जावेद जाफरी का खुलासा: 'धमाल 4' में 'मानव' बनना बोरियत नहीं, बल्कि और मज़ेदार हो जाता है
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता जावेद जाफरी ने 4 जुलाई को मुंबई में 'धमाल 4' के प्रमोशन के दौरान साफ किया कि किसी किरदार को फ्रेंचाइज़ी की कई किस्तों में निभाते रहने से उनका उत्साह कम नहीं होता — बल्कि उनकी पकड़ और गहरी होती जाती है।
किरदार पर पकड़ और गहरी होती है
जाफरी ने निर्देशक इंद्र कुमार और अभिनेता अरशद वारसी के साथ बातचीत में बताया कि किसी किरदार को लंबे समय तक जीने से अभिनेता उसकी बारीकियाँ बेहतर तरीके से समझ लेता है। उन्होंने कहा, 'यह और भी मजेदार होता है, क्योंकि आप किरदार का आनंद ले रहे होते हैं। आप उस किरदार की सीमाओं के भीतर रहते हुए सोचने की कोशिश करते हैं। आप लगातार सोचते हैं कि मैं इसमें और क्या जोड़ सकता हूँ? मुख्य बात यह है कि आपको किरदार की सीमाओं के भीतर ही रहना होगा।'
लेखन की भूमिका सबसे अहम
जाफरी ने यह भी रेखांकित किया कि अभिनेता का प्रदर्शन काफी हद तक पटकथा की मज़बूती पर निर्भर करता है। उनके शब्दों में, 'सभी कलाकार अपने किरदारों की सीमाओं को समझते हैं। बाकी, लेखन इतना अच्छा है कि इससे स्वाभाविक रूप से बेहतरीन प्रदर्शन होता है। जब लेखन अच्छा नहीं होता तो अभिनेता को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।'
उन्होंने पुराने दौर को याद करते हुए जोड़ा, 'मेरे पिता के समय में मैंने लोगों को यह कहते हुए देखा है — 'सर, आप कुछ कीजिए, मुझे हीरो सिर्फ 2 घंटे के लिए मिला है।' लेकिन अगर हमें मूल सामग्री ही न दी जाए तो हम क्या कर सकते हैं?'
जेन जेड के साथ किरदार नहीं बदलेगा
नई पीढ़ी के दर्शकों के बारे में पूछे जाने पर जाफरी ने स्पष्ट किया कि 'मानव' का किरदार अपनी मूल पहचान से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा, 'जेन जेड पर मजाक बनाना 'धमाल' नहीं है। अगर कोई जेन जेड बच्चा आता है तो वह शायद उस किरदार को जोड़ दे — हमारा किरदार जेन जेड नहीं बन सकता।'
फिल्म का विवरण
'धमाल 4' का निर्देशन इंद्र कुमार ने किया है। फिल्म को गुलशन कुमार और टी-सीरीज द्वारा प्रस्तुत किया गया है, और इसे देवगन फिल्म्स, टी-सीरीज फिल्म्स, मारुति इंटरनेशनल तथा पैनोरमा स्टूडियोज़ के सहयोग से बनाया गया है। इसे अजय देवगन, भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, अशोक ठकेरिया, इंद्र कुमार, आनंद पंडित और कुमार मंगत पाठक ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म 10 जुलाई को सिनेमाघरों में दस्तक देगी।