'सतरंगी- बदले का खेल': पहचान और परंपरा की अनकही कहानी
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। वर्तमान समय में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर ऐसी कहानियों की आवश्यकता बढ़ रही है, जो केवल मनोरंजन का साधन न हों, बल्कि समाज के अनदेखे पहलुओं को भी उजागर करें। इसी संदर्भ में एक नया शो 'सतरंगी- बदले का खेल' सुर्खियों में है। यह शो उत्तर प्रदेश के एक ग्रामीण परिवेश में आधारित है, जहाँ परंपराएँ और सामाजिक मान्यताएँ लोगों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालती हैं।
कहानी का केंद्र बबलू महतो नामक पात्र है, जिसे अभिनेता अंशुमान पुष्कर ने निभाया है। बबलू एक लौंडा डांसर के बेटे के रूप में बड़ा होता है, और परिस्थितियों के कारण उसे अपने पिता के पेशे को अपनाना पड़ता है। इस पेशे को समाज में अक्सर गलत नजरिए से देखा जाता है, जिससे बबलू को कई चुनौतियों और तिरस्कार का सामना करना पड़ता है।
इस पात्र के माध्यम से शो समाज में मौजूद पूर्वाग्रहों और भेदभाव को उजागर करता है। बबलू का जीवन एक संघर्षशील इंसान की कहानी है, जो अपनी पहचान, सम्मान और स्थान के लिए लड़ाई करता है। उसके जीवन में रिश्तों की जटिलताएँ, समाज का दबाव और भीतर चल रहा गुस्सा कहानी को और गहरा बनाता है।
शो में अभिनेत्री महवश भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को अपने करियर का एक अनोखा अनुभव बताया। महवश ने कहा, "इस शो का स्वरूप वास्तविक और गंभीर है, जिसने मुझे अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकालकर काम करने का अवसर दिया। इस किरदार ने मुझे एक कलाकार के रूप में और बेहतर समझने की क्षमता दी है।"
महवश ने आगे कहा, "इस तरह की कहानी में काम करना मेरे लिए बहुत संतोषजनक रहा। इस शो के माध्यम से मैंने अपने अभिनय के नए आयाम खोजे और सीखे।"
वहीं, अंशुमान पुष्कर ने अपने किरदार के बारे में कहा, "यह मेरे लिए एक बेहद खास अनुभव रहा। लौंडा डांसर की दुनिया को अक्सर लोग गलत समझते हैं और उसे कमतर आंकते हैं। ऐसे में इस किरदार को ईमानदारी से निभाना मेरे लिए एक बड़ी जिम्मेदारी थी।"
उन्होंने कहा, "मुझे इस किरदार को अंदर से महसूस करना पड़ा, तभी मैंने एक सच्चा और वास्तविक प्रदर्शन प्रस्तुत किया। इस तरह की अनोखी कहानी में मुख्य भूमिका निभाना मेरे करियर के सबसे यादगार अनुभवों में से एक है।"
'सतरंगी - बदले का खेल' जल्द ही ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर स्ट्रीम होने वाला है।