हर्ष छाया बोले: युवा मुझे न पहचानें तो गलत क्या है, वरिष्ठ कलाकारों की पहचान पर बहस बेमानी
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता हर्ष छाया ने 6 जुलाई 2026 को एक बातचीत में साफ कहा कि नई पीढ़ी का वरिष्ठ कलाकारों को न पहचानना न तो गलत है, न ही चिंता का विषय। बॉलीवुड और टीवी दोनों में अपनी पहचान बना चुके हर्ष छाया ने कहा कि यह बहस ही फिजूल है कि आज के युवा पुराने कलाकारों को क्यों नहीं जानते।
हर्ष छाया का साफ रुख
हर्ष छाया ने कहा, 'अगर कोई युवा मुझे नहीं पहचानता तो मुझे इससे बिल्कुल भी फर्क नहीं पड़ता। किसी व्यक्ति ने अगर मेरा काम नहीं देखा है तो मैं उन्हें कैसे पहचान सकता हूं?' उन्होंने तर्क दिया कि आज का 20 साल का युवा जब आज के कलाकारों को देख रहा है, तो उनका काम उसके लिए करीब 30 साल पुराना है। उनके अनुसार, 'अगर उसने मेरा काम नहीं देखा है, तो यह उसकी जिम्मेदारी नहीं है।'
हर पीढ़ी के अपने आइकन होते हैं
हर्ष छाया ने अपने शुरुआती दिनों का हवाला देते हुए कहा कि जब वे पहली बार इंडस्ट्री में आए थे, तब वे दिलीप कुमार और राजेंद्र कुमार को जानते थे क्योंकि वे बहुत बड़े सितारे थे। लेकिन उनके समकालीन कलाकारों के बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं थी, क्योंकि वे उनसे करीब 40 साल पहले की पीढ़ी के थे।
उन्होंने आगे कहा कि उनके दौर के सबसे बड़े सितारे अमिताभ बच्चन, विनोद खन्ना और ऋषि कपूर थे — यही उनकी प्रेरणा का स्रोत थे। 'हर पीढ़ी के अपने आइकन होते हैं और यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है,' उन्होंने कहा।
कलाकार की पहचान उसके काम से
हर्ष छाया का मानना है कि कलाकारों की पहचान उनके काम से बनती है और जिस पीढ़ी ने उनका काम देखा होगा, वही उन्हें बेहतर तरीके से जानती होगी। उन्होंने कहा कि समय के साथ दर्शकों की पसंद बदलती रहती है और हर दौर में नए चेहरे सामने आते हैं — ऐसे में पुराने कलाकारों को लेकर युवाओं से किसी तरह की अपेक्षा रखना उचित नहीं है।
'अनदेखी' ने दिलाई नई पहचान
हर्ष छाया ने अपनी चर्चित वेब सीरीज 'अनदेखी' का जिक्र करते हुए बताया कि इस सीरीज के बाद बड़ी संख्या में नए दर्शक उन्हें पहचानने लगे हैं। कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने उन्हें पहली बार 'अनदेखी' में देखा और उसके बाद उनके बारे में जानना शुरू किया। उनके अनुसार, इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है — यही मनोरंजन उद्योग का स्वाभाविक चक्र है।