कुमुद मिश्रा की वजह से 'सतरंगी' में आए अंशुमन पुष्कर, बोले- 'उनके साथ सेट पर काम करना पाठशाला है'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता अंशुमन पुष्कर आगामी क्राइम-रिवेंज थ्रिलर वेब सीरीज 'सतरंगी – बदले का खेल' में बबलू महतो और लल्ली की दोहरी भूमिका में नज़र आएंगे। अंशुमन ने खुलासा किया कि इस प्रोजेक्ट के लिए हामी भरने की सबसे बड़ी वजह वरिष्ठ अभिनेता कुमुद मिश्रा की इस सीरीज में मौजूदगी थी।
कुमुद मिश्रा ने बदला फैसला
अंशुमन ने बताया, 'जब मेरे पास इस प्रोजेक्ट का ऑफर आया, तो हां कहने की सबसे बड़ी वजह ही कुमुद थे। मेरा खुद का बैकग्राउंड थिएटर से रहा है और मैं सालों से उनके काम का बड़ा प्रशंसक हूं। उनके साथ सेट पर काम करना मेरे लिए एक पाठशाला की तरह रहा, जहाँ बहुत कुछ सीखने को मिला।' अंशुमन ने यह भी कहा कि कुमुद मिश्रा एक बेहतरीन कलाकार होने के साथ-साथ दरियादिल इंसान भी हैं, और उनके साथ काम करना किसी खूबसूरत सफर का आनंद लेने जैसा अनुभव रहा।
दर्शकों से भावनात्मक जुड़ाव की उम्मीद
सीरीज में दिखाई जाने वाली परिस्थितियों पर अंशुमन ने कहा, 'मुझे पूरी उम्मीद है कि दर्शक इस कहानी से भावनात्मक रूप से ज़रूर जुड़ेंगे, क्योंकि इसमें जिस तरह की परिस्थितियाँ और घटनाएँ दिखाई गई हैं, वे हमारी असल ज़िंदगी से जुड़ी हैं। अगर दर्शक इन सच्चाइयों को महसूस कर पाते हैं, तो ज़रूर कनेक्ट कर पाएंगे।' यह सीरीज क्राइम और बदले की भावना को केंद्र में रखकर बनाई गई है, जो दर्शकों को एक यथार्थवादी सामाजिक परिवेश से रूबरू कराएगी।
लौंडा नाच पर समाज के नज़रिए पर बेबाकी
बातचीत के दौरान अंशुमन ने उत्तर प्रदेश और बिहार में प्रचलित लौंडा नाच की कला और उसके कलाकारों के प्रति समाज के नज़रिए पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, 'यह बेहद दुखद है कि लौंडा नाच करने वाले को आज भी वह इज्जत नहीं मिलती। उन्हें अक्सर कलाकार मानने के बजाय अश्लील मनोरंजन करने वाला समझा जाता है, लेकिन उनकी ज़िंदगी बहुत मुश्किल होती है।' अंशुमन ने जोड़ा कि इस कला के अधिकांश कलाकार आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े तबकों से आते हैं, जहाँ जीवन-यापन ही अपने आप में एक संघर्ष है। उनका मानना है कि अगर इस कला को उचित पहचान और सम्मान मिलता, तो समाज इसे बिल्कुल अलग दृष्टिकोण से देखता।
किरदार में डूबने का अनुभव
जब अंशुमन से पूछा गया कि क्या एक अभिनेता के तौर पर उनके लिए अभिनय और असलियत के बीच की सीमा कभी धुंधली हुई, तो उन्होंने कहा, 'असल में एक एक्टर के लिए यह सबसे बेहतरीन एहसास होता है। जब आप किसी किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाते हैं, तो आपके और उस किरदार के बीच की सीमाएँ धुंधली होने लगती हैं।' थिएटर की पृष्ठभूमि से आए अंशुमन के लिए यह दोहरी भूमिका उनके करियर की एक अहम चुनौती मानी जा रही है। 'सतरंगी – बदले का खेल' जल्द ही दर्शकों के सामने आएगी।