अदा शर्मा का खुलासा: 'द केरल स्टोरी' के बाद विवादित फिल्में चुनना करियर की रणनीति नहीं
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री अदा शर्मा ने स्पष्ट किया है कि 'द केरल स्टोरी' के बाद संवेदनशील विषयों वाली फिल्मों से उनका जुड़ाव किसी सुनियोजित करियर रणनीति का हिस्सा नहीं है। 20 जुलाई को मुंबई में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उनके लिए हर किरदार की अपनी अलग अहमियत होती है, चाहे वह वास्तविक घटनाओं पर आधारित हो या पूरी तरह काल्पनिक।
किन प्रोजेक्ट्स से जुड़ा है अदा का नाम
'द केरल स्टोरी' की सफलता के बाद अदा शर्मा का नाम 'बस्तर: द नक्सल स्टोरी', 'तुमको मेरी कसम' और 'गजरा' जैसे प्रोजेक्ट्स से जुड़ा, जिनके विषयों को लेकर दर्शकों और आलोचकों में चर्चा रही। इन फिल्मों की संवेदनशील विषय-वस्तु के कारण यह सवाल उठने लगा कि क्या अदा जानबूझकर विवादित कहानियों को चुन रही हैं।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह खुद ऐसे किरदार तलाशती हैं या निर्माता उन्हें इसी तरह की भूमिकाओं के लिए संपर्क करते हैं, तो उन्होंने कहा कि एक कलाकार के लिए कैमरे के सामने आते ही किरदार सच बन जाता है — कहानी का आधार चाहे कुछ भी हो।
अदा शर्मा के अपने शब्दों में
अदा ने कहा, 'द केरल स्टोरी' के बाद उन्होंने कई अलग तरह के किरदार निभाए हैं। उन्होंने बताया, ''मैंने 'सनफ्लावर' में एक बार डांसर का किरदार निभाया, जो पूरी तरह काल्पनिक कहानी पर आधारित था। इसके अलावा 'रीता सान्याल' में आठ अलग-अलग किरदार निभाने का मौका मिला, जो मेरे लिए एक अलग और मजेदार अनुभव था।''
उन्होंने 'कमांडो' ओटीटी सीरीज़ का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने भावना रेड्डी का किरदार दोबारा निभाया। उनके अनुसार, ''यह प्रोजेक्ट पूरी तरह एक्शन और मनोरंजन पर आधारित था। मेरे करियर में अलग-अलग तरह की कहानियाँ और किरदार शामिल रहे हैं, इसलिए मुझे केवल एक तरह की भूमिका से जोड़ना सही नहीं होगा।''
आने वाले प्रोजेक्ट्स
अदा ने बताया कि वह जल्द एक हॉरर फिल्म में नज़र आएंगी। मजाकिया अंदाज़ में उन्होंने कहा, ''मैं उम्मीद करती हूँ कि यह कहानी किसी सच्ची घटना पर आधारित न हो।'' इसके अलावा वह एक सुपरहीरो फिल्म का भी हिस्सा हैं, जो पूरी तरह काल्पनिक दुनिया पर आधारित है।
'गजरा' में उन्होंने देवी का किरदार निभाया, जो वास्तविक घटनाओं से प्रेरित था। गौरतलब है कि यह फिल्म भी उन प्रोजेक्ट्स में शामिल है जिन पर सार्वजनिक बहस हुई।
किरदार और ईमानदारी
अदा का मानना है कि किरदार चाहे किसी वास्तविक व्यक्ति से प्रेरित हो या कल्पना की उपज, कैमरे के सामने उसे पूरी ईमानदारी से जीना ही एक अभिनेत्री की असली ज़िम्मेदारी है। यह रुख उन्हें उस पीढ़ी के अभिनेताओं से अलग करता है जो किरदार की वैचारिक पृष्ठभूमि को प्राथमिकता देते हैं। आने वाले समय में उनके विविध प्रोजेक्ट्स यह तय करेंगे कि दर्शक उन्हें किस रूप में याद रखते हैं।