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केरल बजट 2026-27: मलयालम सिनेमा के लिए ₹100 करोड़ का पैकेज, मोहनलाल बोले— 'वैश्विक पहचान मिलेगी'

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केरल बजट 2026-27: मलयालम सिनेमा के लिए ₹100 करोड़ का पैकेज, मोहनलाल बोले— 'वैश्विक पहचान मिलेगी'

सारांश

केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने बजट 2026-27 में मलयालम सिनेमा के लिए ₹100 करोड़ का विशेष पैकेज घोषित किया — कोच्चि में फिल्म सिटी, एंटी-पायरेसी सेल और उद्योग दर्जे पर विचार। मोहनलाल ने इसे 'वैश्विक पहचान की दिशा में ऐतिहासिक कदम' बताया।

मुख्य बातें

केरल मुख्यमंत्री वी.
सतीशन ने बजट 2026-27 में मलयालम सिनेमा के लिए ₹100 करोड़ के विशेष पैकेज की घोषणा की।
डेनियल इंटरनेशनल फिल्म सिटी, चित्रनगरम स्थापित होगी; फिल्म पायरेसी रोकने हेतु एंटी-पायरेसी सेल बनेगा।
सिनेमा को औपचारिक उद्योग दर्जा देने और अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के लिए स्थायी स्थल बनाने पर विचार होगा।
वासुदेवन नायर सांस्कृतिक पार्क के लिए ₹50 करोड़ ; त्रिशूर में जॉनसन मास्टर संगीत अकादमी के लिए ₹5 करोड़ आवंटित।
अभिनेता सलीम कुमार की स्मृति में स्मारक निर्माण हेतु ₹1 करोड़ का प्रावधान।
अभिनेता मोहनलाल ने घोषणाओं का स्वागत करते हुए इसे फिल्म इंडस्ट्री को 'नई ताकत और वैश्विक पहचान' देने वाला कदम बताया।

केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने अपने पहले बजट 2026-27 में मलयालम फिल्म उद्योग के लिए ₹100 करोड़ के विशेष पैकेज की घोषणा की है, जिसका लक्ष्य मलयालम सिनेमा को एक संगठित और आधुनिक उद्योग के रूप में स्थापित करना है। इस ऐतिहासिक पहल का स्वागत करते हुए दिग्गज अभिनेता मोहनलाल ने कहा कि यह कदम फिल्म जगत को नई ऊर्जा, विकास के अवसर और वैश्विक पहचान दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

बजट में क्या-क्या शामिल है

मुख्यमंत्री सतीशन, जो राज्य के वित्त मंत्री का दायित्व भी संभाल रहे हैं, ने घोषणा की कि कोच्चि में जे.सी. डेनियल इंटरनेशनल फिल्म सिटी, चित्रनगरम की स्थापना की जाएगी। यह परियोजना मलयालम सिनेमा को अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

सतीशन ने कहा, 'सरकार सिनेमा को औपचारिक रूप से उद्योग का दर्जा देने की माँग पर भी विचार करेगी।' इसके अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के लिए एक स्थायी स्थल तैयार किया जाएगा और फिल्म पायरेसी से निपटने हेतु मजबूत एंटी-पायरेसी सेल गठित किए जाएँगे। देश-विदेश की बड़ी फिल्म निर्माण कंपनियों को केरल में शूटिंग के लिए आकर्षित करना भी इस पैकेज का अहम हिस्सा है।

मोहनलाल की प्रतिक्रिया

इन घोषणाओं का स्वागत करते हुए अभिनेता मोहनलाल ने कहा कि यह निर्णय मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा सहारा साबित होगा। उनके अनुसार इससे न केवल फिल्म निर्माताओं को लाभ मिलेगा, बल्कि सिनेमा से जुड़े हज़ारों कलाकारों, तकनीशियनों और अन्य कर्मचारियों को भी नए अवसर प्राप्त होंगे। मोहनलाल ने मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन और संस्कृति मंत्री पी. सी. विष्णुनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल लंबे समय से चली आ रही माँग को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

संस्कृति और साहित्य को भी विशेष महत्व

बजट में सिनेमा के साथ-साथ केरल की सांस्कृतिक विरासत को भी प्राथमिकता दी गई है। कोझिकोड में एम. टी. वासुदेवन नायर सांस्कृतिक पार्क की स्थापना के लिए ₹50 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इस पार्क में पुस्तकालय, आधुनिक थिएटर, कला दीर्घा, इतिहास संग्रहालय और साहित्य एवं भाषा संग्रहालय जैसी सुविधाएँ विकसित की जाएँगी।

इसके अलावा कथकली, कूडियाट्टम, थेय्यम, थुल्लल, ओप्पना, मप्पिलापट्टू, मार्गमकली और जनजातीय कला रूपों को इस परियोजना के माध्यम से संरक्षित और प्रदर्शित किया जाएगा।

दिग्गज हस्तियों को सम्मान

सरकार ने मलयालम सिनेमा और संगीत जगत की महान हस्तियों को सम्मानित करने की भी घोषणा की है। प्रसिद्ध संगीतकार जॉनसन मास्टर की स्मृति में त्रिशूर में एक संगीत अकादमी स्थापित की जाएगी, जिसके लिए ₹5 करोड़ निर्धारित किए गए हैं। वहीं, लोकप्रिय अभिनेता सलीम कुमार की याद में एक स्मारक के निर्माण हेतु ₹1 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब मलयालम सिनेमा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी दमदार कहानियों और बेहतरीन निर्देशन के दम पर नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। गौरतलब है कि उद्योग का दर्जा मिलने से निर्माताओं को संस्थागत वित्तपोषण और नीतिगत सुरक्षा दोनों मिल सकती है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन की दिशा में सरकार की अगली कार्ययोजना पर फिल्म उद्योग की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — फिल्म सिटी जैसी बड़ी परियोजनाएँ अक्सर भूमि अधिग्रहण और नौकरशाही अड़चनों में उलझ जाती हैं। उद्योग दर्जे की माँग वर्षों पुरानी है; बजट में 'विचार करेंगे' की भाषा ठोस प्रतिबद्धता से कम है। मलयालम सिनेमा की अंतरराष्ट्रीय सफलता पहले से ही जारी है — सवाल यह है कि सरकारी ढाँचा उस गति को बाधित न करे। एंटी-पायरेसी सेल की घोषणा सराहनीय है, पर डिजिटल युग में इसकी प्रभावशीलता तकनीकी क्षमता और कानूनी तेज़ी पर निर्भर करेगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल बजट 2026-27 में मलयालम सिनेमा के लिए क्या घोषणाएँ की गई हैं?
केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने बजट 2026-27 में मलयालम फिल्म उद्योग के लिए ₹100 करोड़ के विशेष पैकेज की घोषणा की है। इसमें कोच्चि में जे.सी. डेनियल इंटरनेशनल फिल्म सिटी, एंटी-पायरेसी सेल, अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के लिए स्थायी स्थल और सिनेमा को उद्योग दर्जा देने पर विचार शामिल है।
मोहनलाल ने केरल बजट की घोषणाओं पर क्या कहा?
अभिनेता मोहनलाल ने घोषणाओं का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय मलयालम फिल्म इंडस्ट्री को नई ताकत और वैश्विक पहचान दिलाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन और संस्कृति मंत्री पी. सी. विष्णुनाथ का आभार व्यक्त किया और कहा कि इससे हज़ारों कलाकारों व तकनीशियनों को नए अवसर मिलेंगे।
जे.सी. डेनियल इंटरनेशनल फिल्म सिटी, चित्रनगरम क्या है और यह कहाँ बनेगी?
जे.सी. डेनियल इंटरनेशनल फिल्म सिटी, चित्रनगरम केरल सरकार की एक प्रस्तावित परियोजना है जो कोच्चि में स्थापित की जाएगी। इसका उद्देश्य मलयालम सिनेमा को आधुनिक तकनीकी सुविधाएँ उपलब्ध कराना और देश-विदेश की फिल्म निर्माण कंपनियों को केरल में शूटिंग के लिए आकर्षित करना है।
एम. टी. वासुदेवन नायर सांस्कृतिक पार्क के लिए कितना बजट रखा गया है और इसमें क्या होगा?
कोझिकोड में एम. टी. वासुदेवन नायर सांस्कृतिक पार्क के लिए ₹50 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इसमें पुस्तकालय, आधुनिक थिएटर, कला दीर्घा, इतिहास संग्रहालय, साहित्य एवं भाषा संग्रहालय के साथ-साथ कथकली, कूडियाट्टम और थेय्यम जैसी पारंपरिक कलाओं का संरक्षण और प्रदर्शन भी होगा।
केरल बजट में मलयालम सिनेमा की दिग्गज हस्तियों को कैसे सम्मानित किया गया है?
सरकार ने संगीतकार जॉनसन मास्टर की स्मृति में त्रिशूर में ₹5 करोड़ की लागत से एक संगीत अकादमी स्थापित करने की घोषणा की है। इसके अलावा अभिनेता सलीम कुमार की याद में ₹1 करोड़ की लागत से एक स्मारक बनाया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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