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क्या ‘बूगी वूगी’ और ‘ताकेशीज कैसल’ कलात्मक संतुष्टि के लिए किए गए थे, पैसे से ज्यादा मजा है?

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क्या ‘बूगी वूगी’ और ‘ताकेशीज कैसल’ कलात्मक संतुष्टि के लिए किए गए थे, पैसे से ज्यादा मजा है?

सारांश

जावेद जाफरी ने ‘बूगी वूगी’ और ‘ताकेशीज कैसल’ के अनुभव साझा करते हुए बताया कि कला की संतुष्टि पैसे से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। उनकी आगामी फिल्म ‘मायासभा’ के बारे में भी चर्चा की गई। यह लेख न केवल मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि भारत के असली टैलेंट को भी सामने लाने का प्रयास है।

मुख्य बातें

‘बूगी वूगी’ भारत के असली टैलेंट को सामने लाने का माध्यम है।
जावेद जाफरी ने कला की संतुष्टि को पैसे से अधिक महत्वपूर्ण बताया।
‘ताकेशीज कैसल’ में भी जावेद को मजा आया, भले ही पैसे कम थे।
एक्टर को राइटर और डायरेक्टर की मेहनत का सम्मान करना चाहिए।
जावेद का करियर विभिन्न माध्यमों में फैला हुआ है।

मुंबई, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बहु-प्रतिभाशाली अभिनेता जावेद जाफरी ने न केवल फिल्मों में, बल्कि शो में भी अपने अनोखे अंदाज की छाप छोड़ी है। उन्होंने आगामी फिल्म ‘मायासभा’ की तैयारियों के बीच अपने अनुभवों को साझा किया। जावेद ने डांस रियलिटी शो ‘बूगी वूगी’ की शुरुआत की सबसे बड़ी वजह बताई और कहा कि यह सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि भारत के असली टैलेंट को उजागर करने का माध्यम था।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में जावेद जाफरी ने कहा, “‘बूगी वूगी’ के पीछे हमारी इच्छा थी कि हम भारत को देखें। हम असली टैलेंट देखना चाहते थे। मैंने पूरे भारत को देखा है। स्टेज पर आकर परिवार, सोच, गरीबी, अमीरी और कड़ी मेहनत सब दिखाई देती है। यही असली भारत है।”

उन्होंने बताया कि ‘ताकेशीज कैसल’ जैसे प्रसिद्ध जापानी गेम शो में उनकी आवाज थी, लेकिन उन्हें इसमें बहुत मजा आता था।

जावेद ने कहा, “इसमें पैसे बहुत कम थे, लेकिन मैंने इसे इसलिए किया क्योंकि बच्चे इसका आनंद लेते थे और मैं भी। कला की संतुष्टि के लिए ऐसे काम किए जाते हैं। जब घर चलाने की चिंता नहीं होती, तो आप ऐसे कामों को अधिक महत्व देते हैं।”

जावेद जाफरी ने एक्टर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि एक्टर के अधिकार सीमित होते हैं और राइटर तथा डायरेक्टर की मेहनत का सम्मान करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा, “राइटर ने वर्षों की मेहनत से स्क्रिप्ट लिखी है। आप एक दिन में कह दें कि मैं इसे बदल दूंगा, यह गलत है। डायरेक्टर पूरी दुनिया बनाता है, एक्टर उसे ओवरराइड नहीं कर सकता। मैं अगर कुछ नया सुझाव दे सकता हूं, तो देता हूं, लेकिन ट्रैक से नहीं हटता।”

अभिनेता की फिल्म ‘मायासभा’ 30 जनवरी को रिलीज होने वाली है। कॉमेडी से लेकर गंभीर तक, हर जॉनर में काम कर चुके जावेद जाफरी आगामी फिल्म ‘मायासभा’ में एक अलग अंदाज में दिखाई देंगे। जावेद का करियर फिल्मों, टीवी, डांस शो और वॉयस-ओवर तक फैला हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि जावेद जाफरी का दृष्टिकोण भारतीय टैलेंट के प्रति गहरी समझ और सम्मान दर्शाता है। उन्होंने कला की वास्तविकता को सामने लाने का प्रयास किया है, जो समाज के विभिन्न पहलुओं को उजागर करता है। यह दृष्टिकोण न केवल मनोरंजन के लिए है, बल्कि हमारे समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को भी प्रोत्साहित करता है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जावेद जाफरी ने ‘बूगी वूगी’ क्यों शुरू किया?
जावेद जाफरी ने ‘बूगी वूगी’ को भारत के असली टैलेंट को सामने लाने के लिए शुरू किया।
क्या ‘ताकेशीज कैसल’ में पैसे कम थे?
हां, ‘ताकेशीज कैसल’ में पैसे बहुत कम थे, लेकिन जावेद ने कहा कि मजा अधिक था।
जावेद जाफरी की आगामी फिल्म कब रिलीज होगी?
जावेद जाफरी की फिल्म ‘मायासभा’ 30 जनवरी को रिलीज होगी।
राष्ट्र प्रेस
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