करण जौहर बोले — आदित्य चोपड़ा और शाहरुख खान के भरोसे ने मुझे डायरेक्टर बनाया
सारांश
मुख्य बातें
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर फिल्म निर्माता-निर्देशक करण जौहर ने 29 जुलाई को इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने खुलासा किया कि उनके करियर की नींव दो लोगों — निर्देशक आदित्य चोपड़ा और अभिनेता शाहरुख खान — के अटूट विश्वास पर टिकी है। करण ने लिखा कि आज वे जो कुछ भी हैं, वह इन दोनों की बदौलत है।
आधी रात का वह मोड़
करण जौहर ने बताया कि पहली निर्णायक घटना तब हुई जब आदित्य चोपड़ा ने रात के लगभग 1 बजे उन्हें फिल्म 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' के सेट पर साथ काम करने का न्योता दिया और कहा कि उन्हें निर्देशन की राह चुननी चाहिए। करण ने लिखा, 'आदित्य ने कहा कि अगर मैंने यह रास्ता नहीं चुना, तो मैं बहुत बड़ी गलती करूंगा।' उस वक्त करण विदेश में उच्च शिक्षा की तैयारी में थे और उनकी जिंदगी एक अनिश्चित भागदौड़ में थी।
आदित्य की उस बात ने करण को पूरी रात सोने नहीं दिया। अगली सुबह वे अपने पिता के पास गए और उनसे जिंदगी का एक साल फिल्म के सेट पर काम करने के लिए माँगा। करण ने याद किया कि उनके पिता ने उनकी आँखों में देखते हुए पूछा, 'बेटा, क्या तुम्हें पता है कि फिल्म के सेट पर क्या करना होता है?' — और करण का जवाब था, 'नहीं।' पिता ने मेहनत और अनुशासन का वादा लिया, और साथ ही यह भी कहा कि 'डायरेक्टर बनने के लिए सिर्फ और सिर्फ जुनून की जरूरत होती है।'
स्विट्जरलैंड की पहाड़ियों पर शाहरुख का वादा
करण जौहर ने दूसरी घटना का जिक्र करते हुए बताया कि वे स्विट्जरलैंड की पहाड़ियों पर खड़े थे और उन्हें घर की याद आ रही थी। तभी शाहरुख खान उनके पास आए और कहा, 'तू डायरेक्टर बनेगा और तेरी पहली फिल्म मैं करूंगा।' करण ने लिखा कि उस पल उन्हें लगा शायद ऊँचाई पर कम ऑक्सीजन की वजह से शाहरुख ऐसा कह रहे हैं और उन्हें एहसास नहीं कि वे क्या बोल रहे हैं।
लेकिन शाहरुख खान अपनी बात को लेकर पूरी तरह गंभीर थे। भारत लौटने के बाद उन्होंने करण के पिता से भी इस बारे में बात की। करण ने स्वीकार किया कि उनके पिता को भी पहले शाहरुख की बात पर यकीन नहीं हुआ था।
जुनून था, भरोसा नहीं — वो भरोसा दोनों ने दिया
करण जौहर ने अपनी पोस्ट में कहा कि उस दौर में उनके अंदर काम करने का जुनून तो था, लेकिन खुद पर भरोसा नहीं था। वह भरोसा आदित्य चोपड़ा और शाहरुख खान ने दिया। उन्होंने लिखा, 'मैं अपनी खूबियों और कमियों, खुशियों और मुश्किलों, जीत और हार के साथ जो भी हूं — वह सिर्फ आप दोनों की वजह से हूं।'
गुरु पूर्णिमा पर भावभीनी श्रद्धांजलि
करण ने अपनी पोस्ट का समापन करते हुए लिखा, 'आज मैं कहानियाँ सुना पा रहा हूं, तो इसके पीछे सिर्फ आप दोनों का विश्वास और साथ है।' उन्होंने उन सभी गुरुओं को भी सलाम किया जिन्होंने बिना किसी स्वार्थ के दूसरों को आगे बढ़ाने में मदद की। यह पोस्ट बॉलीवुड में गुरु-शिष्य परंपरा की एक दुर्लभ और प्रामाणिक झलक बनकर सामने आई है।