अलका याग्निक को पद्म भूषण: 'धीरे-धीरे वापसी हो रही है' — सुनने की बीमारी से जूझते हुए भावुक संदेश
सारांश
मुख्य बातें
पार्श्व गायिका अलका याग्निक ने 24 जून 2026 को पद्म भूषण सम्मान ग्रहण करने के बाद इंस्टाग्राम पर एक भावुक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने पिछले दो वर्षों के स्वास्थ्य संघर्ष और धीमी रिकवरी का जिक्र किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों यह सम्मान पाने के बाद अलका ने लिखा कि यह पल उनके लिए केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि उम्मीद और हौसले का प्रतीक है।
स्वास्थ्य संघर्ष का सफर
जून 2024 में अलका याग्निक ने सार्वजनिक रूप से खुलासा किया था कि वह सेंसरिन्यूरल नर्व हियरिंग लॉस से जूझ रही हैं। यह समस्या एक वायरल संक्रमण के कारण उत्पन्न हुई थी। उन्होंने बताया था कि एक उड़ान से उतरने के तुरंत बाद अचानक उनकी सुनने की क्षमता प्रभावित हो गई थी। तब से वह सार्वजनिक कार्यक्रमों और मीडिया की चकाचौंध से दूर रही थीं।
पद्म भूषण समारोह के दौरान अलका याग्निक एक सहायक के सहारे चलते हुए दिखाई दीं, जिसे देखकर उनके प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर उनकी सेहत को लेकर चिंता व्यक्त की।
इंस्टाग्राम पर भावुक संदेश
अलका याग्निक ने पद्म पुरस्कार समारोह की तस्वीर इंस्टाग्राम पर साझा करते हुए लिखा, 'पिछले दो सालों से मैं लोगों की नजरों से दूर रही हूं। मैंने अपनी निजी यात्रा के बारे में ज्यादा कुछ साझा नहीं किया। आपमें से कई लोग जानते हैं कि मैं स्वास्थ्य संबंधी मुश्किल दौर से गुजर रही हूं। इस दौरान आपका प्यार, दुआएं, संदेश और अटूट समर्थन हर कदम पर मेरे साथ रहा।'
उन्होंने आगे लिखा, 'आज जब मैं देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म भूषण प्राप्त करने के लिए सामने आई, तो मेरा दिल कृतज्ञता से भरा हुआ था। यह सम्मान मेरे नाम पर जरूर है, लेकिन उतना ही उन करोड़ों श्रोताओं का भी है जिन्होंने मेरी आवाज को अपनाया, मेरे गीतों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाया।'
वापसी की उम्मीद
अलका ने अपने संदेश में लिखा, 'मैं धीरे-धीरे अपनी जिंदगी की सामान्य राह पर लौट रही हूं। मैं आज यहां सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए मौजूद हूं जो इस सफर का हिस्सा रहे हैं।' उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्रालय और भारत सरकार का भी आभार व्यक्त किया।
गौरतलब है कि अलका याग्निक ने पहले प्रशंसकों और संगीतकारों को तेज आवाज वाले संगीत और लंबे समय तक हेडफोन के इस्तेमाल से सावधान रहने की सलाह भी दी थी — एक ऐसी चेतावनी जो उनकी अपनी पीड़ा से उपजी थी।
चार दशकों की संगीत विरासत
चार दशक से अधिक लंबे करियर में अलका याग्निक ने हिंदी सिनेमा को अनेक यादगार गीत दिए हैं। 'एक दो तीन', 'टिप टिप बरसा पानी', 'चुरा के दिल मेरा', 'ताल से ताल मिला', 'कुछ कुछ होता है' और 'अगर तुम साथ हो' जैसे सुपरहिट गानों ने उन्हें भारतीय संगीत जगत की सबसे प्रतिष्ठित गायिकाओं में स्थापित किया है। पद्म भूषण भारत का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, और यह पुरस्कार उनके इसी अतुलनीय योगदान की स्वीकृति है।
यह ऐसे समय में आया है जब अलका अपने जीवन के सबसे कठिन दौर से धीरे-धीरे उबर रही हैं — और उनकी वापसी की यह यात्रा उनके करोड़ों प्रशंसकों के लिए उतनी ही प्रेरणादायी है जितनी उनके गीत।