हिमानी शिवपुरी बोलीं — विजया मेहता ने 'हमीदाबाई की कोठी' से मुझे नया कलाकार बना दिया
सारांश
मुख्य बातें
वेटरन अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी ने थिएटर जगत की दिग्गज निर्देशक विजया मेहता को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके साथ काम करने का अनुभव उनके पूरे करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। विजया मेहता का 30 जून को 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया, जिसके बाद फिल्म और रंगमंच की दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई।
नाटक 'हमीदाबाई की कोठी' ने बदली दिशा
हिमानी शिवपुरी ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया, 'मुझे नाटक 'हमीदाबाई की कोठी' में विजया मेहता के साथ काम करने का अवसर मिला था। इसी दौरान मैंने महसूस किया कि वह एक ऐसी निर्देशक थीं, जो कलाकार को अंदर से गढ़ती थीं। उनके साथ काम करना एक सीखने की प्रक्रिया थी, जिसने मेरे पूरे करियर को नई दिशा दी।'
दर्शकों ने देखा बदलाव, विजया मेहता की थी ट्रेनिंग
अभिनेत्री ने आगे कहा, 'जब लोग उस नाटक को देखने आते थे, तो अक्सर मेरे अभिनय की तारीफ करते हुए कहते थे कि मेरी आवाज़, चाल और मंच पर मौजूदगी पहले से बिल्कुल अलग है। यह बदलाव केवल विजया मेहता की ट्रेनिंग का परिणाम था। उन्होंने मुझे एक ऐसा आत्मविश्वास दिया, जिसने मुझे मंच पर खुलकर अपने किरदार को जीने की ताकत दी।'
भावुक श्रद्धांजलि — 'सैल्यूट टू द लीजेंड'
हिमानी शिवपुरी ने एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'विजया मेहता, जिन्हें लोग प्यार से 'बाई' कहते थे, अब हमारे बीच नहीं रहीं, लेकिन उनकी सीख हमेशा जीवित रहेगी। मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूँ कि मुझे इतने बड़े व्यक्तित्व के साथ काम करने का अवसर मिला। वह हर कलाकार को भीतर से बदल देती थीं और उन्हें नया नज़रिया देती थीं। उन्होंने मुझे बदल दिया। सैल्यूट टू द लीजेंड। ओम शांति।'
थिएटर और सिनेमा जगत में शोक
विजया मेहता के निधन की खबर के बाद वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आज़मी और अनुभवी कलाकार भारती आचरेकर सहित कई दिग्गजों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। विजया मेहता भारतीय थिएटर और सिनेमा की सबसे प्रभावशाली हस्तियों में से एक मानी जाती थीं, जिनका रंगमंच पर दशकों तक अमिट प्रभाव रहा।
विरासत जो आगे भी जीवित रहेगी
गौरतलब है कि विजया मेहता ने भारतीय रंगमंच को एक नई भाषा और संवेदनशीलता दी। उनकी निर्देशन शैली कलाकार की आंतरिक क्षमता को उजागर करने पर केंद्रित थी, जिसका प्रमाण हिमानी शिवपुरी जैसे कलाकारों के करियर में स्पष्ट दिखता है। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के रंगकर्मियों को प्रेरित करती रहेगी।