सुनील लहरी ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर PM मोदी की बचत अपील का किया समर्थन

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सुनील लहरी ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर PM मोदी की बचत अपील का किया समर्थन

सारांश

रामायण के लक्ष्मण यानी सुनील लहरी ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर PM मोदी की बचत अपील को देशहित का कदम बताया। उन्होंने कहा — संकट आने से पहले तैयारी जरूरी है, और ईंधन व सोने-चाँदी पर फिजूलखर्ची घटाने से भारत की विदेशी निर्भरता कम होगी।

मुख्य बातें

अभिनेता सुनील लहरी ने 14 मई को एक्स पर वीडियो पोस्ट कर PM मोदी की बचत अपील का समर्थन किया।
लहरी ने अपील को राजनीति से परे देशहित का कदम बताया।
उन्होंने ईंधन, सोना-चाँदी जैसी आयातित वस्तुओं पर खर्च घटाने की वकालत की।
अभिनेता ने तर्क दिया कि विदेशी निर्भरता कम होने से भारत की मुद्रा बचेगी।
वीडियो में कहा — 'आग लगने के बाद कुआँ नहीं खोदा जाता', पहले से तैयारी जरूरी है।

टीवी धारावाहिक 'रामायण' में लक्ष्मण की भूमिका से करोड़ों दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाले अभिनेता सुनील लहरी ने गुरुवार, 14 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील का समर्थन किया, जिसमें देशवासियों से फिजूलखर्ची कम करने और भविष्य के संकटों को ध्यान में रखते हुए बचत की आदत डालने का आग्रह किया गया था। लहरी ने लोगों से इस संदेश को राजनीतिक चश्मे से नहीं, बल्कि देशहित और व्यावहारिक समझदारी के नज़रिए से देखने की अपील की।

वीडियो में क्या कहा सुनील लहरी ने

वीडियो की शुरुआत में सुनील लहरी ने कहा, 'प्रणाम दोस्तों। पिछले कुछ दिनों में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से कुछ चीजों पर खर्च कम करने की बात कही थी। कुछ लोगों ने इस बात को सकारात्मक, जबकि कुछ लोगों ने नकारात्मक रूप में लिया।' उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि किसी भी बात को समझने से पहले उसके पीछे के उद्देश्य को समझना ज़रूरी है।

अभिनेता ने विरोध करने वालों से एक सीधा सवाल पूछा — 'जब किसी घर में कोई बड़ा संकट आता है, तो क्या लोग अपने खर्चों में कटौती नहीं करते?' उनका तर्क था कि प्रधानमंत्री की यह अपील भी उसी सोच पर आधारित है — संकट आने से पहले तैयारी करना।

आर्थिक निर्भरता और विदेशी खर्च पर चिंता

लहरी ने वीडियो में देश की आर्थिक स्थिति और विदेशी निर्भरता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'अगर हम ईंधन, सोना-चाँदी और उन चीजों पर फिजूल खर्च कम करेंगे, जिनके लिए भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता है, तो इससे देश का बहुत पैसा बच सकता है।' उनके अनुसार, भारत का बड़ा हिस्सा विदेशी मुद्रा के रूप में अन्य देशों में जाता है, और यदि लोग ज़रूरत के अनुसार खर्च करें तो इससे देश और आम नागरिक दोनों को लाभ होगा।

पुरानी कहावत से दिया संदेश

अभिनेता ने एक प्रचलित कहावत का हवाला देते हुए कहा कि 'आग लगने के बाद कुआँ नहीं खोदा जाता' — यानी संकट के वक्त की तैयारी पहले से ही कर लेनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री की अपील देश के हित को ध्यान में रखकर की गई है। आने वाले समय में किसी तरह की गड़बड़ी आ सकती है, इसलिए आज ही उसका हल निकाल लें।'

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

यह ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री मोदी की बचत संबंधी अपील को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं। गौरतलब है कि 'रामायण' जैसे पौराणिक धारावाहिकों से जुड़े कलाकारों की सामाजिक अपीलें अक्सर व्यापक दर्शकों तक पहुँचती हैं, खासकर उन वर्गों में जो मुख्यधारा की राजनीतिक बहस से दूर रहते हैं। वीडियो के अंत में लहरी ने लोगों से इस विषय पर विचार करने की अपील करते हुए कहा कि देश का पैसा बचेगा तो उसका फायदा अंततः देशवासियों को ही मिलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे किसी नीतिगत ढाँचे या डेटा से न जोड़ना इसे सलाह से अधिक भावनात्मक अपील बनाता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह सवाल नहीं उठाती कि क्या सेलेब्रिटी समर्थन आर्थिक जागरूकता बढ़ाता है या केवल राजनीतिक संदेश को सांस्कृतिक वैधता देता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुनील लहरी ने PM मोदी की किस अपील का समर्थन किया?
सुनील लहरी ने PM मोदी की उस अपील का समर्थन किया जिसमें देशवासियों से फिजूलखर्ची कम करने और भविष्य के संकटों को ध्यान में रखते हुए बचत करने का आग्रह किया गया था। लहरी ने 14 मई को एक्स पर वीडियो पोस्ट कर इस संदेश को देशहित का कदम बताया।
सुनील लहरी कौन हैं और वे क्यों चर्चा में हैं?
सुनील लहरी टीवी धारावाहिक 'रामायण' में लक्ष्मण की भूमिका निभाने के लिए जाने जाते हैं। वे 14 मई को एक्स पर पोस्ट किए गए वीडियो के कारण चर्चा में आए, जिसमें उन्होंने PM मोदी की बचत अपील का समर्थन किया।
सुनील लहरी ने विदेशी निर्भरता के बारे में क्या कहा?
लहरी ने कहा कि ईंधन, सोना-चाँदी और अन्य आयातित वस्तुओं पर फिजूल खर्च कम करने से भारत का बड़ा पैसा और विदेशी मुद्रा बच सकती है। उनके अनुसार यदि लोग ज़रूरत के अनुसार खर्च करें तो देश और आम नागरिक दोनों को फायदा होगा।
क्या PM मोदी की बचत अपील पर विवाद हुआ?
सुनील लहरी ने स्वयं वीडियो में स्वीकार किया कि मोदी की अपील पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ आई हैं — कुछ लोगों ने इसे सकारात्मक और कुछ ने नकारात्मक रूप में लिया। लहरी ने लोगों से इसे राजनीतिक नहीं, बल्कि व्यावहारिक नज़रिए से देखने की अपील की।
सुनील लहरी ने बचत की ज़रूरत को किस उदाहरण से समझाया?
अभिनेता ने 'आग लगने के बाद कुआँ नहीं खोदा जाता' कहावत का हवाला देते हुए कहा कि संकट आने से पहले ही तैयारी कर लेनी चाहिए। उन्होंने घरेलू संकट के वक्त खर्च में कटौती के उदाहरण से इस बात को जोड़ा।
राष्ट्र प्रेस
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