14 जुलाई 2026
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धर्मेंद्र की याद में भावुक हुए अनु मलिक: 'टिंकू जिया' से 'पद्म विभूषण' तक, परिवार जैसा था रिश्ता

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धर्मेंद्र की याद में भावुक हुए अनु मलिक: 'टिंकू जिया' से 'पद्म विभूषण' तक, परिवार जैसा था रिश्ता

सारांश

संगीतकार अनु मलिक ने धर्मेंद्र को याद करते हुए बताया कि 'टिंकू जिया' उन्हीं की प्रेरणा से बना था। 'पद्म विभूषण' समारोह में अहाना को रोते देख मलिक खुद भावुक हो गए। देओल परिवार के साथ उनका रिश्ता दशकों की दोस्ती और संगीत की साझा विरासत पर टिका था।

मुख्य बातें

संगीतकार अनु मलिक ने दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र के साथ अपने पारिवारिक जैसे रिश्ते को याद किया।
मशहूर गाना 'टिंकू जिया' धर्मेंद्र की प्रेरणा से बना था — उन्होंने 'तड़कता-भड़कता गाना' बनाने को कहा था।
धर्मेंद्र को मरणोपरांत मिले 'पद्म विभूषण' समारोह में बेटी अहाना को रोते देख मलिक भावुक हो गए।
मलिक ने हेमा मालिनी को 'बेहद मेहनती कलाकार' बताया; फिल्म 'मार्ग' में उनके काम की सराहना की।
अनु मलिक ने 90 के दशक से 2000 के दशक तक हिंदी सिनेमा को 'बाजीगर ओ बाजीगर', 'संदेशे आते हैं' सहित दर्जनों सुपरहिट गाने दिए।

संगीतकार अनु मलिक ने दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र के साथ अपने गहरे व्यक्तिगत और पेशेवर रिश्ते को याद करते हुए कहा कि देओल परिवार के साथ उनका नाता खून के रिश्ते जैसा था। मुंबई में हुई इस बातचीत में मलिक ने उन यादों को ताज़ा किया जो दशकों की साझी मेहनत, हँसी-मज़ाक और संगीत की बुनियाद पर खड़ी थीं।

मुलाकात से बना परिवार जैसा रिश्ता

अनु मलिक ने बताया कि देओल परिवार के घर उनका हमेशा आना-जाना रहता था और धर्मेंद्र उन्हें परिवार के सदस्य की तरह मानते थे। उन्होंने कहा, 'सनी देओल की शुरुआती फिल्म 'सोनी महिवाल' के गानों पर मैंने काम किया था। धर्मेंद्र को मेरे बनाए मेलोडी गाने बेहद पसंद आते थे। मैं और धर्मेंद्र अक्सर साथ बैठकर मस्ती किया करते थे।' यह रिश्ता महज़ पेशेवर नहीं, बल्कि दिल से जुड़ा हुआ था।

'टिंकू जिया' की कहानी — एक बातचीत से जन्मा गाना

मलिक ने उस यादगार पल का ज़िक्र किया जब धर्मेंद्र ने उनसे कुछ अलग तरह का गाना बनाने को कहा। उनके शब्दों में, 'एक दिन धर्मेंद्र जी ने कहा था कि अब कुछ ऐसा गाना बनाओ जो तड़कता-भड़कता हो और लोगों को झूमने पर मजबूर कर दे।' इसी प्रेरणा से मशहूर गाना 'टिंकू जिया' तैयार हुआ। मलिक ने बताया कि धर्मेंद्र हमेशा उनका संगीत सुनकर उत्साहित रहते थे और नए गानों पर खुलकर अपनी राय देते थे।

'आज मौसम बड़ा बेईमान है' और एक मुस्कान की याद

अनु मलिक ने स्वीकार किया कि वे बचपन से ही धर्मेंद्र के अभिनय और स्क्रीन प्रेजेंस के दीवाने रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मैं अक्सर धर्मेंद्र से उनके पुराने गानों और फिल्मों की शूटिंग के किस्से पूछा करता था। खासकर मशहूर गीत 'आज मौसम बड़ा बेईमान है' की शूटिंग को लेकर मेरी काफी दिलचस्पी रहती थी।' मलिक ने भावुक होकर कहा कि जब भी वे इस गाने का ज़िक्र करते, धर्मेंद्र बस मुस्कुरा देते थे — और वह मुस्कान आज भी उनकी यादों में बसी है।

हेमा मालिनी की तारीफ और 'पद्म विभूषण' का भावुक पल

बातचीत में अनु मलिक ने हेमा मालिनी का भी ज़िक्र किया और बताया कि फिल्म 'मार्ग' के दौरान हेमा मालिनी को उनका काम काफी पसंद आया था। उन्होंने कहा, 'मैं उनकी जितनी तारीफ करूं, उतनी कम है — वह सिर्फ खूबसूरत अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि बेहद मेहनती कलाकार भी हैं।' धर्मेंद्र को मरणोपरांत मिले 'पद्म विभूषण' सम्मान के अवसर पर जब उनकी बेटी अहाना रो रही थीं, तो मलिक खुद को भावुक होने से नहीं रोक पाए। उन्होंने कहा कि वह पल उनके लिए गर्व और दर्द दोनों का था।

अनु मलिक का संगीत सफर — सुपरहिट गानों की विरासत

अनु मलिक का संगीत करियर 90 के दशक से लेकर 2000 के दशक तक हिंदी सिनेमा में एक अलग मुकाम रखता है। 'बाजीगर ओ बाजीगर', 'ये काली काली आंखें', 'चुरा के दिल मेरा', 'संदेशे आते हैं', 'तुमसे मिलके दिल का है जो हाल', 'गोरी गोरी', 'इश्क कमीना', 'मोह मोह के धागे' और 'एक गरम चाय की प्याली हो' जैसे गाने आज भी श्रोताओं की ज़ुबान पर हैं। उन्होंने शाहरुख खान, सलमान खान, अक्षय कुमार और सनी देओल जैसे सितारों की फिल्मों में संगीत दिया। 'रिफ्यूजी' और 'मैं हूं ना' जैसी फिल्मों के संगीत के लिए उन्हें कई बड़े पुरस्कार भी मिले। धर्मेंद्र के जाने के बाद भी उनकी यादें और उनसे मिली प्रेरणा अनु मलिक के संगीत में जीवित रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

उनमें अनु मलिक की बात इसलिए अलग है क्योंकि यह महज़ औपचारिक शोक नहीं — यह उस पीढ़ी की आवाज़ है जिसने धर्मेंद्र के साथ काम करते हुए अपना करियर बनाया। 'टिंकू जिया' जैसे गाने की पृष्ठभूमि यह बताती है कि धर्मेंद्र सिर्फ अभिनेता नहीं, रचनात्मक सहयोगी भी थे। 'पद्म विभूषण' का मरणोपरांत मिलना और उस समारोह में परिवार की भावुकता — यह उस खालीपन की तस्वीर है जो एक युग के जाने से बनती है। मुख्यधारा की कवरेज जहाँ सिर्फ पुरस्कार पर रुकती है, वहाँ मलिक की यादें उस इंसान को सामने लाती हैं जो स्क्रीन से परे भी उतना ही जीवंत था।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनु मलिक और धर्मेंद्र के बीच रिश्ता कैसा था?
अनु मलिक के अनुसार, धर्मेंद्र और देओल परिवार के साथ उनका रिश्ता परिवार जैसा था। वे देओल परिवार के घर नियमित रूप से आते-जाते थे और धर्मेंद्र उन्हें अपने परिवार के सदस्य की तरह मानते थे।
'टिंकू जिया' गाना कैसे बना?
'टिंकू जिया' गाना धर्मेंद्र की प्रेरणा से बना। उन्होंने अनु मलिक से कहा था कि कुछ ऐसा गाना बनाओ जो 'तड़कता-भड़कता हो और लोगों को झूमने पर मजबूर कर दे' — इसी बातचीत के बाद यह मशहूर गाना तैयार हुआ।
धर्मेंद्र को 'पद्म विभूषण' कब और कैसे मिला?
धर्मेंद्र को मरणोपरांत 'पद्म विभूषण' सम्मान से नवाज़ा गया। अनु मलिक ने बताया कि अवॉर्ड स्वीकार करते समय उनकी बेटी अहाना रो रही थीं, जिसे देखकर मलिक खुद भावुक हो गए और उन्होंने इसे गर्व का पल बताया।
अनु मलिक के सबसे मशहूर गाने कौन से हैं?
अनु मलिक ने हिंदी सिनेमा को 'बाजीगर ओ बाजीगर', 'ये काली काली आंखें', 'चुरा के दिल मेरा', 'संदेशे आते हैं', 'इश्क कमीना' और 'मोह मोह के धागे' जैसे सुपरहिट गाने दिए। उन्हें 'रिफ्यूजी' और 'मैं हूं ना' के संगीत के लिए बड़े पुरस्कार भी मिले।
अनु मलिक ने हेमा मालिनी के बारे में क्या कहा?
अनु मलिक ने हेमा मालिनी को 'बेहद मेहनती कलाकार' बताया और कहा कि वे उनकी प्रतिभा देखकर हैरान रह जाते थे। फिल्म 'मार्ग' के दौरान हेमा मालिनी को उनका संगीत काफी पसंद आया था।
राष्ट्र प्रेस
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