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विक्रांत मैसी बोले — 'बेटे वरदान के आने से बदल गई ज़िंदगी', 'मुसाफिर कैफे' में जल्द होगी वापसी

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विक्रांत मैसी बोले — 'बेटे वरदान के आने से बदल गई ज़िंदगी', 'मुसाफिर कैफे' में जल्द होगी वापसी

सारांश

बेटे वरदान के जन्म ने विक्रांत मैसी को भीतर से बदल दिया — वे कहते हैं, 'हर बच्चा अपनी किस्मत लेकर आता है।' अब वही अभिनेता 'मुसाफिर कैफे' में सह-निर्माता की भूमिका भी निभा रहे हैं — परदे पर और परदे के पीछे, दोनों जगह नई पारी।

मुख्य बातें

विक्रांत मैसी ने कहा कि बेटे वरदान के जन्म के बाद उनकी ज़िंदगी पूरी तरह बदल गई है।
विक्रांत और शीतल ठाकुर ने 14 फरवरी 2022 को कोर्ट मैरिज और 18 फरवरी 2022 को वैदिक रीति से विवाह किया।
बेटे वरदान का स्वागत फरवरी 2024 में हुआ।
आगामी फिल्म 'मुसाफिर कैफे' दिव्य प्रकाश दुबे के उपन्यास पर आधारित है; निर्देशक रुचिर अरुण हैं।
फिल्म में वेदिका पिंटो , महिमा मकवाना , आदिल हुसैन , राजीव सिद्धार्थ और लवलीन मिश्रा भी हैं।
विक्रांत मैसी ने इस फिल्म में सह-निर्माता की भूमिका भी निभाई है।

अभिनेता विक्रांत मैसी इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'मुसाफिर कैफे' की चर्चा के बीच पितृत्व के अनुभव को लेकर खुलकर बात कर रहे हैं। '12वीं फेल' जैसी चर्चित फिल्म से पहचान बनाने वाले इस अभिनेता ने एक खास बातचीत में बताया कि फरवरी 2024 में बेटे वरदान के जन्म के बाद उनकी दुनिया किस तरह बदल गई।

पितृत्व ने बदला नज़रिया

विक्रांत ने कहा, 'मैं इस बात पर पूरी तरह विश्वास करता हूं। हमारे परिवार में कहा जाता है कि हर बच्चा अपनी किस्मत लेकर आता है और मैं भी यही मानता हूं। मेरे बेटे के आने के बाद मेरी ज़िंदगी में बहुत कुछ बदल गया है। मैं इससे ज़्यादा कुछ नहीं माँग सकता था। मैं इसके लिए दिल से बहुत आभारी हूं।' यह भावना उनके लिए केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पारिवारिक परंपरा और आस्था से जुड़ी है।

विक्रांत और शीतल की शादी की कहानी

विक्रांत मैसी और अभिनेत्री शीतल ठाकुर ने 14 फरवरी 2022 को मुंबई में कोर्ट मैरिज की थी। इसके बाद 18 फरवरी 2022 को हिमाचल प्रदेश में पारंपरिक वैदिक रीति-रिवाजों से उनका विवाह संपन्न हुआ। दंपती ने फरवरी 2024 में अपने बेटे वरदान का स्वागत किया।

'मुसाफिर कैफे' — फिल्म की कहानी और कलाकार

विक्रांत जल्द ही लेखक दिव्य प्रकाश दुबे के लोकप्रिय हिंदी उपन्यास पर आधारित ड्रामा फिल्म 'मुसाफिर कैफे' में नज़र आएंगे। फिल्म में उनके साथ वेदिका पिंटो और महिमा मकवाना प्रमुख भूमिकाओं में हैं। आदिल हुसैन, राजीव सिद्धार्थ और लवलीन मिश्रा भी अहम किरदारों में नज़र आएंगे।

फिल्म की कहानी चंदर मोहन शर्मा (विक्रांत मैसी) के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जिनकी जीवन-योजनाएँ तब उलट-पुलट हो जाती हैं जब उनकी मुलाकात सुधा (वेदिका पिंटो) से होती है — एक आज़ाद-ख्याल तलाकशुदा वकील, जो चंदर को खुलकर जीना सिखाती हैं। बाद में उनकी ज़िंदगी में प्रीति (महिमा मकवाना) का प्रवेश होता है, जो उन्हें शांति और एक नया अर्थ देती हैं।

निर्माण और ट्रेलर की प्रतिक्रिया

फिल्म का निर्देशन रुचिर अरुण ने किया है और इसका निर्माण टेरिबली टाइनी टेल्स (TTT) तथा होममेड स्टोरीज ने किया है। विक्रांत मैसी ने इस फिल्म में सह-निर्माता की भूमिका भी निभाई है। हाल ही में जारी फिल्म के ट्रेलर को दर्शकों की ओर से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। गौरतलब है कि यह फिल्म विक्रांत के करियर में एक नए आयाम को दर्शाती है, जहाँ वे अभिनय के साथ-साथ निर्माण में भी सक्रिय हो रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उन्होंने एक साहित्यिक उपन्यास पर आधारित फिल्म में सह-निर्माता बनना चुना — यह कमर्शियल समझदारी और कलात्मक जोखिम का दिलचस्प मेल है। सवाल यह है कि क्या 'मुसाफिर कैफे' उनकी पहचान को और गहरा करेगी या '12वीं फेल' की छाया में दब जाएगी।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विक्रांत मैसी के बेटे का नाम क्या है और वे कब पैदा हुए?
विक्रांत मैसी और शीतल ठाकुर के बेटे का नाम वरदान है, जिनका जन्म फरवरी 2024 में हुआ। विक्रांत ने कहा है कि बेटे के आने के बाद उनकी ज़िंदगी में बहुत कुछ बदल गया है।
विक्रांत मैसी और शीतल ठाकुर की शादी कब और कहाँ हुई?
दोनों ने 14 फरवरी 2022 को मुंबई में कोर्ट मैरिज की और 18 फरवरी 2022 को हिमाचल प्रदेश में पारंपरिक वैदिक रीति-रिवाजों से विवाह संपन्न हुआ।
'मुसाफिर कैफे' फिल्म किस पर आधारित है और इसमें कौन-कौन हैं?
'मुसाफिर कैफे' लेखक दिव्य प्रकाश दुबे के लोकप्रिय हिंदी उपन्यास पर आधारित है। फिल्म में विक्रांत मैसी, वेदिका पिंटो, महिमा मकवाना, आदिल हुसैन, राजीव सिद्धार्थ और लवलीन मिश्रा हैं।
'मुसाफिर कैफे' का निर्देशन किसने किया है?
फिल्म का निर्देशन रुचिर अरुण ने किया है। इसका निर्माण टेरिबली टाइनी टेल्स (TTT) और होममेड स्टोरीज ने किया है, जबकि विक्रांत मैसी ने सह-निर्माता की भूमिका भी निभाई है।
'मुसाफिर कैफे' की कहानी क्या है?
फिल्म चंदर मोहन शर्मा (विक्रांत मैसी) की कहानी है, जिनकी जीवन-योजनाएँ तब बदल जाती हैं जब उनकी मुलाकात आज़ाद-ख्याल तलाकशुदा वकील सुधा (वेदिका पिंटो) से होती है। बाद में प्रीति (महिमा मकवाना) उनकी ज़िंदगी में शांति और नया अर्थ लाती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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