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'रामायण' के 'आर्य सुमंत' चंद्रशेखर वैद्य: जूनियर आर्टिस्ट से 110 फिल्मों तक का सफर

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'रामायण' के 'आर्य सुमंत' चंद्रशेखर वैद्य: जूनियर आर्टिस्ट से 110 फिल्मों तक का सफर

सारांश

जूनियर आर्टिस्ट से शुरुआत कर 110 से अधिक फिल्मों तक का सफर तय करने वाले चंद्रशेखर वैद्य को असली पहचान मिली रामानंद सागर की 'रामायण' में — 64 वर्ष की आयु में निभाए 'आर्य सुमंत' के किरदार से। 16 जून 2021 को 98 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ, लेकिन वह भूमिका आज भी दर्शकों के दिलों में जीवित है।

मुख्य बातें

चंद्रशेखर वैद्य का निधन 16 जून 2021 को 98 वर्ष की आयु में हुआ।
उनका जन्म 7 जुलाई 1922 को तेलंगाना (तत्कालीन हैदराबाद) में हुआ था।
वर्ष 1950 में फिल्म 'बेबस' से जूनियर आर्टिस्ट के रूप में करियर की शुरुआत की।
अपने करियर में 110 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया; 1964 में 'चा चा चा' का निर्माण, निर्देशन और अभिनय भी किया।
रामानंद सागर की 'रामायण' में 64 वर्ष की आयु में 'आर्य सुमंत' का किरदार निभाया, जो उनकी सबसे यादगार भूमिका बनी।
1985–1996 तक सिने आर्टिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे; वर्ष 2000 में अभिनय से संन्यास लिया।

हिंदी सिनेमा के वरिष्ठ अभिनेता चंद्रशेखर वैद्य का 16 जून 2021 को 98 वर्ष की आयु में निधन हुआ था। रामानंद सागर की महाकाव्य टेलीविजन श्रृंखला 'रामायण' में उनके द्वारा निभाया गया 'आर्य सुमंत' का किरदार आज भी दर्शकों के मन में जीवित है। अपने पाँच दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने 110 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया।

प्रारंभिक जीवन और फिल्मी दुनिया में प्रवेश

चंद्रशेखर वैद्य का जन्म 7 जुलाई 1922 को तेलंगाना (तत्कालीन हैदराबाद) में हुआ था। महज 13 वर्ष की आयु में उनका विवाह हो गया और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते वे केवल सातवीं कक्षा तक ही पढ़ सके। 1940 के दशक की शुरुआत में उन्होंने कॉलेज छोड़ा और सपनों की तलाश में मुंबई (तत्कालीन बंबई) आ गए।

प्रसिद्ध गायिका शमशाद बेगम की सिफारिश पर उन्हें पुणे के शालीमार स्टूडियो में काम मिला। यह वह दौर था जब हिंदी फिल्म उद्योग तेज़ी से विस्तार ले रहा था और नए चेहरों के लिए अवसर खुल रहे थे।

जूनियर आर्टिस्ट से अभिनेता तक का सफर

वर्ष 1950 में फिल्म 'बेबस' से उन्होंने जूनियर आर्टिस्ट के रूप में अपना फिल्मी सफर शुरू किया। धीरे-धीरे सहायक भूमिकाओं में पहचान बनाते हुए वे 1953 में फिल्म 'सुरंग' में बतौर अभिनेता नज़र आए।

इसके बाद उन्होंने 'काली टोपी लाल रुमाल', 'बारादरी', 'बसंत बहार', 'गेटवे ऑफ इंडिया', 'फैशन', 'बरसात की रात', 'अंगुलिमाल', 'रुस्तम-ए-बगदाद' और 'जहां आरा' जैसी कई उल्लेखनीय फिल्मों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

निर्माता-निर्देशक की भूमिका में

वर्ष 1964 में चंद्रशेखर वैद्य ने फिल्म 'चा चा चा' का निर्माण, निर्देशन और उसमें मुख्य भूमिका — तीनों एक साथ निभाए। इसके बाद 'स्ट्रीट सिंगर' का भी उन्होंने निर्माण और निर्देशन किया। 1960 के दशक के अंत तक जब मुख्य भूमिकाएँ कम होने लगीं, तो वे कुशलता से चरित्र अभिनेता (कैरेक्टर आर्टिस्ट) की भूमिका में आ गए — और इसी रूप में उन्होंने अपनी असली पहचान बनाई।

'रामायण' में आर्य सुमंत — अमिट छाप

रामानंद सागर की महाकाव्य श्रृंखला 'रामायण' में आर्य सुमंत के किरदार ने चंद्रशेखर वैद्य को घर-घर में पहचान दिलाई। गौरतलब है कि उन्होंने यह भूमिका 64 वर्ष की आयु में निभाई थी। राजा दशरथ के विश्वस्त मंत्री और सारथी के रूप में उनकी भावपूर्ण अदाकारी ने इस पात्र को अमर कर दिया। यह किरदार आज भी दर्शकों की स्मृति में उतना ही ताज़ा है।

उद्योग सेवा और अंतिम वर्ष

अभिनय के साथ-साथ चंद्रशेखर वैद्य ने फिल्म उद्योग के कर्मचारियों के हितों के लिए भी काम किया। वे 1985 से 1996 तक सिने आर्टिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे और इस दौरान कलाकारों एवं तकनीशियनों के कल्याण में सक्रिय भूमिका निभाई।

वर्ष 2000 में फिल्म 'खौफ' के बाद उन्होंने अभिनय से संन्यास ले लिया। सादगी भरा जीवन जीने वाले चंद्रशेखर वैद्य के पुत्र अशोक शेखर टेलीविजन प्रोड्यूसर हैं। उनका निधन हिंदी सिनेमा के एक ऐसे युग का अंत था जिसने संघर्ष, समर्पण और सादगी को एक साथ जिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सहायक कलाकारों को भी राष्ट्रीय स्तर पर अमर कर दिया — जो भारतीय टेलीविजन के इतिहास में शायद ही किसी और कार्यक्रम ने किया हो। उनका सिने आर्टिस्ट्स एसोसिएशन का नेतृत्व यह भी बताता है कि वे परदे से परे भी उद्योग के लिए सक्रिय रहे — एक ऐसा योगदान जिसे मुख्यधारा की श्रद्धांजलियाँ प्रायः नज़रअंदाज़ कर देती हैं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंद्रशेखर वैद्य कौन थे?
चंद्रशेखर वैद्य हिंदी सिनेमा के वरिष्ठ चरित्र अभिनेता थे, जिन्होंने 110 से अधिक फिल्मों में काम किया। उन्हें रामानंद सागर की 'रामायण' में 'आर्य सुमंत' की भूमिका के लिए सर्वाधिक याद किया जाता है।
चंद्रशेखर वैद्य का निधन कब हुआ?
चंद्रशेखर वैद्य का निधन 16 जून 2021 को 98 वर्ष की आयु में हुआ। उनका जन्म 7 जुलाई 1922 को तेलंगाना (तत्कालीन हैदराबाद) में हुआ था।
'रामायण' में चंद्रशेखर वैद्य ने कौन सा किरदार निभाया था?
उन्होंने रामानंद सागर की 'रामायण' में 'आर्य सुमंत' का किरदार निभाया था — जो राजा दशरथ के विश्वस्त मंत्री और सारथी थे। यह भूमिका उन्होंने 64 वर्ष की आयु में निभाई और यह उनके करियर की सबसे यादगार भूमिका बनी।
चंद्रशेखर वैद्य ने फिल्मी करियर की शुरुआत कैसे की?
उन्होंने 1950 में फिल्म 'बेबस' से जूनियर आर्टिस्ट के रूप में करियर शुरू किया। गायिका शमशाद बेगम की सिफारिश पर उन्हें पुणे के शालीमार स्टूडियो में पहला अवसर मिला था।
चंद्रशेखर वैद्य ने अभिनय के अलावा और क्या किया?
उन्होंने 1964 में फिल्म 'चा चा चा' का निर्माण, निर्देशन और उसमें मुख्य भूमिका निभाई। इसके अलावा वे 1985 से 1996 तक सिने आर्टिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे और फिल्म उद्योग के कर्मचारियों के कल्याण के लिए काम किया।
राष्ट्र प्रेस
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