, जो पिछले तिमाही में 33.4 प्रतिशत थी। इसी दौरान महिला श्रमिक जनसंख्या अनुपात 32 प्रतिशत हो गया, जबकि कुल बेरोजगारी दर घटकर 5.2 प्रतिशत रह गई।
तकनीकी क्षेत्रों में भी महिलाओं की रुचि तेजी से बढ़ रही है। डेटा साइंस और एनालिटिक्स से जुड़े पदों के लिए आवेदन में 86 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि रिसर्च और डेवलपमेंट में 88 प्रतिशत और क्वालिटी एश्योरेंस में 90 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्रोडक्ट मैनेजमेंट से संबंधित नौकरियों के लिए आवेदन 62 प्रतिशत बढ़े हैं।
अपना के जॉब्स मार्केटप्लेस के सीईओ कार्तिक नारायण ने कहा कि सीनियर मैनेजमेंट, कंप्लायंस और स्किल-आधारित पदों के लिए बढ़ते आवेदन यह दर्शाते हैं कि भारत के श्रम बाजार में महिलाओं की भूमिका अब केवल अवसर प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे नेतृत्व की जिम्मेदारियां भी संभालना चाहती हैं।
भौगोलिक दृष्टिकोण से, टियर-2 शहरों में महिलाओं के नौकरी के आवेदन में 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि टियर-1 शहरों में यह वृद्धि 10 प्रतिशत रही।
रिपोर्ट के अनुसार, टियर-1 शहरों में सबसे अधिक वार्षिक वृद्धि नोएडा में लगभग 14 प्रतिशत रही। वहीं, टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंदौर में करीब 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। इसके विपरीत, टियर-2 और टियर-3 शहरों में सूरत में लगभग 3 प्रतिशत और टियर-1 शहरों में मुंबई में करीब 7 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।