दिल्ली मराठी फिल्म फेस्टिवल 2025: 7–9 अगस्त को अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में 25+ फिल्मों की स्क्रीनिंग, एंट्री फ्री
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में पहली बार दिल्ली मराठी फिल्म फेस्टिवल का आयोजन 7 से 9 अगस्त तक जनपद स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में किया जा रहा है, जिसमें तीन दिनों में 25 से अधिक मराठी फिल्मों की स्क्रीनिंग होगी और दर्शकों के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। यह आयोजन दिल्ली मराठी प्रतिष्ठान द्वारा महाराष्ट्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय और फिल्म सिटी कॉर्पोरेशन के सहयोग से किया जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
दिल्ली मराठी प्रतिष्ठान के वैभव डांगे ने बताया कि यह फेस्टिवल राष्ट्रीय राजधानी में अपनी तरह का पहला आयोजन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर इस आयोजन का भागीदार संगठन भी है। उद्घाटन समारोह 7 अगस्त को शाम 4 बजे निर्धारित है, जिसके बाद तीन दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत होगी।
फिल्मों की विविधता और कार्यक्रम
फेस्टिवल में 12 फीचर फिल्मों के साथ-साथ शॉर्ट फिल्म, डॉक्यूमेंट्री, कॉमेडी, हॉरर कॉमेडी और क्लासिकल सहित विभिन्न विधाओं की फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी। जो दर्शक मराठी भाषा नहीं समझते, उनके लिए प्रत्येक फिल्म सब-टाइटल के साथ दिखाई जाएगी। डांगे ने गैर-मराठी भाषी दर्शकों से भी इस उत्सव में भाग लेने की विशेष अपील की है।
युवाओं के लिए मास्टर क्लास
तीन दिनों के दौरान फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) के सहयोग से मास्टर क्लास का आयोजन भी किया जाएगा। फिल्म उद्योग में करियर बनाने के इच्छुक युवा फिल्म प्रोडक्शन, तकनीकी पहलुओं और अन्य विषयों पर विशेषज्ञों से सीख सकेंगे। प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा।
मराठी सिनेमा की विरासत
डांगे ने मराठी फिल्म इंडस्ट्री के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि दादासाहब फाल्के और वी. शांताराम जैसी महान हस्तियों ने भारतीय फिल्म उद्योग की नींव रखी थी। इसी परंपरा को सम्मान देने के लिए फेस्टिवल में मराठी सिनेमा के इतिहास पर एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
उद्घाटन और गणमान्य अतिथि
उद्घाटन समारोह में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, महाराष्ट्र के सांसद विनोद तावड़े, महाराष्ट्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और मराठी फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज कलाकार व निर्माता शामिल होंगे। दर्शकों को फेस्टिवल में प्रवेश के लिए QR कोड या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पूर्व पंजीकरण कराना अनिवार्य है। यह आयोजन दिल्ली में मराठी सांस्कृतिक उपस्थिति को नई पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।