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ईशा कोप्पिकर ने मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर तोड़ी चुप्पी, महिलाओं से की खुलकर बात करने की अपील

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ईशा कोप्पिकर ने मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर तोड़ी चुप्पी, महिलाओं से की खुलकर बात करने की अपील

सारांश

मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर ईशा कोप्पिकर ने इंस्टाग्राम के ज़रिए वह बात कही जो अक्सर अनकही रह जाती है — पीरियड्स पर चुप्पी तोड़ो। एक सेलिब्रिटी की यह आवाज़ उस व्यापक सामाजिक बदलाव की माँग करती है जो भारत की लाखों महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी है।

मुख्य बातें

अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर ने 28 मई 2025 को मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर इंस्टाग्राम पोस्ट के ज़रिए जागरूकता अभियान चलाया।
उन्होंने कहा — 'पीरियड्स एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, इस पर बात करने में झिझक नहीं होनी चाहिए।' 28 मई को यह दिवस मनाने का आधार: महिलाओं का मासिक चक्र औसतन 28 दिन और माहवारी 5 दिन — इसीलिए मई (5वाँ महीना) की 28 तारीख चुनी गई।
ईशा की हालिया फिल्म तमिल साइंस-फिक्शन 'अयलान' 2024 में रिलीज हुई, जिसमें शिवकार्तिकेयन मुख्य भूमिका में थे।
इस पहल का उद्देश्य माहवारी से जुड़ी सामाजिक वर्जनाओं और रूढ़िवादी सोच को चुनौती देना है।

अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर ने 28 मई 2025 को मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर इंस्टाग्राम पर एक विशेष पोस्ट साझा कर महिलाओं और लड़कियों में माहवारी स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता फैलाने की पहल की। अपनी पोस्ट में उन्होंने मासिक धर्म से जुड़ी सामाजिक चुप्पी और संकोच को तोड़ने का आह्वान किया।

क्या था ईशा का संदेश

ईशा कोप्पिकर ने इंस्टाग्राम पर मासिक धर्म के दौरान उपयोग होने वाली स्वच्छता सामग्री की तस्वीरें पोस्ट कीं। अपने कैप्शन में उन्होंने लिखा, "मासिक धर्म (पीरियड्स) एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और इसके बारे में बात करने में किसी तरह की झिझक नहीं होनी चाहिए। कई वर्षों तक मासिक धर्म से जुड़ी बातें चुप्पी और संकोच के पीछे छिपी रहीं। अब समय आ गया है कि हम इस सोच को बदलें।"

उन्होंने आगे अपील की, "मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर आइए जागरूकता, देखभाल और खुलकर बातचीत को बढ़ावा दें, ताकि हर लड़की और महिला स्वस्थ, सुरक्षित और आत्मविश्वास के साथ अपना जीवन जी सके।"

मासिक धर्म स्वच्छता दिवस का महत्व

मासिक धर्म स्वच्छता दिवस हर वर्ष 28 मई को मनाया जाता है। इस तिथि के चुनाव के पीछे एक वैज्ञानिक आधार है — महिलाओं का मासिक चक्र औसतन 28 दिनों का होता है और माहवारी सामान्यतः 5 दिनों तक रहती है, इसीलिए मई (5वाँ महीना) की 28 तारीख को यह दिवस चुना गया।

इस दिवस का मुख्य उद्देश्य माहवारी के दिनों में साफ-सफाई के प्रति महिलाओं को सजग करना और समाज में फैली रूढ़िवादी सोच व वर्जनाओं को चुनौती देना है, ताकि महिलाएँ बिना किसी भय या शर्म के अपने स्वास्थ्य की देखभाल कर सकें।

सामाजिक वर्जनाओं पर प्रहार

भारत में मासिक धर्म से जुड़ी चुप्पी और वर्जनाएँ आज भी बड़े पैमाने पर मौजूद हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लड़कियाँ अक्सर इस विषय पर खुलकर बात करने से हिचकिचाती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब स्वास्थ्य विशेषज्ञ और सामाजिक संगठन लगातार इस विषय पर जागरूकता अभियान चला रहे हैं। गौरतलब है कि सार्वजनिक हस्तियों की आवाज़ इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर समाज की सोच बदलने में सहायक मानी जाती है।

ईशा कोप्पिकर का फ़िल्मी सफर

बॉलीवुड और दक्षिण भारतीय सिनेमा में लंबे समय से सक्रिय ईशा कोप्पिकर की सबसे हालिया फिल्म तमिल साइंस-फिक्शन एक्शन फिल्म 'अयलान' थी, जो 2024 में रिलीज हुई। इस फिल्म में मुख्य भूमिका में शिवकार्तिकेयन थे।

आगे की राह

इस तरह की सेलिब्रिटी पहलें मासिक धर्म स्वास्थ्य के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण बदलने की व्यापक कोशिश का हिस्सा हैं। उम्मीद है कि ईशा की यह अपील अन्य सार्वजनिक हस्तियों को भी इस महत्वपूर्ण विषय पर आवाज़ उठाने के लिए प्रेरित करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि सेलिब्रिटी जागरूकता अभियान ज़मीनी बदलाव में कितना तब्दील होते हैं। भारत में आज भी ग्रामीण क्षेत्रों की बड़ी आबादी सस्ती और सुरक्षित माहवारी स्वच्छता सामग्री तक पहुँच से वंचित है — यह महज़ सोच का नहीं, बल्कि संसाधन और नीति का भी संकट है। इंस्टाग्राम पोस्ट से शुरू होने वाली बातचीत तभी सार्थक होगी जब वह स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और सरकारी नीतियों तक पहुँचे।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मासिक धर्म स्वच्छता दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
मासिक धर्म स्वच्छता दिवस हर वर्ष 28 मई को मनाया जाता है। इस तिथि का चुनाव इसलिए किया गया क्योंकि महिलाओं का औसत मासिक चक्र 28 दिनों का होता है और माहवारी सामान्यतः 5 दिनों तक रहती है — मई साल का 5वाँ महीना है।
ईशा कोप्पिकर ने मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर क्या पोस्ट किया?
ईशा कोप्पिकर ने 28 मई 2025 को इंस्टाग्राम पर माहवारी स्वच्छता सामग्री की तस्वीरें साझा कीं और महिलाओं से अपील की कि पीरियड्स एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, इस पर खुलकर बात होनी चाहिए। उन्होंने सामाजिक वर्जनाओं और चुप्पी को तोड़ने का आह्वान किया।
भारत में मासिक धर्म से जुड़ी सामाजिक वर्जनाएँ क्यों एक बड़ी समस्या हैं?
भारत में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लड़कियाँ अक्सर माहवारी पर खुलकर बात करने से हिचकिचाती हैं, जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का अभाव रहता है। यह वर्जना महिलाओं को समय पर सही देखभाल और जानकारी लेने से रोकती है।
ईशा कोप्पिकर की हालिया फिल्म कौन सी है?
ईशा कोप्पिकर की सबसे हालिया फिल्म तमिल साइंस-फिक्शन एक्शन फिल्म 'अयलान' है, जो 2024 में रिलीज हुई। इस फिल्म में मुख्य भूमिका में शिवकार्तिकेयन थे।
मासिक धर्म स्वच्छता दिवस का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस दिवस का उद्देश्य महिलाओं और लड़कियों को माहवारी के दौरान स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और समाज में इस विषय पर फैली रूढ़िवादी सोच व चुप्पी को तोड़ना है। इससे महिलाएँ बिना भय या शर्म के अपने स्वास्थ्य की देखभाल कर सकें, यही इसका मूल संदेश है।
राष्ट्र प्रेस
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