जूही चावला ने मुंबई गणपति उत्सव की सुरक्षा व्यवस्था को सराहा, पर्यावरण अनुकूल आयोजन की भी अपील
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री जूही चावला ने 26 सितंबर 2026 को मुंबई में आयोजित गणपति उत्सव की सुरक्षा व्यवस्था और उत्सवी माहौल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने इस बात पर विशेष प्रसन्नता जताई कि हज़ारों-लाखों श्रद्धालु — जिनमें पुरुष और महिलाएँ दोनों शामिल थे — पूर्ण सुरक्षा और सौहार्द के साथ भगवान गणेश की आराधना में सम्मिलित हुए।
उत्सव के माहौल से अभिभूत हुईं जूही
जूही चावला ने उत्सव स्थल पर अपनी भावनाएँ साझा करते हुए कहा, 'जैसा कि आप देख सकते हैं, यहाँ बहुत ही प्रसन्नतापूर्ण और सम्मानपूर्ण वातावरण रहा। इतने सारे लोग पूजा करने आए, पूरे आदर के साथ। मुझे आश्चर्य है, और यह बहुत अच्छी बात है कि यहाँ महिलाएँ और पुरुष दोनों मौजूद रहे और सभी सुरक्षित रहे।'
उन्होंने आगे कहा, 'सभी लोग सुरक्षित हैं। आप देख सकते हैं कि कितने सारे लोग थे — हज़ारों, लाखों — लेकिन सभी सुरक्षित हैं। सभी ने सहजता से, अपनी खुशी के साथ बाबा की पूजा की। यह बहुत ही सुंदर वातावरण रहा।'
मुंबई का गौरव और व्यक्तिगत अनुभव
जूही चावला ने इस आयोजन को मुंबई की पहचान और गौरव से जोड़ते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि यह मुंबई का गौरव है, और मुझे यहाँ आमंत्रित करने के लिए शाइना, आपका धन्यवाद। इसे टीवी पर देखना एक बात है, लेकिन असल ज़िंदगी में देखना दिल छू जाता है।' यह टिप्पणी दर्शाती है कि उत्सव की भव्यता किसी भी माध्यम से कहीं अधिक प्रत्यक्ष अनुभव में निखरती है।
महाराष्ट्र-गुजरात की सांस्कृतिक विरासत
अभिनेत्री ने गणपति उत्सव को महाराष्ट्र और गुजरात की सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न अंग बताया। उन्होंने कहा, 'यह त्योहार महाराष्ट्र और गुजरात के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यहाँ हम इसे बहुत प्रेम से मनाते हैं और यह बहुत खास है। आप यहाँ जो देख रहे हैं, शायद दुनिया में कहीं और ऐसा नहीं होता।' गौरतलब है कि गणपति उत्सव की सार्वजनिक परम्परा को बाल गंगाधर तिलक ने 19वीं सदी में राष्ट्रीय एकजुटता के प्रतीक के रूप में स्थापित किया था।
पर्यावरण अनुकूल आयोजन की अपील
उत्सव की प्रशंसा के साथ-साथ जूही ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने बड़े गणपति पंडालों के आयोजकों से सीधे आग्रह किया: 'कृपया आप पर्यावरण के अनुकूल गणपति कब बनाएंगे? जब आप ऐसा करेंगे, तो सभी पंडाल आपका अनुसरण करेंगे। इसलिए कृपया, पहले पर्यावरण के अनुकूल बनने का प्रयास करें।' यह अपील ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब प्रतिवर्ष मूर्ति विसर्जन से जल निकायों में प्रदूषण की चिंता उठती रहती है।
चार दशकों से सामाजिक सरोकार
हिंदी सिनेमा में अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए जानी जाने वाली जूही चावला चार दशकों से अधिक समय से मनोरंजन उद्योग से जुड़ी हैं। वर्षों से वे कई सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर मुखर रही हैं। उनकी यह उपस्थिति और अपील, गणपति उत्सव की लोकप्रियता तथा पर्यावरण जागरूकता के बीच एक सेतु के रूप में देखी जा रही है।