भूमि पेडनेकर का गोवा में संदेश: हर बच्चे को मिले गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने 22 अगस्त को गोवा में पैक्ट फाउंडेशन के स्थापना दिवस समारोह और राज्य के पहले कम्युनिटी रेडियो स्टेशन मंडोवी के लॉन्च कार्यक्रम में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षा को किसी भी समृद्ध समाज की नींव बताते हुए कहा कि एक खुशहाल देश के निर्माण के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अनिवार्य है।
समारोह में भागीदारी और प्रेरणा
कार्यक्रम के आयोजक डॉ. अश्विन फर्नांडिस के नेतृत्व में पैक्ट फाउंडेशन ने अपना स्थापना दिवस मनाया और साथ ही गोवा के पहले कम्युनिटी रेडियो स्टेशन मंडोवी की शुरुआत की। भूमि पेडनेकर ने समारोह में भाग लेने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, "मैं इस खास आयोजन में शामिल होने के लिए बहुत-बहुत शुक्रगुजार हूं कि मुझे एक ऐसे कार्यक्रम का हिस्सा बनने का मौका मिला, जो ऐसी कहानियों से भरी है। यहां आकर मैं बहुत इंस्पायर हो गई हूं।"
शिक्षा पर अभिनेत्री का दृष्टिकोण
पेडनेकर ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर अपना स्पष्ट नजरिया रखा। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि एक मजबूत, खुशहाल समाज और खुशहाल देश तभी बन सकता है, जब अच्छी एजुकेशन दी जाए, खासकर स्टूडेंट को।" उन्होंने यह भी बताया कि वे स्वयं मध्य प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।
अभिनेत्री ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पारंपरिक मार्ग अपनाना नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, "यह इसके लिए है कि बच्चा आगे बढ़कर अपने जीवन में क्या करेगा या कर सकता है — वह स्पोर्ट पर्सन बन सकता है, नासा में जा सकता है, फिल्मी जगत में नाम बना सकता है।" यह टिप्पणी बहुआयामी शिक्षा प्रणाली की वकालत करती है।
डॉ. फर्नांडिस के कार्य की सराहना
भूमि पेडनेकर ने डॉ. अश्विन फर्नांडिस और पैक्ट फाउंडेशन के प्रयासों की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी को डॉ. फर्नांडिस से यह सीखना चाहिए कि समाज में इतना बड़ा बदलाव लाने के लिए किस प्रकार की प्रणाली और प्रक्रिया बनाई जाती है। उनके अनुसार, संगठन ने डॉ. फर्नांडिस के सहयोग से उल्लेखनीय कार्य किया है।
समावेशी शिक्षा की पुकार
अभिनेत्री ने समाज के उन वर्गों की ओर ध्यान दिलाया जो अभी भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित हैं। उनका कहना था, "हमारे समाज के कुछ हिस्सों को उस तरह की एजुकेशन नहीं मिल पाती, जो इस तरह के मंच दे रहे हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि वैश्विक शिक्षा प्रणाली इतनी सशक्त होनी चाहिए कि हर बच्चे को अच्छी शिक्षा का समान अवसर मिल सके। यह समारोह इस दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।