26 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

'दिल की तन्हाई को' के 30 साल: अनु मलिक बोले — शाहरुख खान के एक्सप्रेशन ने गाने को अमर कर दिया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
'दिल की तन्हाई को' के 30 साल: अनु मलिक बोले — शाहरुख खान के एक्सप्रेशन ने गाने को अमर कर दिया

सारांश

'दिल की तन्हाई को' सिर्फ एक गाना नहीं, तीन दशकों की भावनात्मक विरासत है। अनु मलिक ने 30 साल बाद शाहरुख खान के उन एक्सप्रेशन को याद किया जिन्होंने इस धुन को अमर बना दिया — और यह याद दिलाया कि 90 के दशक का बॉलीवुड संगीत आज भी दिलों में क्यों ज़िंदा है।

मुख्य बातें

संगीतकार अनु मलिक ने 26 जुलाई को सोशल मीडिया पर फिल्म 'चाहत' के गाने 'दिल की तन्हाई को' की 30वीं वर्षगाँठ मनाई।
मलिक ने शाहरुख खान के भावनात्मक एक्सप्रेशन को गाने को 'अलग स्तर' पर ले जाने का श्रेय दिया।
निर्देशक महेश भट्ट और गायक कुमार सानू की भी विशेष प्रशंसा की गई।
फिल्म 'चाहत' साल 1996 में रिलीज़ हुई थी; इसका ओड़िया रीमेक 'प्रेम रोगी' 2009 में बना।
शाहरुख खान ने 2013 में अपनी कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट के ज़रिए 'चाहत' के अधिकार हासिल किए।

संगीतकार अनु मलिक ने फिल्म 'चाहत' के मशहूर गाने 'दिल की तन्हाई को' की 30वीं वर्षगाँठ पर अभिनेता शाहरुख खान की भावनात्मक अदाकारी को याद करते हुए कहा कि उनके अनूठे एक्सप्रेशन ने इस गाने को एक बिल्कुल अलग ऊँचाई पर पहुँचा दिया। 26 जुलाई को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर गाने का वीडियो साझा करते हुए मलिक ने इस क्लासिक रचना से जुड़ी अपनी यादें खुलकर बाँटीं।

अनु मलिक ने क्या कहा

अनु मलिक ने वीडियो के साथ लिखा, 'शाहरुख, आपके एक्सप्रेशन ने मेरे गाने 'दिल की तन्हाई को आवाज बना लेते हैं' को एक बिल्कुल अलग स्तर पर पहुँचा दिया। आप कल भी, आज भी और कल भी… हमेशा के लिए यादगार रहेंगे।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि तीन दशक बाद भी इस गाने का जादू ज़रा भी कम नहीं हुआ है।

महेश भट्ट और कुमार सानू को श्रेय

मलिक ने फिल्म के निर्देशक महेश भट्ट की तारीफ करते हुए कहा कि वे हमेशा भावनाओं की गहराई को समझकर उन्हें संगीत के ज़रिए खूबसूरती से पर्दे पर उतारने में माहिर थे। इसके साथ ही उन्होंने गायक कुमार सानू की आवाज़ को भी इस गाने की आत्मा बताया — उनके अनुसार, कुछ गाने केवल सुनने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे सुनने वालों की यादों और भावनाओं में हमेशा के लिए घर कर लेते हैं।

फिल्म 'चाहत' और उसकी विरासत

'दिल की तन्हाई को' साल 1996 में रिलीज़ हुई फिल्म 'चाहत' का हिस्सा है, जिसमें शाहरुख खान ने रूप सिंह राठौड़ और पूजा भट्ट ने पूजा सिंह राठौड़ का किरदार निभाया था। फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, रमीया कृष्णन और अनुपम खेर भी अहम भूमिकाओं में थे। गौरतलब है कि साल 2009 में इस फिल्म का ओड़िया भाषा में 'प्रेम रोगी' नाम से रीमेक भी बनाया गया था।

शाहरुख खान का 'चाहत' से गहरा नाता

यह ऐसे समय में और भी खास हो जाता है जब यह जाना जाए कि साल 2013 में शाहरुख खान ने अपनी प्रोडक्शन कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट के ज़रिए फिल्म 'चाहत' के अधिकार भी हासिल कर लिए थे — यह कदम इस फिल्म और उसके गानों से उनके व्यक्तिगत जुड़ाव को दर्शाता है। तीन दशक बाद भी यह गाना नई पीढ़ी के श्रोताओं के बीच उतना ही प्रासंगिक बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस दौर की है जब बॉलीवुड संगीत, अभिनय और निर्देशन एक साथ मिलकर कुछ ऐसा रचते थे जो पीढ़ियों तक टिकता था। आज जब स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर गानों की 'शेल्फ लाइफ' हफ्तों में मापी जाती है, 30 साल पुराने इस गाने का ज़िक्र यह सवाल उठाता है कि क्या आज के संगीत में वह भावनात्मक गहराई बची है? महेश भट्ट, कुमार सानू और शाहरुख खान की तिकड़ी ने जो रसायन बनाया, वह आज की असेंबली-लाइन फिल्म-निर्माण प्रक्रिया में दुर्लभ है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'दिल की तन्हाई को' गाना किस फिल्म का है और कब रिलीज़ हुआ?
'दिल की तन्हाई को' साल 1996 में रिलीज़ हुई फिल्म 'चाहत' का लोकप्रिय गाना है। इसे संगीतकार अनु मलिक ने कम्पोज़ किया और गायक कुमार सानू ने अपनी आवाज़ दी।
अनु मलिक ने शाहरुख खान की तारीफ में क्या कहा?
अनु मलिक ने लिखा कि शाहरुख खान के एक्सप्रेशन ने 'दिल की तन्हाई को' गाने को 'बिल्कुल अलग स्तर' पर पहुँचा दिया और उन्हें 'हमेशा के लिए यादगार' बताया। यह पोस्ट गाने की 30वीं वर्षगाँठ पर की गई।
फिल्म 'चाहत' में कौन-कौन से कलाकार थे?
फिल्म 'चाहत' में शाहरुख खान, पूजा भट्ट, नसीरुद्दीन शाह, रमीया कृष्णन और अनुपम खेर मुख्य भूमिकाओं में थे। इसका निर्देशन महेश भट्ट ने किया था।
क्या फिल्म 'चाहत' का कोई रीमेक बना है?
हाँ, साल 2009 में 'चाहत' का ओड़िया भाषा में 'प्रेम रोगी' नाम से रीमेक बनाया गया था। इसके अलावा शाहरुख खान ने 2013 में अपनी कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट के ज़रिए इस फिल्म के अधिकार भी हासिल किए।
अनु मलिक ने महेश भट्ट और कुमार सानू के बारे में क्या कहा?
अनु मलिक ने महेश भट्ट को भावनाओं को संगीत के ज़रिए पेश करने में माहिर बताया और कुमार सानू की आवाज़ को गाने की आत्मा करार दिया। उनके अनुसार, 'दिल की तन्हाई को' उन गानों में से है जो श्रोताओं की यादों में हमेशा के लिए बस जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 5 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले