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दिव्येंदु: मीम क्रिएटर्स फिल्म इंडस्ट्री के लिए बेहतरीन स्टोरीटेलर, डायलॉग राइटर बन सकते हैं

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दिव्येंदु: मीम क्रिएटर्स फिल्म इंडस्ट्री के लिए बेहतरीन स्टोरीटेलर, डायलॉग राइटर बन सकते हैं

सारांश

अभिनेता दिव्येंदु मीम क्रिएटर्स को इंडस्ट्री के सबसे रचनात्मक प्रतिभाएँ मानते हैं। उनका कहना है कि ये लोग डायलॉग राइटर या स्क्रीनप्ले राइटर के रूप में फिल्म इंडस्ट्री में शानदार योगदान दे सकते हैं, क्योंकि वे अलग-अलग विचारों को जोड़कर कुछ नया बनाने की कला में माहिर हैं।

मुख्य बातें

दिव्येंदु ने कहा कि मीम बनाने वाले अत्यंत रचनात्मक और कहानी कहने में माहिर होते हैं।
अभिनेता का मानना है कि इन क्रिएटर्स को फिल्म इंडस्ट्री में डायलॉग राइटर या स्क्रीनप्ले राइटर के रूप में काम मिल सकता है।
दिव्येंदु के किरदार 'मुन्ना भैया' से बने मीम्स को लेकर अभिनेता काफी खुश हैं।
दिव्येंदु का मानना है कि बाहरी तारीफ से ज्यादा काम में ईमानदारी महत्वपूर्ण है।
अभिनेता के लिए असली ग्लोरी स्क्रीन पर सम्मान के साथ प्रदर्शन और आत्मसंतुष्टि है।

मुंबई, 4 मई 2026 (राष्ट्र प्रेस)। 'मिर्जापुर' में मुन्ना भैया के किरदार से रातोंरात चर्चा में आए अभिनेता दिव्येंदु ने मीम कल्चर को लेकर एक सकारात्मक दृष्टिकोण रखा है। उन्होंने कहा कि मीम बनाने वाले लोग अत्यंत रचनात्मक और कहानी कहने में माहिर होते हैं, और इन्हें फिल्म इंडस्ट्री में काम के बेहतर मौके मिलने चाहिए।

मीम्स को लेकर दिव्येंदु की सकारात्मक सोच

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में दिव्येंदु ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

यह विडंबना है कि हॉलीवुड और यूरोपीय स्टूडियो पहले से ही सोशल मीडिया क्रिएटर्स को हायर कर रहे हैं, जबकि भारतीय इंडस्ट्री अभी भी इस प्रतिभा को पहचानने में पिछड़ी है। दिव्येंदु की आवाज़ महत्वपूर्ण है, लेकिन यह बदलाव तभी आएगा जब प्रोडक्शन हाउस और निर्देशक वास्तव में इन क्रिएटर्स को गंभीरता से लेना शुरू करें — न कि सिर्फ उन्हें सोशल मीडिया मार्केटिंग के लिए रखें।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिव्येंदु मीम क्रिएटर्स के बारे में क्या कहते हैं?
दिव्येंदु का मानना है कि मीम बनाने वाले अत्यंत रचनात्मक होते हैं और कहानी कहने में माहिर होते हैं। उनके अनुसार, ये लोग दो अलग-अलग चीजों को जोड़कर जो तरीका अपनाते हैं, वह सचमुच हैरान कर देने वाला है।
क्या दिव्येंदु मानते हैं कि मीम क्रिएटर्स को फिल्म इंडस्ट्री में काम मिल सकता है?
हाँ, दिव्येंदु का कहना है कि मीम क्रिएटर्स को फिल्म इंडस्ट्री में काम मिल सकता है। वे कहते हैं कि अगर ये लोग पर्दे के सामने न आएँ, तो कम से कम डायलॉग राइटर या स्क्रीनप्ले राइटर के रूप में काम कर सकते हैं।
दिव्येंदु के लिए 'ग्लोरी' की परिभाषा क्या है?
दिव्येंदु के अनुसार, असली ग्लोरी बाहरी तारीफ में नहीं, बल्कि अपने काम से संतुष्टि और स्क्रीन पर सम्मानजनक प्रदर्शन में निहित है। उनका कहना है कि जब वे घर जाकर चैन से सो सकें और अपने काम पर शर्मिंदा न हों, तो वही उनके लिए असली शान है।
दिव्येंदु की आने वाली प्रोजेक्ट्स में क्या हैं?
दिव्येंदु जल्द ही आने वाली वेब सीरीज़ 'ग्लोरी' में नजर आएँगे। इसी प्रोजेक्ट के दौरान उन्होंने अपनी सफलता और ग्लोरी की परिभाषा को लेकर अपने विचार साझा किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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