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वैभव सूर्यवंशी की तारीफ में कंगना रनौत बोलीं — 'देश के लिए वर्ल्ड कप लेकर आओ'

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वैभव सूर्यवंशी की तारीफ में कंगना रनौत बोलीं — 'देश के लिए वर्ल्ड कप लेकर आओ'

सारांश

15 साल में टीम इंडिया — सचिन से भी पहले। वैभव सूर्यवंशी की इस ऐतिहासिक दस्तक पर कंगना रनौत ने गजल की पंक्तियों से बधाई दी और वर्ल्ड कप जीतने की उम्मीद जताई। बॉलीवुड और क्रिकेट का यह संगम बताता है कि एक किशोर बल्लेबाज पहले ही पूरे देश की निगाहों का केंद्र बन चुका है।

मुख्य बातें

कंगना रनौत ने वैभव सूर्यवंशी को एक मशहूर गजल की पंक्तियों के जरिए बधाई दी और वर्ल्ड कप जीतने की उम्मीद जताई।
वैभव सूर्यवंशी ने 15 साल की उम्र में भारतीय टी20 टीम में जगह बनाई — सचिन तेंदुलकर ( 16 साल ) से भी कम उम्र में।
वैभव को भारतीय क्रिकेट इतिहास का सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी कहा जा रहा है।
कंगना ने कहा कि व्यस्तता के कारण क्रिकेट देखने का समय नहीं मिलता, लेकिन हर युवा खिलाड़ी को शुभकामनाएँ देती हैं।
कंगना ने यह भी बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया की कमान अपनी टीम से वापस लेकर खुद संभाल ली है।

बॉलीवुड अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद कंगना रनौत ने 15 वर्षीय युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट इतिहास में सबसे कम उम्र में टी20 टीम में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। कंगना ने एक इंटरव्यू में वैभव को एक मशहूर गजल की पंक्तियों के जरिए बधाई देते हुए उनसे देश के लिए वर्ल्ड कप जीतने की उम्मीद जताई।

कंगना ने क्या कहा

कंगना रनौत ने कहा, 'इतनी छोटी उम्र में टीम इंडिया में चयन होना बेहद गर्व की बात है। मुझे उम्मीद है कि वैभव आगे चलकर सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे महान खिलाड़ियों से भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे और वर्ल्ड कप घर लाएंगे।' इसी बातचीत में उन्होंने एक मशहूर गजल की ये पंक्तियाँ भी सुनाईं — 'ना उम्र की सीमा हो, ना जन्म का हो बंधन... जब प्यार करे कोई, तो देखे केवल मन... नई रीत चलाकर तुम, ये रीत अमर कर दो।'

वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक उपलब्धि

वैभव सूर्यवंशी का नाम भारतीय क्रिकेट के इतिहास में इसलिए दर्ज हो गया है क्योंकि उन्होंने 15 साल की उम्र में राष्ट्रीय टी20 टीम में जगह बनाई — यह उपलब्धि दिग्गज सचिन तेंदुलकर से भी कम उम्र में हासिल की गई है। गौरतलब है कि सचिन को 16 साल की उम्र में टीम इंडिया में पहला मौका मिला था। इसी वजह से वैभव को अब तक का सबसे युवा भारतीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर कहा जा रहा है।

खेल देखने का समय नहीं, लेकिन शुभकामनाएँ जरूर

जब कंगना से पूछा गया कि क्या उन्होंने वैभव को खेलते हुए देखा है, तो उन्होंने कहा, 'काम की व्यस्तता के चलते मुझे क्रिकेट देखने का ज्यादा समय नहीं मिल पाता। मैं हर उभरते हुए युवा खिलाड़ी को शुभकामनाएं देती हूं और चाहती हूं कि वे देश का नाम रोशन करें।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका मकसद किसी पर दबाव डालना नहीं, बल्कि खिलाड़ियों को प्रेरित करना है।

सोशल मीडिया की कमान वापस अपने हाथ में

इसी इंटरव्यू में कंगना रनौत ने खुलासा किया कि उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की जिम्मेदारी अपनी टीम से वापस क्यों ली। उन्होंने कहा, 'मुझे सोशल मीडिया पर लोगों से सीधे बात करना ज्यादा पसंद है। टीम द्वारा लिखे जाने वाले पोस्ट और कैप्शन इतने औपचारिकता से भरे होते थे कि ऐसा लगता था जैसे कोई व्यक्ति केवल जीवित रहने के लिए माफी मांग रहा हो।' उन्होंने कहा कि हर बात को जरूरत से ज्यादा सफाई देने वाले अंदाज में पेश करना उन्हें पसंद नहीं, इसीलिए उन्होंने सोशल मीडिया की कमान फिर से अपने हाथ में ले ली।

वैभव सूर्यवंशी की यह उपलब्धि देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है और क्रिकेट प्रेमियों के साथ-साथ फिल्मी हस्तियाँ भी उन्हें बधाई दे रही हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह युवा प्रतिभा अंतरराष्ट्रीय मंच पर किस तरह अपनी छाप छोड़ती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि हर बड़े चयन के बाद बॉलीवुड हस्तियों की प्रतिक्रियाएँ एक परिचित पैटर्न बन चुकी हैं — जिसमें असली क्रिकेट विश्लेषण कम और सेलिब्रिटी जुड़ाव अधिक होता है। कंगना की शुभकामनाएँ सौहार्दपूर्ण हैं, पर 'सचिन और कोहली से बेहतर' जैसी तुलना एक 15 वर्षीय खिलाड़ी पर अनावश्यक अपेक्षाओं का बोझ डाल सकती है। मीडिया और सेलिब्रिटी सर्कल की यह प्रवृत्ति — युवा प्रतिभाओं को तुरंत 'अगला सचिन' घोषित कर देना — अक्सर उनके विकास पर दबाव बढ़ाती है, न कि उसे सहज बनाती है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वैभव सूर्यवंशी कौन हैं और उन्होंने क्या उपलब्धि हासिल की है?
वैभव सूर्यवंशी एक भारतीय युवा बल्लेबाज हैं जिन्होंने 15 साल की उम्र में भारतीय टी20 टीम में जगह बनाई है। यह उपलब्धि सचिन तेंदुलकर (16 साल) से भी कम उम्र में हासिल हुई है, जिससे वे भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बन गए हैं।
कंगना रनौत ने वैभव सूर्यवंशी के बारे में क्या कहा?
कंगना रनौत ने कहा कि इतनी छोटी उम्र में टीम इंडिया में चयन बेहद गर्व की बात है और उन्हें उम्मीद है कि वैभव सचिन तेंदुलकर व विराट कोहली से भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे और वर्ल्ड कप घर लाएंगे। उन्होंने एक मशहूर गजल की पंक्तियाँ सुनाकर भी बधाई दी।
वैभव सूर्यवंशी की तुलना सचिन तेंदुलकर से क्यों की जा रही है?
सचिन तेंदुलकर को 16 साल की उम्र में टीम इंडिया में पहला मौका मिला था, जबकि वैभव सूर्यवंशी को यह अवसर 15 साल में मिला है। इसी एक साल की बढ़त के कारण वैभव को भारतीय क्रिकेट इतिहास का सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी कहा जा रहा है।
कंगना रनौत ने अपना सोशल मीडिया खुद क्यों संभाला?
कंगना रनौत के अनुसार उनकी टीम के पोस्ट और कैप्शन अत्यधिक औपचारिक और सफाई देने वाले अंदाज में होते थे, जो उन्हें पसंद नहीं आते थे। इसी वजह से उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की जिम्मेदारी वापस अपने हाथ में ले ली ताकि वे सीधे लोगों से जुड़ सकें।
क्या कंगना रनौत ने वैभव सूर्यवंशी को खेलते हुए देखा है?
कंगना रनौत ने बताया कि काम की व्यस्तता के कारण उन्हें क्रिकेट देखने का ज्यादा समय नहीं मिलता। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे हर उभरते युवा खिलाड़ी को शुभकामनाएँ देती हैं और उनका उद्देश्य प्रेरित करना है, न कि दबाव डालना।
राष्ट्र प्रेस
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