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'चिंगारी कोई भड़के' की जन्मकथा: बारिश, बुझता लाइटर और आनंद बख्शी की वो अमर पंक्ति

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'चिंगारी कोई भड़के' की जन्मकथा: बारिश, बुझता लाइटर और आनंद बख्शी की वो अमर पंक्ति

सारांश

एक बरसाती रात, बार-बार बुझता लाइटर — और उसी पल से जन्मी वह पंक्ति जो पाँच दशक बाद भी गूँजती है। विशाल ददलानी ने 'इंडियन आइडल' पर सुनाया कि कैसे आनंद बख्शी की रोज़मर्रा की एक घटना ने 'चिंगारी कोई भड़के' को अमर बना दिया।

मुख्य बातें

विशाल ददलानी ने 'इंडियन आइडल' के मंच पर 'चिंगारी कोई भड़के' के बनने की अनसुनी कहानी साझा की।
गीतकार आनंद बख्शी को बारिश में बार-बार बुझते लाइटर से इस गीत की पहली पंक्ति की प्रेरणा मिली।
बर्मन (पंचम दा) ने पूरी रात मेहनत करके इस गीत की धुन तैयार की थी।
गीत को महान गायक किशोर कुमार ने आवाज़ दी; फिल्म 'अमर प्रेम' 1972 में प्रदर्शित हुई थी।
फिल्म में राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर मुख्य भूमिका में थे।

संगीतकार और गायक विशाल ददलानी ने हाल ही में सिंगिंग रियलिटी शो 'इंडियन आइडल' के मंच पर हिंदी सिनेमा के सदाबहार गीत 'चिंगारी कोई भड़के' के बनने की एक दिलचस्प और अनसुनी कहानी साझा की। यह गीत 1972 में प्रदर्शित फिल्म 'अमर प्रेम' का हिस्सा है और आज भी पुरानी पीढ़ी के दिलों में उतनी ही गहरी जगह रखता है।

पंचम दा की रातभर की मेहनत

विशाल ददलानी ने बताया कि इस गीत की नींव मशहूर संगीतकार आर. डी. बर्मन, जिन्हें प्यार से पंचम दा कहा जाता था, की अथक लगन से पड़ी। उनके अनुसार, 'पंचम दा ने पूरी रात मेहनत करके इस गाने की धुन तैयार की थी। जब धुन बनकर तैयार हो गई, तब उन्होंने इसे आनंद बख्शी को दिया ताकि वह इसके बोल लिख सकें।'

बारिश और बुझते लाइटर से जन्मी अमर पंक्ति

विशाल ने आगे वह किस्सा सुनाया जो इस गीत की आत्मा है। उन्होंने कहा, 'उस समय बारिश का मौसम था। आनंद बख्शी रात में घर लौट रहे थे और रास्ते में सिगरेट जलाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन बारिश की वजह से उनका लाइटर बार-बार बुझ जा रहा था।' इसी साधारण-से पल ने गीतकार के मन में एक असाधारण विचार जगाया — और तभी उनके ज़ेहन में वह पंक्ति उभरी: 'चिंगारी कोई भड़के तो सावन उसे बुझाए।' विशाल के अनुसार यही वह क्षण था जहाँ से इस कालजयी गीत के शब्दों की शुरुआत हुई।

विशाल ददलानी की श्रद्धांजलि

इस किस्से को साझा करते हुए विशाल ददलानी भावुक हो उठे। उन्होंने कहा, 'असली कलाकार वही होते हैं, जो जिंदगी की साधारण घटनाओं को भी इतना खूबसूरत बना दें कि वह हमेशा के लिए लोगों के दिलों में बस जाए। एक आम इंसान शायद इस घटना को नजरअंदाज कर देता, लेकिन आनंद बख्शी जैसे गीतकार ने उसी पल को अमर गीत में बदल दिया। मेरा पंचम दा और आनंद बख्शी दोनों को सलाम है। उनकी बनाई रचनाएं आज भी लोगों को उतनी ही पसंद आती हैं जितनी पहले आती थीं।'

फिल्म 'अमर प्रेम' और गीत की विरासत

गौरतलब है कि 'अमर प्रेम' में सुपरस्टार राजेश खन्ना और अभिनेत्री शर्मिला टैगोर मुख्य भूमिका में थे। फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला और इसके गीत आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं। 'चिंगारी कोई भड़के' को महान गायक किशोर कुमार ने अपनी आवाज़ दी थी, जिसने इस गीत को एक अलग ऊँचाई पर पहुँचाया। यह तिकड़ी — बर्मन की धुन, बख्शी के बोल और किशोर की आवाज़ — हिंदी संगीत के स्वर्णिम युग की मिसाल मानी जाती है।

रचनात्मकता का सबक

विशाल ददलानी का यह किस्सा केवल एक गीत की कहानी नहीं, बल्कि यह रचनात्मकता की उस शक्ति का प्रमाण है जो जीवन के सबसे मामूली पलों में भी कला की संभावना देखती है। यह प्रसंग नई पीढ़ी के संगीतकारों और गीतकारों के लिए एक प्रेरणा बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब बख्शी-बर्मन की यह जुगलबंदी याद दिलाती है कि कालजयी रचनाएँ तकनीक से नहीं, संवेदनशीलता से जन्म लेती हैं। 'इंडियन आइडल' जैसे मंचों पर इस तरह के किस्से नई पीढ़ी के कलाकारों को वह संदर्भ देते हैं जो किसी पाठ्यक्रम में नहीं मिलता।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'चिंगारी कोई भड़के' गीत कैसे बना था?
विशाल ददलानी के अनुसार, गीतकार आनंद बख्शी एक बरसाती रात घर लौट रहे थे और उनका लाइटर बार-बार बुझ रहा था। इसी पल से उनके मन में पंक्ति आई — 'चिंगारी कोई भड़के तो सावन उसे बुझाए' — और यहीं से इस मशहूर गीत के बोलों की शुरुआत हुई।
'चिंगारी कोई भड़के' किस फिल्म का गाना है?
यह गीत 1972 में प्रदर्शित फिल्म 'अमर प्रेम' का हिस्सा है। इस फिल्म में राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर मुख्य भूमिका में थे और इसे दर्शकों ने बेहद पसंद किया था।
'चिंगारी कोई भड़के' गीत किसने गाया और संगीत किसने दिया?
इस गीत को महान गायक किशोर कुमार ने गाया था। संगीत आर. डी. बर्मन (पंचम दा) ने तैयार किया था, जिन्होंने पूरी रात मेहनत करके इसकी धुन बनाई थी, और बोल गीतकार आनंद बख्शी ने लिखे थे।
विशाल ददलानी ने यह किस्सा कहाँ सुनाया?
विशाल ददलानी ने यह दिलचस्प किस्सा सिंगिंग रियलिटी शो 'इंडियन आइडल' के मंच पर साझा किया। उन्होंने पंचम दा और आनंद बख्शी दोनों को उनकी कालजयी रचनाओं के लिए सलाम किया।
आनंद बख्शी और आर. डी. बर्मन की जोड़ी क्यों खास मानी जाती है?
आनंद बख्शी और आर. डी. बर्मन की जोड़ी ने हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम युग में दर्जनों कालजयी गीत दिए। 'चिंगारी कोई भड़के' इसी रचनात्मक साझेदारी का प्रमाण है — जहाँ बर्मन की धुन और बख्शी के जीवन से उपजे बोलों ने मिलकर एक ऐसा गीत बनाया जो पाँच दशक बाद भी उतना ही प्रासंगिक है।
राष्ट्र प्रेस
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