कंगना रनौत का शादी पर मजेदार खुलासा: 'स्मिता तांबे मेरे लिए लड़का ढूंढ रही हैं'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत इन दिनों अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' के प्रचार-प्रसार में सक्रिय हैं। 7 जून को एक विशेष इंटरव्यू में उन्होंने महिलाओं के करियर, शादी और समाज में उनकी भूमिका पर बेबाकी से अपने विचार रखे। इसी बातचीत में उनकी को-स्टार स्मिता तांबे ने उनसे शादी को लेकर सवाल पूछा, जिस पर कंगना ने एक मजेदार और दिलचस्प जवाब दिया।
स्मिता तांबे का सवाल और कंगना का चुटीला जवाब
बातचीत के दौरान स्मिता तांबे ने कहा कि कंगना उनके इस सवाल का जवाब नहीं दे रहीं कि वह शादी कब करेंगी। इस पर कंगना ने हँसते हुए कहा, 'हमारी बातचीत इस बारे में नहीं थी कि कौन अपनी ज़िंदगी में क्या कर रहा है। हम सामान्य तौर पर अपने जीवन के अनुभवों के बारे में बात कर रहे थे, लेकिन हाँ, स्मिता मेरे लिए रिश्ता ज़रूर ढूंढ रही हैं।' यह जवाब सुनकर मौजूद सभी लोग ठहाके लगाने पर मजबूर हो गए।
करियर को प्राथमिकता देने पर कंगना की बात
जब उनसे पूछा गया कि सफल महिलाएं शादी के फैसले में इतना समय क्यों लगाती हैं, तो कंगना रनौत ने इसे हर व्यक्ति की अलग जीवन-यात्रा बताया। उन्होंने कहा, 'मेरे साथ मौजूद को-स्टार्स में सभी शादीशुदा हैं और दो के बच्चे भी हैं, लेकिन हर किसी का अनुभव अलग होता है। जैसे गिरिजा बहुत कम उम्र में माँ बनी थीं, जो किसी के लिए भी बहुत मुश्किल परिस्थिति होती है।' उन्होंने स्पष्ट किया, 'मैं शादी के संस्थान में विश्वास रखती हूँ, लेकिन सच यह है कि लंबे समय तक शादी मेरी प्राथमिकता नहीं रही। मेरी प्राथमिकता हमेशा मेरा करियर रहा है।'
संघर्ष से सफलता तक का सफर
कंगना ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने सोलह या सत्रह साल की उम्र में काम शुरू किया था, लेकिन असली सफलता उन्हें 29 साल की उम्र में मिली — जब उन्होंने 'तनु वेड्स मनु' और 'क्वीन' जैसी फिल्में कीं। उन्होंने कहा, 'मेरे माता-पिता कहते थे, यह कैसी सोच है, लड़कियाँ ऐसे नहीं सोचतीं। लेकिन मुझे हमेशा लगता था कि मुझे अपने तरीके से आगे बढ़ना है।' यह बयान उनकी स्वतंत्र सोच और दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है।
नर्सों के सम्मान और समाज पर कंगना का नज़रिया
नर्सों के कम वेतन और कठिन कार्यपरिस्थितियों पर बात करते हुए कंगना ने कहा, 'जिस समाज में हर काम केवल आर्थिक लेन-देन बन जाता है, वह समाज धीरे-धीरे पतन की ओर चला जाता है।' उन्होंने घरेलू कामों का उदाहरण देते हुए कहा कि जब काम को केवल पैसों में आँका जाता है तो एक भावनात्मक बेचैनी होती है। उनका मानना है, 'अगर लोग काम का सम्मान करें, उसे भावनात्मक दृष्टि से देखें और उनके काम को आसान बनाने की कोशिश करें, तो देश की अर्थव्यवस्था अपने आप बढ़ने लगेगी।'
फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' और रिलीज़ डेट
फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' 2008 के मुंबई आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि पर आधारित है और कामा अस्पताल में घटी वास्तविक घटनाओं से प्रेरित बताई जा रही है। इसमें कंगना नर्स 'गीता माधव' की भूमिका निभा रही हैं। फिल्म में गिरिजा ओक, स्मिता तांबे, अमृता नामदेव, ईशा डे, प्रिया बेर्डे, आशा शेलार, सुहिता थट्टे, रसिका अगाशे, आदित्य मिश्रा और जाहिद खान भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन मनोज तापड़िया ने किया है और यह 12 जून को सिनेमाघरों में दस्तक देगी।