कुमार सानू गाना सुने बिना ही रिकॉर्ड कर देते थे: अनु मलिक ने 'इंडियाज बेस्ट डांसर' में खोला 90s का राज़
सारांश
मुख्य बातें
संगीतकार अनु मलिक ने डांस रियलिटी शो 'इंडियाज बेस्ट डांसर' सीजन 5 में एक दिलचस्प किस्सा साझा किया — कि 90 के दशक के मशहूर गायक कुमार सानू रिकॉर्डिंग से पहले गाना सुनने की ज़हमत तक नहीं उठाते थे, फिर भी उनकी आवाज़ ने हर बार कमाल कर दिया। शो में मुंबई के स्टूडियो के उन सुनहरे दिनों की यादें ताज़ा हुईं जब एक गायक की एंट्री से पूरे स्टूडियो का माहौल बदल जाया करता था।
शो में कैसे छिड़ी पुरानी यादों की बात
शो में कंटेस्टेंट रितेश और प्रतीक ने 'इंडिया वाला डांस' पर परफॉर्मेंस दी। इसके बाद होस्ट हर्ष लिम्बाचिया ने मंच पर मौजूद अनु मलिक और कुमार सानू से उनके रिकॉर्डिंग सेशन के अनुभव के बारे में पूछा। दोनों कलाकारों ने 1990 के दशक के उन यादगार पलों को खुलकर याद किया।
अनु मलिक ने क्या बताया
अनु मलिक ने बताया कि कुमार सानू स्टूडियो में आते ही एक अलग ऊर्जा भर देते थे। उनके शब्दों में, 'हमने बहुत काम किया है और 90 के दशक का पूरा माहौल देखा है। जब कुमार सानू स्टूडियो आते थे, तो पूरा माहौल ही बदल जाया करता था। जो गाना रिकॉर्ड होना होता था, वे उसे कभी सुनते ही नहीं थे।'
उन्होंने गाने 'संभाला है मैंने बहुत अपने दिल को' का उदाहरण देते हुए कहा कि सानू ने बोल पहले याद कर लिए और फिर उन पर भरोसा जताया कि अनु मलिक ने बनाया है तो अच्छा ही होगा।
रिहर्सल का दिलचस्प किस्सा
अनु मलिक ने आगे बताया कि वे पहले कुमार सानू से पूरे गाने की रिहर्सल करवाते थे। जब उन्होंने रिहर्सल के बाद पूछा कि गाना कैसा लगा, तो सानू का जवाब था — 'अरे दादा, अगर आपने बनाया है तो कमाल ही होगा।' यह भरोसा और सहजता ही उनकी जोड़ी को खास बनाती थी।
फिर साथ काम करने का वादा
अनु मलिक ने शो में यह भी कहा कि वे कुमार सानू के साथ एक बार फिर काम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'यह मेरा सौभाग्य होगा कि मुझे फिर से उनके साथ काम करने का मौका मिले, क्योंकि वे इतने लाजवाब गायक हैं कि अगर गाना चार चांद का होगा, तो वे उसमें बारह चांद लगा देंगे। यह वो आवाज़ है जो हमेशा ज़िंदा रहेगी। हम जल्दी ही साथ काम करेंगे — यह मेरा वादा है।'
गौरतलब है कि अनु मलिक और कुमार सानू की जोड़ी ने 90 के दशक में हिंदी फिल्म संगीत को कई यादगार धुनें दी हैं, जो आज भी श्रोताओं के दिलों में बसी हैं। यह बातचीत एक बार फिर उस सुनहरे दौर की याद दिलाती है।