24 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कंगना रनौत बोलीं — समय के साथ बदले सिनेमा, तभी दर्शकों से बना रहेगा जुड़ाव

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कंगना रनौत बोलीं — समय के साथ बदले सिनेमा, तभी दर्शकों से बना रहेगा जुड़ाव

सारांश

कंगना रनौत का मानना है कि फीस की बहस से बड़ा सवाल यह है कि सिनेमा समय के साथ बदल रहा है या नहीं। को-स्टार स्मिता तांबे के साथ उनकी फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' 12 जून 2026 को रिलीज़ होगी, जो आम लोगों की भावनाओं और संघर्षों पर केंद्रित है।

मुख्य बातें

अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री को नई पीढ़ी की पसंद के अनुसार खुद को बदलना होगा।
कंगना के अनुसार, जब फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप होती है तभी कलाकारों की फीस पर सवाल उठते हैं — यह स्वाभाविक प्रक्रिया है।
को-स्टार स्मिता तांबे ने कहा कि दर्शक तभी जुड़ते हैं जब उन्हें पर्दे पर अपनी ज़िंदगी की झलक दिखती है।
फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' महिलाओं, माँओं, नर्सों और कामकाजी लोगों के संघर्षों पर आधारित है।
फिल्म 12 जून 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने 9 जून 2026 को मुंबई में एक विशेष बातचीत में कहा कि भारतीय सिनेमा को समाज की बदलती नब्ज़ को पहचानना होगा, अन्यथा दर्शकों से उसका भावनात्मक रिश्ता टूट सकता है। उनके अनुसार, फिल्म इंडस्ट्री की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह नई पीढ़ी और नए दर्शकों की रुचि के अनुरूप खुद को लगातार प्रासंगिक बनाए रखे।

बड़े कलाकारों की फीस पर क्या बोलीं कंगना

जब उनसे पूछा गया कि क्या बड़े कलाकारों की भारी फीस फिल्मों के नुकसान की वजह बनती है, तो कंगना ने कहा, 'जब कोई फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं करती, तब उसके हर खर्च पर सवाल उठना शुरू हो जाता है। लोग यह देखने लगते हैं कि पैसा कहां और कितना खर्च किया गया। ऐसे समय में कलाकारों की फीस से लेकर फिल्म निर्माण के हर हिस्से पर चर्चा होती है।'

उन्होंने एक घरेलू उदाहरण से बात को और स्पष्ट किया — 'अगर किसी घर की आमदनी कम हो जाए, तो परिवार अपने खर्चों को भी कम करने की कोशिश करता है। लोग सोच-समझकर पैसा खर्च करते हैं और गैर ज़रूरी खर्चों पर रोक लगाते हैं। ठीक इसी तरह जब फिल्मों की कमाई कम होती है, तो इंडस्ट्री भी अपने खर्चों का हिसाब-किताब देखने लगती है। ऐसे में कलाकारों की फीस पर सवाल उठना स्वाभाविक बात है।'

सिनेमा में बदलाव क्यों ज़रूरी

कंगना ने ज़ोर देकर कहा कि फीस की बहस से कहीं बड़ा सवाल यह है कि फिल्में समय के साथ बदल रही हैं या नहीं। उनके शब्दों में — 'समाज तेज़ी से बदल रहा है, लोगों की सोच बदल रही है और मनोरंजन देखने का तरीका भी बदल चुका है। इसलिए फिल्म इंडस्ट्री को भी नई पीढ़ी और नए दर्शकों की पसंद को समझना होगा। अगर फिल्में खुद को लगातार बेहतर और प्रासंगिक बनाती रहेंगी, तभी वे दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित कर पाएंगी।'

को-स्टार स्मिता तांबे की राय

कंगना की आगामी फिल्म की को-स्टार स्मिता तांबे ने भी इस विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, 'हर इंसान किसी कहानी में अपने जीवन का कोई न कोई हिस्सा देखना चाहता है। दर्शक तब ज़्यादा प्रभावित होते हैं, जब उन्हें लगता है कि फिल्म की कहानी या किरदार उनके जैसे लोगों की बात कर रहे हैं। यही जुड़ाव किसी फिल्म को खास बनाता है।'

स्मिता ने अपनी आने वाली फिल्म का ज़िक्र करते हुए कहा, 'हमारी फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' की कहानी आम लोगों से जुड़ी हुई है। इसमें ऐसी महिलाओं, माँओं, नर्सों और कामकाजी लोगों की भावनाओं और संघर्षों को दिखाया गया है, जिनसे देश का एक बड़ा वर्ग खुद को जोड़ सकता है।'

फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' की रिलीज़ डेट

फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' 12 जून 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने जा रही है। यह फिल्म ऐसे समय में आ रही है जब हिंदी सिनेमा बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों से दोबारा जुड़ाव बनाने की कोशिश कर रहा है और आम जनजीवन पर केंद्रित कहानियों की माँग बढ़ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ ओटीटी के उभार और बदलते दर्शक व्यवहार ने पारंपरिक बॉलीवुड फॉर्मूले को चुनौती दी है। यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब कई बड़े बजट की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरीं और स्टार-पावर बनाम कंटेंट की बहस तेज़ हुई है। हालाँकि, यह साक्षात्कार उनकी आगामी फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' की रिलीज़ से ठीक पहले आया है, जो प्रमोशनल संदर्भ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। असली सवाल यह है कि क्या इंडस्ट्री इस 'बदलाव' को महज़ बयानबाज़ी से आगे ले जाकर ढाँचागत स्तर पर अपनाएगी।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कंगना रनौत ने सिनेमा में बदलाव को लेकर क्या कहा?
कंगना रनौत ने कहा कि समाज, लोगों की सोच और मनोरंजन देखने का तरीका तेज़ी से बदल रहा है, इसलिए फिल्म इंडस्ट्री को भी नई पीढ़ी की पसंद को समझना होगा। उनके अनुसार जो फिल्में खुद को प्रासंगिक बनाए रखेंगी, वही दर्शकों को आकर्षित कर पाएंगी।
कलाकारों की फीस पर कंगना का क्या रुख है?
कंगना ने कहा कि जब कोई फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं करती, तो उसके हर खर्च — जिसमें कलाकारों की फीस भी शामिल है — पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने इसकी तुलना एक परिवार से की जो कम आमदनी होने पर अपने खर्च घटाता है।
'भारत भाग्य विधाता' फिल्म कब रिलीज़ होगी?
फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' 12 जून 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। इसमें कंगना रनौत के साथ स्मिता तांबे भी मुख्य भूमिका में हैं।
'भारत भाग्य विधाता' किस तरह की कहानी है?
स्मिता तांबे के अनुसार, यह फिल्म आम लोगों — महिलाओं, माँओं, नर्सों और कामकाजी लोगों — की भावनाओं और संघर्षों पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य दर्शकों को पर्दे पर अपनी ज़िंदगी की झलक दिखाकर उनसे भावनात्मक जुड़ाव बनाना है।
स्मिता तांबे ने दर्शकों और फिल्मों के जुड़ाव पर क्या कहा?
स्मिता तांबे ने कहा कि हर इंसान किसी कहानी में अपने जीवन का कोई हिस्सा देखना चाहता है, और यही भावनात्मक जुड़ाव किसी फिल्म को खास बनाता है। जब दर्शक किरदारों में खुद को देखते हैं, तभी वे फिल्म से सच्चे अर्थों में जुड़ते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले