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फारूख शेख: लॉ की पढ़ाई के दौरान मिली थी पहली फिल्म, फीस थी केवल 700 रुपये

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फारूख शेख: लॉ की पढ़ाई के दौरान मिली थी पहली फिल्म, फीस थी केवल 700 रुपये

सारांश

फारूख शेख, जिन्होंने हिंदी सिनेमा में अपने बेहतरीन अभिनय से सभी को प्रभावित किया, आज अपनी जयंती मना रहे हैं। जानिए उनके करियर की शुरुआत और जीवन की कुछ अनकही बातें।

मुख्य बातें

फारूख शेख का जन्म 25 मार्च 1948 को हुआ।
उन्होंने 'गरम हवा' फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की।
सिर्फ 700 रुपये की फीस में काम किया।
वे एक उत्कृष्ट एंकर और अभिनेता थे।
उनका निधन 2013 में हुआ।

मुंबई, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पुराने हिंदी सिनेमा की दुनिया में कई ऐसे अभिनेता हैं जिन्होंने अपने अभिनय के जादू से दर्शकों का दिल जीता। फारूख शेख भी ऐसे ही कलाकार थे, जिन्हें दर्शकों और निर्माताओं ने शालीनता, मिलनसारिता और मीठी जुबान वाले व्यक्ति के रूप में याद किया। आज उनकी जयंती है, जो हिंदी सिनेमा के समानांतर और मुख्य धारा दोनों में अपनी खास पहचान बनाने वाले अभिनेता थे।

फारूख शेख ने अपने करियर की शुरुआत समानांतर सिनेमा से की थी, जहाँ उन्होंने 'गरम हवा' से डेब्यू किया और अपने हर फिल्म में एक अलग छाप छोड़ने में सफल रहे। इसके अलावा, उन्होंने टीवी पर 'जीना इसी का नाम है' जैसे कार्यक्रमों को भी होस्ट किया और थिएटर में भी सक्रियता दिखाई।

फारूख शेख का जन्म 25 मार्च 1948 को गुजरात के सूरत जिले के अमरोली में हुआ था। वे न केवल एक प्रतिभाशाली अभिनेता थे, बल्कि रेडियो और टेलीविजन के सफल एंकर भी रहे। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट मैरी स्कूल से प्राप्त की और फिर सेंट जेवियर कॉलेज में दाखिला लिया। इसके बाद उन्होंने सिद्धार्थ कॉलेज ऑफ लॉ से कानून की डिग्री हासिल की।

दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने कानून के फाइनल ईयर में एमएस सथ्यू की फिल्म ‘गर्म हवा’ में काम किया, जिसमें उन्हें केवल सात सौ रुपये की फीस मिली थी। इस फिल्म को भारतीय न्यू वेव सिनेमा की एक महत्वपूर्ण फिल्म माना जाता है।

1973 में आई गरम हवा को भारतीय सिनेमा की एक युगांतरकारी फिल्म माना जाता है, जो इस्मत चुगताई की कहानी पर आधारित है। यह फिल्म विभाजन के बाद एक मुस्लिम परिवार के संघर्ष और पहचान के संकट को यथार्थवादी रूप में प्रस्तुत करती है। बलराज साहनी के बेहतरीन अभिनय के साथ, इसमें फारूख शेख की एक्टिंग की भी बहुत सराहना हुई थी।

फारूख शेख एक अद्भुत एंकर भी रहे हैं। उन्होंने रेडियो पर क्विज शो का संचालन किया और मुंबई दूरदर्शन के कार्यक्रम ‘युवा दर्शन’ और ‘यंग वर्ल्ड’ के एंकरिंग से घर-घर में लोकप्रियता हासिल की। 1977 में सत्यजीत रे की फिल्म ‘शतरंज के खिलाड़ी’ में उन्होंने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1978 में मुजफ्फर अली की ‘गमन’ में उनके द्वारा निभाया गया किरदार आज भी दर्शकों को प्रभावित करता है।

उनकी अन्य प्रमुख फिल्मों में ‘नूरी’, ‘चश्मे बुद्दूर’, ‘कथा’, ‘साथ साथ’, ‘किसी से न कहना’, ‘रंग बिरंगी’, ‘एक पल’, ‘अंजुमन’, ‘फासले’ और ‘बाजार’ शामिल हैं। ‘चश्मे बुद्दूर’ उनकी सबसे सफल और प्रिय फिल्मों में से एक मानी जाती है।

फारूख शेख 1977 से 1989 तक फिल्मों में सक्रिय रहे और 1988 से 2000 तक टेलीविजन में। 2008 में उन्होंने एक बार फिर से ‘लाहौर’, ‘ये जवानी है दीवानी’, ‘शंघाई’ और ‘क्लब 60’ जैसी फिल्मों के साथ वापसी की। 28 दिसंबर 2013 को दुबई में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिन्होंने समानांतर सिनेमा से लेकर मुख्य धारा में अपनी विशेष पहचान बनाई। उनका योगदान और अभिनय कला आज भी दर्शकों के दिलों में बसी हुई है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फारूख शेख की पहली फिल्म कौन सी थी?
फारूख शेख की पहली फिल्म 'गरम हवा' थी।
फारूख शेख का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
फारूख शेख का जन्म 25 मार्च 1948 को गुजरात के सूरत जिले के अमरोली में हुआ था।
फारूख शेख ने कौन-कौन से प्रमुख शो होस्ट किए?
फारूख शेख ने 'जीना इसी का नाम है' जैसे शो होस्ट किए।
फारूख शेख का निधन कब हुआ?
फारूख शेख का निधन 28 दिसंबर 2013 को दुबई में हुआ।
फारूख शेख की कौन सी फिल्म सबसे सफल रही?
फारूख शेख की 'चश्मे बुद्दूर' सबसे सफल फिल्मों में से एक रही।
राष्ट्र प्रेस
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