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'हस्तिनापुर के वीर' में जरासंध बने आभास मेहता: 'महाभारत की दुनिया का हिस्सा बनने का मौका नहीं छोड़ सकता था'

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'हस्तिनापुर के वीर' में जरासंध बने आभास मेहता: 'महाभारत की दुनिया का हिस्सा बनने का मौका नहीं छोड़ सकता था'

सारांश

आभास मेहता पहली बार महाभारत की दुनिया में क़दम रख रहे हैं — 'हस्तिनापुर के वीर' में राजा जरासंध के रूप में। उनका कहना है कि यह किरदार नहीं, बल्कि महाभारत का हिस्सा बनने का दुर्लभ मौका था जिसने उन्हें इस शो से जोड़ा।

मुख्य बातें

आभास मेहता सोनी सब के पौराणिक शो 'हस्तिनापुर के वीर' में राजा जरासंध की भूमिका निभाएंगे।
शो का प्रसारण 2 जून 2026 से सोनी सब पर हो रहा है।
यह आभास का पहला महाभारत-आधारित धारावाहिक है; इससे पहले वे 'देवों के देव...महादेव' , 'सिंहासन बत्तीसी' और 'महाकाली – अंत ही आरंभ है' में काम कर चुके हैं।
आभास ने जरासंध की भूमिका के लिए गहन शोध किया और किरदार में कुछ नया जोड़ने का दावा किया है।
उनके अनुसार पौराणिक किरदारों को निभाते समय दर्शकों की भावनाओं का सम्मान करना सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है।

अभिनेता आभास मेहता अब सोनी सब के पौराणिक धारावाहिक 'हस्तिनापुर के वीर' में राजा जरासंध की भूमिका में नज़र आएंगे। 2 जून 2026 से प्रसारित हो रहे इस शो से जुड़ने का फ़ैसला करते हुए आभास ने स्पष्ट किया कि उन्हें सबसे पहले जरासंध के किरदार ने नहीं, बल्कि महाभारत की विशाल दुनिया का हिस्सा बनने के अवसर ने आकर्षित किया।

महाभारत की दुनिया ने खींचा

आभास मेहता ने बताया कि जब उन्हें 'हस्तिनापुर के वीर' का प्रस्ताव मिला, तब वे जरासंध की कहानी से बहुत परिचित नहीं थे। उन्होंने कहा, 'जब मुझे पता चला कि शो महाभारत की दुनिया से जुड़ा है, तो मेरी दिलचस्पी बढ़ गई। मैं इससे पहले महाभारत से जुड़ी किसी कहानी का हिस्सा नहीं रहा था। इसलिए मैं इस मौके को जाने नहीं देना चाहता था।' यह पहली बार है जब वे महाभारत के किसी पात्र को पर्दे पर जीवंत करेंगे।

पौराणिक किरदारों का लंबा सफ़र

आभास मेहता का पौराणिक शो से रिश्ता नया नहीं है। उनके इस सफ़र की शुरुआत 'देवों के देव...महादेव' से हुई थी। इसके बाद उन्होंने 'सिंहासन बत्तीसी' में बेताल का किरदार निभाया — एक ऐसी भूमिका जो उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी ख़ास थी, क्योंकि बेताल की कहानियाँ उन्होंने बचपन से सुनी थीं।

इसके बाद वे 'महाकाली – अंत ही आरंभ है' में एक सुपर विलेन की भूमिका में नज़र आए। उन्होंने इसे अपने पौराणिक सफ़र का सबसे चुनौतीपूर्ण और यादगार अनुभव बताया। उन्होंने कहा, 'इस शो में मुझे सिर्फ अभिनय पर ही नहीं, बल्कि पूरे लुक और गेटअप पर भी काफ़ी काम करना पड़ा था।' इसके बाद उन्होंने 'लक्ष्मी नारायण – सुख सामर्थ्य संतुलन' में भगवान विष्णु की कहानी पर आधारित भूमिका निभाई।

पौराणिक किरदारों की ज़िम्मेदारी

आभास का मानना है कि पौराणिक शो कलाकारों को बड़े और प्रभावशाली अंदाज़ में अभिनय करने की आज़ादी देते हैं, लेकिन इसके साथ एक बड़ी ज़िम्मेदारी भी जुड़ी होती है। उन्होंने कहा, 'महाभारत की कहानियाँ लोगों के लिए सिर्फ टीवी शो नहीं हैं। लोग इन्हें किताबों में पढ़ चुके हैं, सुन चुके हैं और टीवी, फिल्मों और कार्टून में भी देख चुके हैं। इसलिए कहानी और किरदार के साथ ईमानदार रहना ज़रूरी है, ताकि दर्शकों की भावनाओं को ठेस न पहुँचे।'

जरासंध की भूमिका के लिए तैयारी

राजा जरासंध की भूमिका के लिए आभास ने गहन शोध किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने जरासंध के बारे में विस्तार से पढ़ा और इस किरदार में अपनी तरफ से कुछ नया जोड़ने की कोशिश की है, जो दर्शकों के लिए एक सुखद आश्चर्य होगा। आभास ने कहा, 'मेरे करियर में दर्शकों ने मुझे कई बार पसंद किया है और कई बार मेरे किरदारों से नफ़रत भी की है। मैं चाहता हूँ कि दर्शक जरासंध के किरदार को भी उसी तरह स्वीकार करें।'

शो का विवरण

'हस्तिनापुर के वीर' का प्रसारण सोनी सब पर 2 जून 2026 से हो रहा है। आभास इससे पहले 'इस प्यार को क्या नाम दूं?', 'तू सूरज मैं सांझ पियाजी' और 'हम रहें ना रहें हम' जैसे चर्चित धारावाहिकों में अपनी अदाकारी से दर्शकों का दिल जीत चुके हैं। अब महाभारत की दुनिया में क़दम रखते हुए वे अपने करियर के एक नए और महत्त्वपूर्ण अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

महाभारत की दुनिया ने आकर्षित किया, दरअसल भारतीय टेलीविज़न में पौराणिक शो की उस अदृश्य ताक़त को रेखांकित करता है जो कलाकारों को भी दर्शकों की तरह भावनात्मक रूप से खींचती है। यह ऐसे समय में आया है जब ओटीटी के दबाव में टेलीविज़न नेटवर्क पौराणिक कथाओं को अपना मज़बूत किला बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालाँकि असली सवाल यह है कि क्या 'हस्तिनापुर के वीर' जरासंध जैसे जटिल, नैतिक रूप से द्विधाग्रस्त पात्र को उस गहराई के साथ पेश कर पाएगा जो महाभारत की कहानी की माँग करती है — या वह भी पिछले कई पौराणिक शो की तरह सतही चमक-दमक तक सिमट जाएगा।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आभास मेहता 'हस्तिनापुर के वीर' में कौन सा किरदार निभा रहे हैं?
आभास मेहता सोनी सब के पौराणिक धारावाहिक 'हस्तिनापुर के वीर' में राजा जरासंध की भूमिका निभा रहे हैं। यह उनका पहला महाभारत-आधारित किरदार है।
'हस्तिनापुर के वीर' कब से और किस चैनल पर प्रसारित हो रहा है?
'हस्तिनापुर के वीर' का प्रसारण 2 जून 2026 से सोनी सब पर हो रहा है। यह एक पौराणिक धारावाहिक है जो महाभारत की दुनिया पर आधारित है।
आभास मेहता ने 'हस्तिनापुर के वीर' से जुड़ने का फ़ैसला क्यों किया?
आभास ने बताया कि उन्हें मुख्य रूप से महाभारत की दुनिया का हिस्सा बनने के अवसर ने आकर्षित किया, न कि केवल जरासंध का किरदार। चूँकि वे इससे पहले कभी महाभारत से जुड़े किसी शो में नहीं थे, इसलिए उन्होंने यह मौका नहीं छोड़ा।
आभास मेहता ने इससे पहले कौन-कौन से पौराणिक शो में काम किया है?
आभास मेहता 'देवों के देव...महादेव', 'सिंहासन बत्तीसी' (बेताल की भूमिका), 'महाकाली – अंत ही आरंभ है' (सुपर विलेन) और 'लक्ष्मी नारायण – सुख सामर्थ्य संतुलन' में काम कर चुके हैं।
राजा जरासंध की भूमिका के लिए आभास मेहता ने क्या तैयारी की?
आभास ने जरासंध के बारे में विस्तृत शोध किया और इस किरदार में अपनी तरफ से कुछ नया जोड़ने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि यह दर्शकों के लिए एक सुखद आश्चर्य होगा।
राष्ट्र प्रेस
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